शीर्ष अधिकारियों की हत्या पर पुतिन सख्त, एफएसबी से बोले 'करें चाकचौबंद व्यवस्था'
मास्को, 24 फरवरी (आईएएनएस)। मास्को में मंगलवार तड़के पेट्रोलिंग वाहन पर आत्मघाती हमला किया गया। इस हमले में पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी की मौत हो गई। पिछले तीन-चार महीनों से सेना या पुलिस के बड़े अधिकारियों को निशाना बनाए जाने की वारदातों में इजाफा हो रहा है। अब इस पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी फिक्र जाहिर की है।
मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने देश की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही एफसीबी को आदेश दिया कि वह शीर्ष अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ाए।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को एफएसबी सिक्योरिटी सर्विस को यूक्रेनी हमलों के जवाब में रूस के एनर्जी और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा बढ़ाने का आदेश भी दिया।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, रूस की फेडरल सिक्योरिटी एजेंसियों के साथ हुई इस बैठक में पुतिन ने कहा, दुश्मन रणनीतिक हार न झेल पाने के कारण आतंकवाद पर उतर आए हैं, जिसमें शहरों पर हमले, इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान और अधिकारियों की हत्याएं शामिल हैं। पुतिन ने एजेंसियों से एंटी-टेरर प्रोटेक्शन मजबूत करने, महत्वपूर्ण स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने और पब्लिक प्लेस की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
ब्रिटिश मीडिया आउटलेट द गार्डियन के अनुसार, इसी दौरान पुतिन ने कहा कि रूस में आतंकवादी हमलों की संख्या बढ़ गई है और अधिकारियों को राज्य की सीमा को मजबूत करने के लिए गंभीर अतिरिक्त कदम उठाना जरूरी है।
उनकी यह टिप्पणी एक दिन बाद आई जब एक आदमी ने सेंट्रल मॉस्को में एक पुलिस पेट्रोल कार के बगल में एक विस्फोटक डिवाइस में धमाका किया। यह एक आत्मघाती हमला था जिसमें एक अफसर की मौत हो गई। इस हमले में घायल दो अन्य पुलिकर्मियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुतिन ने दावा किया कि हमलावर को ऑनलाइन भर्ती किया गया था, उसे एक एक्सप्लोसिव डिवाइस दिया गया, और फिर “दूर से ही धमाका” करा दिया गया।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बांग्लादेश की संसद में महिलाओं की 50 रिजर्व सीटों पर मचा बवाल, रमजान में चुनाव की तारीख का 'ऐलान'
ढाका, 24 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में हुए 13वें संसदीय चुनाव के बाद अब महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर बवाल शुरू हो गया है। बांग्लादेश की संसद में 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों के नॉमिनेशन को लेकर राजनीतिक दलों में घमासान मचा हुआ है। इस बीच चुनाव आयोग (ईसी) ने बताया कि रमजान के दौरान 13वीं संसद में महिलाओं के लिए आरक्षित 50 सीटों के लिए शेड्यूल जारी हो सकता है।
बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार के अनुसार, चुनाव आयोग ने मंगलवार को जानकारी दी कि संसदीय सचिवालय ने 296 संसदीय सदस्यों की वोटर लिस्ट जमा की है, जो 50 आरक्षित सीटों के लिए सांसद चुनेंगे।
ईसी सचिवालय के उपसचिव मोहम्मद मोनिर हुसैन ने द डेली स्टार को बताया कि महिलाओं के लिए 50 आरक्षित सीटें संसद में उनके प्रतिनिधि के हिसाब से राजनीतिक दलों को दी जाती हैं और सांसद अप्रत्यक्ष चुनाव के जरिए इन्हें भरते हैं।
इलेक्शन कमिश्नर अब्दुर रहमानेल मसूद ने द डेली स्टार को बताया, हम ज्यादा समय नहीं लेंगे। हम ईद से पहले शेड्यूल का ऐलान कर देंगे।
हर पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं? इस बारे में ईसी मसूद ने कहा कि 50 सीटों में से, एक रिजर्व सीट के लिए योग्यता के हिसाब से किसी पार्टी को आम चुनाव में कम से कम छह संसदीय सीटें जीतनी होंगी।
द डेली स्टार ने बताया कि महिलाओं की आरक्षित सीटों को कंट्रोल करने वाले कानून के मुताबिक, बीएनपी को 34.66 सीटें मिलेंगी, जिन्हें राउंड अप करके 35 कर दिया जाएगा। बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी को 11.33 सीटें मिलेंगी, या कुल 11, और निर्दलीय उम्मीदवार को 1.16 फीसदी। अगर वे गठबंधन में आते हैं, तो यह एक सीट के बराबर होगी। नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) को एक सीट मिलेगी। दूसरी छोटी पार्टियों को तब तक कोई सीट नहीं मिलेगी जब तक वे गठबंधन न करें।
कमिश्नर मसूद ने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों के लिए वोटिंग असल में, पहले ही शुरू हो चुकी है।
जब आरक्षित महिलाओं की सीटों के चुनाव के समय के बारे में पूछा गया, तो ईसी अब्दुर रहमानेल मसूद ने कहा, यह चुनाव असल में संसद में मौजूद पार्टियों के लिए है। वे जिसे भी नॉमिनेट करेंगे, हम उसे उम्मीदवार मान सकते हैं। यह प्रक्रिया शपथ लेने के 90 दिनों के अंदर पूरी करनी होगी और हम इसे टाइमफ्रेम के अंदर कर देंगे।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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