पाकिस्तान में पांच दिन से लापता कनाडाई शोधार्थी का नहीं मिला सुराग, परिवार ने जांच में ढिलाई का लगाया आरोप
इस्लामाबाद, 24 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान में किडनैप हुए कनाडाई शोधार्थी हमजा अहमद खान के बारे में लाहौर पुलिस के हाथ अब तक कोई जानकारी नहीं लगी है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, हमजा अहमद को 19 फरवरी की सुबह किडनैप किया गया, जब वे लाहौर स्थित अपने आवास से बाहर निकले हुए थे।
पाकिस्तान के अखबार डॉन के अनुसार, एफआईआर खान के मित्र यूसुफ रशीद की शिकायत पर दर्ज की गई। एफआईआर के मुताबिक, हमजा अहमद खान डॉक्टरेट कर रहे थे। अहमद 13 फरवरी को अपनी पीएचडी थीसिस पर काम करने के लिए पाकिस्तान पहुंचे और मित्र यूसुफ रशीद के साथ डीएचए इलाके में ठहरे हुए थे। रशीद ने कहा कि 19 फरवरी को रात 1 से 2 बजे के बीच अहमद ने एक राइड-हेलिंग सेवा के जरिए कैब बुक की और घर से निकले थे। उसके बाद से वे लापता हैं।
रशीद ने पुलिस को बताया कि उन्होंने खुद अहमद को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए। उन्हें डर था कि उन्हें किडनैप कर लिया गया होगा। उन्होंने कथित किडनैपिंग के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
डॉन से बातचीत में अहमद के भाई अवैस अहमद खान ने बताया कि परिवार ने राइड-हेलिंग सेवा से उस दिन की यात्रा की जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रा बीच रास्ते में रद्द कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि उनके भाई ने कैब में एक लड़की को उसके घर छोड़ा और फिर अपने निवास के लिए रवाना हुए, लेकिन वहां नहीं पहुंचे।
अवैस के अनुसार, उनके पास उस घर की सीसीटीवी फुटेज है, जहां हमजा अहमद खान ने लड़की को छोड़ा था और वहां से अपने घर के लिए निकले थे, लेकिन वे घर नहीं पहुंचे।
उन्होंने कहा कि कैब कंपनी ने उन्हें विवरण नहीं दिया। उनका कहना है कि यदि कानून प्रवर्तन एजेंसियां संपर्क करेंगी, तो वे जानकारी उपलब्ध कराएंगे। अवैस ने कहा कि अब तक पुलिस ने भी कंपनी से संपर्क नहीं किया है।
अवैस अहमद खान ने आरोप लगाया कि पुलिस परिवार के साथ सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि वे मामला दर्ज कराने के लिए कनाडाई दूतावास से सहायता लेंगे और हमजा अहमद खान को खोजने के लिए अदालत में याचिका दायर करने पर भी विचार कर रहे हैं।
डॉन के अनुसार, अवैस अमेरिका में रहते हैं, जबकि उनका परिवार कराची का मूल निवासी है और उनके माता-पिता वर्तमान में वहीं रह रहे हैं।
मामले को लेकर सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (इन्वेस्टिगेशन) मुहम्मद नवीद ने कहा कि जांचकर्ताओं को अभी तक हमजा अहमद खान का पता नहीं चला है। पुलिस ने शिकायतकर्ता और राइड-हेलिंग सेवा से प्रारंभिक विवरण प्राप्त किए हैं।
--आईएएनएस
अर्पित/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
त्राटक क्रिया : आंखों की रोशनी के साथ दिमाग को भी बनाती है तेज
नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। आज के आधुनिक और तेज रफ्तार युग में ज्यादातर लोगों को अपने जीवन में किसी न किसी बात को लेकर तनाव या चिंता रहती है।
किसी भी प्रकार की टेंशन इंसान को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बनाती है। इससे आंखों की रोशनी, सोचने और समझने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल का होना बहुत जरूरी है।
इसी को लेकर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने योग और प्राणायाम को जीवन में शामिल करने के साथ अपनी आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए त्राटक क्रिया करने की सलाह दी है।
त्राटक क्रिया एक प्राचीन शुद्धिकरण है, जिसे करने के लिए व्यक्ति को बिना पलक झपकाए किसी एक बिंदु, दीपक की लौ या वस्तु को एकाग्रता से बैठकर देखना होता है।
मंत्रालय का कहना है कि त्राटक क्रिया न केवल आंखों की रोशनी बढ़ाती है, बल्कि मानसिक स्पष्टता और स्मृति को भी तेज करती है। अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से त्राटक क्रिया करता है, तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
आंखें साफ और चमत्कारिक : त्राटक क्रिया करने से आंखें साफ, चमत्कारिक और आकर्षक बनती हैं। इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है।
स्मृति, एकाग्रता और मस्तिष्क का विकास : त्राटक क्रिया व्यक्ति के चीजों को याद रखने की क्षमता और मन की चंचलता को कम कर फोकस के साथ सोचने और समझने की क्षमता को बेहतर बनाती है। मस्तिष्क का विकास होता है।
नेत्र विकारों में सहायक : त्राटक क्रिया हर रोज नियमित रूप से करने से आंखों से जुड़ी समस्या कम होती है। आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और तनाव दूर होता है।
आंतरिक ज्योति प्रज्ज्वलित : त्राटक एक ऐसी क्रिया है, जिससे व्यक्ति का आंतरिक ज्योति प्रज्वलित होता है। आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति दिन-प्रतिदिन बेहतर होती है।
सकारात्मक परिवर्तन : त्राटक क्रिया करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक एनर्जी दूर होती है। इसी के साथ मन को शांति की अनुभूति होती है।
आज्ञाचक्र सक्रिय : इससे मानसिक स्पष्टता बेहतर होती है, जिससे व्यक्ति बेहतर निर्णय ले पाता है और उसकी दूरदर्शिता बढ़ती है।
--आईएएनएस
दीपा/एबीएम
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