ये हैं टी-20 विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज, टॉप पर है पाकिस्तानी बल्लेबाज
T20 world cup 2026 रोमांचक अंदाज में आगे बढ़ रहा है. बल्ले और गेंद के बीच कांटे की टक्कर वाला मुकाबला देखने को मिल रहा है. बल्ले और गेंद के बीच कांटे की टक्कर हो रही है. मैदान पर छक्के-चौकों की जमकर बारिश को हो रही है. तो आइए इस आर्टिकल में आपको उन टॉप-5 बल्लेबाजों के बारे में बताते हैं, जिन्होंने अब तक इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं. आपको बता दें, इस लिस्ट में एक भी भारतीय बल्लेबाज का नाम शामिल नहीं है. सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव हैं, जिन्होंने अब तक 180 रन बनाए हैं.
साहिबजादा फरहान
टी-20 विश्व कप 2026 में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड साहिबजादा फरहान के नाम पर है. फरहान ने इस टूर्नामेंट में अब तक 6 मैचों की 5 पारियों में 158.10 की स्ट्राइक रेट और 70.75 के औसत से 283 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 2 अर्धशतक लगाए हैं.
शिमरॉन हेटमायर
इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर शिमरॉन हेटमायर का नाम आता है. हेटमायर ने 5 मैच की 5 पारियों में 185.59 की स्ट्राइक रेट और 54.75 के औसत से 219 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 2 अर्धशतक लगाए हैं.
पुथुम निसंका
श्रीलंका के स्टार बल्लेबाज पुथुम निसंका का नाम तीसरे नंबर पर आता है. लंकाई टीम ने 5 मैचों की 5 पारियों में उन्होंने 154.07 की स्ट्राइक रेट और 52 के औसत से 208 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक लगाया है.
हैरी ब्रूक
टी-20 विश्व कप 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में चौथे नंबर पर आता है. इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज और कप्तान ब्रूक ने टूर्नामेंट में अब तक 6 मैचों में 172.64 की स्ट्राइक रेट और 33.66 के औसत से 202 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक लगाया है.
We have our first semi-finalists! ❤️
— Star Sports (@StarSportsIndia) February 24, 2026
Which three teams will join England in the final four? ????
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कुसल मेंडिस
इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर श्रीलंकाई बल्लेबाज कुसल मेंडिस का नाम आता है. मेंडिस ने 5 मैचों की 5 पारियों में 124 की स्ट्राइक रेट और 46.50 के औसत से 186 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 3 फिफ्टी लगाई हैं.
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अंतरिक्ष में फिर दिखा चीन का ये रहस्यमयी 'भूतिया विमान', जानिए दुनिया की नजरों से दूर क्यों रहा यह मिशन?
चीन ने एक बार फिर अपने बेहद गोपनीय री-यूजेबल स्पेस प्लेन को अंतरिक्ष में वापस भेज दिया है. इस स्पेसक्राफ्ट को वैज्ञानिक दुनिया में शेनलॉन्ग, यानी ‘डिवाइन ड्रैगन’ के नाम से जाना जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह इसकी चौथी सफल लॉन्चिंग है. इसके बावजूद अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह स्पेस प्लेन ऑर्बिट में असल में क्या करता है.चलिए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में.
कब और कहां से हुआ लॉन्च?
यह रहस्यमय स्पेसक्राफ्ट 7 फरवरी 2026 को जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्च किया गया. इसे Long March-2F रॉकेट के ज़रिए अंतरिक्ष में भेजा गया. फिलहाल यह पृथ्वी की निचली कक्षा में लगातार चक्कर लगा रहा है.
2020 से जारी है गोपनीयता
हैरानी की बात यह है कि साल 2020 के बाद से चीन इस स्पेस प्लेन को कई बार ऑर्बिट में भेज चुका है. लेकिन हर बार की तरह इस बार भी चीन के आधिकारिक स्रोतों ने इसके डिजाइन, पेलोड, मकसद और मिशन अवधि पर चुप्पी साध रखी है. इसी वजह से यह यान दुनियाभर के स्पेस वैज्ञानिकों के लिए एक पहेली बना हुआ है.
चीन क्या कहता है?
चीन का कहना है कि यह मिशन तकनीकी परीक्षण का हिस्सा है. इसका उद्देश्य भविष्य में अंतरिक्ष यात्रा को ज्यादा आसान और किफायती बनाना है. सरकार का दावा है कि यह प्रोग्राम “शांतिपूर्ण अंतरिक्ष उपयोग” से जुड़ा हुआ है. हालांकि, इससे ज्यादा कोई ठोस जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
यह एक मानवरहित स्पेसक्राफ्ट है. इसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है. लॉन्च के समय यह रॉकेट से अंतरिक्ष में जाता है. लेकिन वापसी में यह सामान्य हवाई जहाज की तरह रनवे पर लैंड करता है. दिखने में यह काफी हद तक अमेरिका के X-37B जैसा माना जाता है.
क्यों बढ़ रही है दुनिया की चिंता?
स्पेस एक्सपर्ट्स और सैटेलाइट ट्रैकर्स इस यान पर खास नजर रखे हुए हैं. इसके पीछे तीन बड़ी वजहें बताई जा रही हैं.
पहली वजह
पिछले मिशनों में इस स्पेस प्लेन ने ऑर्बिट में 6 से 7 अज्ञात वस्तुएं छोड़ी थीं. कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि ये छोटे सैटेलाइट हो सकते हैं.
दूसरी वजह
अमेरिकी ट्रैकिंग सिस्टम्स ने नोट किया है कि उत्तरी अमेरिका के ऊपर से गुजरते वक्त यह यान कुछ खास रेडियो सिग्नल भेजता है.
तीसरी वजह
आज तक चीन ने इस स्पेस प्लेन की एक भी आधिकारिक तस्वीर या तकनीकी जानकारी साझा नहीं की है. इससे संदेह और गहराता है.
क्या यह जासूसी मिशन है?
इस स्पेस प्लेन को लेकर लोग जबाव से ज्यादा सवाल कर रहे हैं कि क्या यह जासूसी मिशन है? क्या यह एंटी-सैटेलाइट तकनीक से जुड़ा है? या फिर यह सिर्फ भविष्य के स्पेस ट्रैवल का परीक्षण है? इन सवालों का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है. इतना जरूर साफ है कि यह स्पेसक्राफ्ट कई महीनों तक ऑर्बिट में रह सकता है, जिससे इसे ट्रैक करना और भी मुश्किल हो जाता है.
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