Misha Agrawal Death: 25 साल की इन्फ्लुएंसर मीशा अग्रवाल का निधन, बर्थडे से 2 दिन पहले हुई मौत; सदमे में फैंस
Misha Agrawal Death: डिजिटल क्रिएटर जगत की जानी-मानी कंटेंट क्रिएटर और फेमस सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर मीशा अग्रवाल का दुखद निधन हो गया है। मीशा अग्रवाल के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनके परिवार द्वारा एक नोट शेयर किया गाया है जिसमें उनके निधन की जानकारी दी गई है। मीशा का दुखद निधन उनके 25वें जन्मदिन से ठीक 2 दिन पहले हुआ। उनका निधन कैसे हुआ फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
मीशा अग्रवाल का निधन
अपने सर्कास्टिक जोक्स और व्ंयग भरे वीडियो से फैंस के बीच लोकप्रिय होने वालीं मीशा के निधन की खबर से उनका परिवार और फैंस सदमे में हैं। फैंस को मीशा के निधन की खबर पर यकीन नहीं हो रहा है। बता दें, उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर 3.42 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। उनके इंस्टाग्राम हैंडल पर निधन की जानकारी वाला पोस्ट वायरल हो चुका है। फैंस सवाल कर रहे हैं कि आखिर अचानक ये हादसा कैसे हुआ?
मीशा के निधन की खबर आने के एक दिन बाद 25 अप्रैल को उनके परिवार ने उनके इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर एक पोस्ट शेयर किया। इस नोट में लिखा है- "26 अप्रैल 2000 - 24 अप्रैल 2025। हम बहुत भारी मन से मीशा अग्रवाल के निधन की दुखद खबर साझा कर रहे हैं। आपने उन्हें और उनके काम को जो प्यार और समर्थन दिया, उसके लिए आपका धन्यवाद। हम अभी भी इस भारी नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। कृपया उन्हें अपनी याद में रखें और उनकी आत्मा को अपने दिलों में संजोए रखें।"
मीशा के निधन से फैंस हुए शॉक्ड
अब तक मीशा अग्रवाल के माता-पिता या परिवार के किसी भी सदस्य ने उनकी मौत के कारण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। इससे उनके फैंस और फॉलोअर्स भ्रम में हैं और दुख जता रहे हैं। पोस्ट के लाइव होने के कुछ ही समय के अंदर इंटरनेट पर यूजर्स ने हैरानी जताते हुए कई सवाल किए। कई लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं। कुछ का कहना है कि ये कोई सोशल मीडिया एक्सपेरिमेंट हो सकता है क्योंकि वह अपना 25वां बर्थडे मनाने वाली हैं।
एक्ट्रेस पारुल गुलाटी ने अविश्वास जताते हुए पोस्ट पर कमेंट कर लिखा, "आज उसका जन्मदिन है... प्लीज मुझे बताएं कि यह पोस्ट उनके पुनर्जन्म जैसा जोक के बारे में है, क्योंकि अब वह 25 साल की हो जाएंगी, प्लीज हमें बताएं कि क्या हो रहा है।"
मुस्लिम समाज ने फरीदाबाद में निकाला कैंडल मार्च : पहलगाम हमले की निंदा कर आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की
मुस्लिम समाज ने फरीदाबाद में निकाला कैंडल मार्च : फरीदाबाद के बड़खल में गुरुवार रात को मुस्लिम समाज के लोगों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों की याद में कैंडल मार्च निकाला। इस मार्च में स्थानीय लोग मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर एकजुट हुए और आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज उठाई।
देश पहले, धर्म बाद में: कैंडल मार्च में भागी मुस्लिम महिलाएं
इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने आतंकवादियों द्वारा की गई इस कायराना हरकत की कड़ी निंदा की और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सभी को एकजुट होना होगा। इस मार्च में शामिल महिला सदस्य फरीदाबाद निवासी शाइस्ता ने कहा, “जब हमले के बाद की वीडियो और रोते बिलखते बच्चों और महिलाओं की तस्वीरें सामने आईं, तो दिल दहल गया। हमें इस तरह के आतंकवाद को जड़ से खत्म करना होगा। यह इंसानियत के खिलाफ है।”
मुस्लिम समाज ने की आतंकवाद के खिलाफ आवाज़ उठाने की अपील
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां और मोमबत्तियां लेकर आतंकवाद के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा कि उनका धर्म बाद में आता है, लेकिन भारत उनकी पहचान है और देश सबसे पहले आता है। मोहसिन खान, जो इस कैंडल मार्च के आयोजकों में से थे, ने कहा, "भारत हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है, और हमने हमेशा देश के लिए अपना योगदान दिया है। जिन लोगों ने धर्म के नाम पर गोली चलाई, वे इंसान नहीं, बल्कि हैवान हैं।"
आतंकवादियों को मिले सख्त सजा की मांग
मुस्लिम समाज ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवादियों को सख्त सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को ढूंढकर उन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए। मोहसिन ने आगे कहा कि जब देश की सुरक्षा की बात आती है, तो हर भारतीय मुसलमान अपने खून से इसका रक्षा करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम हमले के दौरान एक स्थानीय मुस्लिम युवक ने आतंकियों से लड़ने की कोशिश की थी, लेकिन आतंकियों ने उसे भी गोली मार दी। यह उदाहरण दर्शाता है कि देश के लिए हर कोई अपने प्राणों की आहुति देने को तैयार है।
कैंडल मार्च ने दिखाई एकता की ताकत
कैंडल मार्च के आयोजक और स्थानीय निवासी मोहसिन खान ने कहा- हमारे लिए देश सबसे पहले है और धर्म बाद में। आज की यह कैंडल मार्च इस बात का प्रतीक है कि हम आतंकवादियों के खिलाफ एकजुट हैं। हमारी आवाज को सरकार तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। हम चाहते हैं कि सरकार इस हमले के जिम्मेदार आतंकवादियों को ढूंढे और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दे। मार्च के दौरान लोगों ने न केवल आतंकी हमले की कड़ी निंदा की, बल्कि देश की एकता और अखंडता को भी मजबूत करने का संकल्प लिया। लोगों ने इस कायराना हमले के दोषियों को तुरंत सजा दिलाने की मांग की और कहा कि आतंकवाद को समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।
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