नीम हेयर थेरेपी: बार-बार रूसी कर रही परेशान, ट्राई करें आयुर्वेद में लिखी ये थेरेपी
नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। हर बदलते मौसम के साथ बालों और त्वचा को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बालों का झड़ना और बार-बार रूसी का लौट आना सबसे बड़ी परेशानी है। बार-बार रूसी आना सिर्फ एक आम समस्या नहीं, बल्कि स्कैल्प में पोषण की कमी का कारण है। बार-बार लौटती रूसी, खुजली, सफेद परत, बालों का झड़ना और स्कैल्प इंफेक्शन की वजह से बाल जड़ों से कमजोर हो जाते हैं और तेजी से झड़ने लगते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन सभी परेशानियों का हल एक सिर्फ प्राकृतिक उपाय में छिपा है और वो है नीम।
आयुर्वेद में इस समस्या का गहरा और जड़ से उपचार छिपा है, जिसे नीम हेयर थेरेपी के नाम से जाना जाता है। स्किन और शरीर की सेहत के लिए कड़वे नीम के लाभ सभी जानते हैं, लेकिन नीम थेरेपी बालों में भी जान डाल सकती है। नीम को आयुर्वेद में “सर्वरोगनिवारिणी” कहा गया है और इसकी कड़वाहट ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है, जो बैक्टीरिया, फंगस और सूजन को कम करने में मदद करती है।
बालों को जड़ों से मजबूत बनाने के लिए आयुर्वेद में नीम को लेकर कई उपाय बताए गए हैं, और पहला है नीम काढ़ा हेयर रिंस। इसके लिए नीम के पत्ते पानी में उबालें और ठंडा होने पर छान लें। सिर को शैम्पू से धोने के बाद नीम से बने हेयर रिंस का इस्तेमाल करें। इससे खुजली में राहत मिलेगी और स्कैल्प भी क्लीन होगी।
दूसरा उपचार है नीम-नारियल तेल उपचार। इसके लिए नीम पत्तों को सुखाकर नारियल तेल में पकाएं और छान कर एक जार में भर लें। इस तेल को हफ्ते में दो बार अपने बालों में लगाएं और बाद में बालों को शैम्पू से धो लें। इससे स्कैल्प पर मौजूद बैक्टीरिया खत्म होंगे और जड़ों तक बालों को पोषण मिलेगा।
तीसरा उपचार है नीम पाउडर हेयर मास्क। इसके लिए नीम पाउडर, दही, और थोड़ा एलोवेरा जेल को एक साथ मिला लें और फिर अपने बालों में लगाएं। आधे घंटे बाद सूख जाने पर बालों को धो लें। यह बालों को कंडीशन करेगा और रूसी को भी कम करने में मदद करेगा।
चौथा और आखिरी उपाय है नीम और मेथी का संयुक्त पैक। इसके लिए भीगी हुई मेथी को नीम की धुली हुई पत्तियों के साथ पीस कर पैक तैयार कर लें और सीधा अपने बालों पर लगाएं। ये पैक रूसी और हेयर फॉल को कम करने में मदद करेगा और स्कैल्प पर मौजूद बैक्टीरिया को भी कम करेगा।
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टोक्यो में 'यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो' आयोजित, सीएम योगी ने जापान के उद्यमियों को दिया निवेश का न्योता
टोक्यो/लखनऊ, 25 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में दुनिया के बड़े निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के बाद जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे। यहां आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां के उद्योगपतियों और निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज सुरक्षित माहौल, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़ी बाजार क्षमता और युवा कार्यबल के कारण निवेश के लिए भारत का सबसे बेहतर राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योगपतियों से उत्तर प्रदेश आने, निवेश करने और प्रदेश के आध्यात्मिक स्थलों का अनुभव लेने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी में निवेश के माध्यम से भारत-जापान औद्योगिक सहयोग भविष्य में ज्यादा मजबूत होगा।
जापान को लैंड ऑफ द सनराइज बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस पावन धरा को नमन करता हूं। उत्तर प्रदेश सूर्यवंश के राजा भगवान श्रीराम की पावन जन्मस्थली है। यही नहीं, भगवान बुद्ध की पावन कर्मभूमि भी उत्तर प्रदेश ही है। भगवान बुद्ध से जुड़े विश्व के सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थल कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कौशांबी, सहित अनेक पवित्र स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रामायण सर्किट एवं बौद्ध सर्किट को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा रहा है, जिससे स्पिरिचुअल टूरिज्म को नई गति मिली है। जब भगवान राम और भगवान बुद्ध की बात होती है, तो यह सूर्यवंश की उस महान परंपरा से जुड़ती है, जिसकी प्रथम किरण का उदय जापान की धरती पर होता है। इसी सांस्कृतिक आत्मीयता के साथ मैं आप सभी का स्वागत करता हूं।
सीएम योगी ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही बड़ी चुनौतियां हैं और उतनी ही विशाल संभावनाएं भी हैं। पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है। जो राज्य कभी बीमारू कहा जाता था, वह आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है। देश की केवल 11 प्रतिशत कृषि भूमि होने के बावजूद उत्तर प्रदेश देश का करीब 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है। इससे फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और एग्री लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास भरपूर मीठा जल संसाधन है, जिसका उपयोग कृषि के साथ ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए क्षेत्रों में किया जा सकता है। राज्य की 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जिससे उद्योगों को पर्याप्त और कुशल मानव संसाधन मिलता है। पिछले वर्षों में प्रदेश में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश में है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। मैं जापान के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करता हूं कि वे यूपी में इन परियोजनाओं में भागीदारी करें।
उन्होंने जापान के उद्यमियों को विशेष रूप से यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल सिटी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं तथा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जल्द शुरू होने वाला है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ही जापानी निवेशकों के लिए जापान इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जा रही है। इसके लिए 500 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है। इसका उद्देश्य है कि जापानी उद्योग एक ही स्थान पर क्लस्टर के रूप में निवेश कर सकें। यहां उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश इसलिए सुरक्षित है क्योंकि यहां स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड चारों उपलब्ध हैं। भारत के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। हाल ही में नोएडा क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखी गई है। प्रदेश के पास 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। झांसी के पास बुंदेलखंड क्षेत्र में 56,000 एकड़ में नया औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 40 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। लगभग 15 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और 7 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रक्रिया में है। उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। नई इकाइयों को 1,000 दिनों तक कई तरह की एनओसी से छूट दी जाती है, ताकि उद्योग आसानी से शुरू हो सकें।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं। निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसी सिंगल विंडो व्यवस्था से निवेश प्रक्रिया सरल हुई है। बेहतर कानून-व्यवस्था और पारदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अग्रणी राज्यों में शामिल है। पिछले वर्ष प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक आए, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, हेरिटेज और स्पिरिचुअल टूरिज्म में निवेश के अवसर बढ़े हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल मोबिलिटी, डीप टेक, फिनटेक, मेडटेक और सर्विस सेक्टर में भी निवेश की संभावनाएं हैं।
--आईएएनएस
एसके/एबीएम
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