Odisha में बाढ़ से Kendrapara में मगरमच्छ का खतरा बढ़ा, जारी हुआ WhatsApp अलर्ट
भुवनेश्वर/केंद्रपाड़ा, पांच अगस्त ओडिशा में उफनती नदियों का पानी गांवों में प्रवेश करने के बाद मगरमच्छों के हमले का खतरा बढ़ गया है जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष रूप से तटीय केंद्रापड़ा जिले में मगरमच्छों को लेकर अलर्ट जारी किया है तथा घर-घर जाकर जागरूकता अभियान और व्हाट्सऐप हेल्पलाइन शुरू की है। केंद्रापड़ा जिले में स्थित भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान खारे पानी के मगरमच्छों के लिए प्रसिद्ध है। अधिकारियों ने बताया कि ब्राह्मणी, महानदी और बैतरणी नदी प्रणाली में जलस्तर बढ़ने से विभिन्न जलमार्गों के जरिए मगरमच्छों के आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘लोगों की सुरक्षा के लिए वन विभाग के कर्मचारी बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे हैं और मगरमच्छों से संभावित सामना होने की स्थिति तथा बचाव के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं।’’ कुछ दिन पहले केंद्रापड़ा जिले के दामोदरपत्तना गांव में नदी में स्नान करते समय 46 वर्षीय एक महिला की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई थी। राजनगर वन क्षेत्राधिकारी चित्तरंजन बेउरा ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद मृतका के परिजनों को अनुग्रह राशि दी जाएगी। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के गांवों में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान शुरू किया है।
साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में मानव-मगरमच्छ संघर्ष रोकने के लिए एक आपातकालीन व्हाट्सऐप हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि यदि गांव में मगरमच्छ दिखाई दे तो वे तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दें। इसके अलावा वन विभाग के अधिकारी संवेदनशील गांवों का दौरा कर लोगों को सुरक्षा उपायों और सावधानियों की जानकारी भी दे रहे हैं।
Rahul Gandhi संसद में बहस से भागते हैं, BJP ने उन्हें बताया अपरिपक्व नेता
नयी दिल्ली, पांच अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बुधवार को तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘‘अपरिपक्व’’ और ‘‘अंशकालिक’’ नेता प्रतिपक्ष बताया तथा आरोप लगाया कि वह संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं क्योंकि वह नरेन्द्र मोदी सरकार के कामकाज की तुलना पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से होने से डरते हैं। सत्तारूढ़ दल ने कांग्रेस नेता पर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ ‘‘निराधार’’ टिप्पणियां करने का भी आरोप लगाया। गांधी ने मंगलवार को पूर्व सांसद वाइको की पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कहा था कि देश के छात्र ‘‘गहरी पीड़ा’’ में हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माफी नहीं चाहिए बल्कि वे चाहते हैं कि सरकार की कार्रवाई के लिए मोदी सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें।
उन्होंने यह भी कहा था कि छात्र इसलिए सड़कों पर हैं क्योंकि आरएसएस देश के इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश कर रहा है। गांधी ने कहा था कि भारत अपने इतिहास को किसी के द्वारा रौंदे जाने को स्वीकार नहीं करेगा। गांधी ने कहा था कि प्रत्येक राज्य को अपनी संस्कृति और के साथ समान व्यवहार पाने का अधिकार है, लेकिन आरएसएस चाहता है कि केवल उसी के दृष्टिकोण वाला इतिहास स्वीकार किया जाए।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि राहुल गांधी ‘‘अपरिपक्व’’, ‘‘अंशकालिक’’ और ‘‘गैर-जिम्मेदार’’ नेता प्रतिपक्ष हैं तथा संसद की कार्यवाही इसलिए बाधित कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि मोदी सरकार के कामकाज से तुलना होने पर कांग्रेस की पोल खुल जाएगी। भाटिया ने दावा किया, ‘‘राहुल गांधी डरे हुए हैं। उन्हें पता है कि जब प्रभावशाली मोदी सरकार और 2004 से 2014 तक की रीढ़विहीन कांग्रेस नीत सरकार की तुलना होगी तो चरित्रहीन कांग्रेस बेनकाब हो जाएगी।
इसलिए संसद में व्यवधान डाला जा रहा है।’’ भाजपा और आरएसएस पर राहुल गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए भाटिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ‘‘मोदी-भय’’ और ‘‘आरएसएस-भय’’ से ग्रस्त हैं तथा बिना किसी प्रमाण के संघ की विचारधारा को बार-बार ‘‘जहरीली’’ बताते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी मोदी-भय और आरएसएस-भय से ग्रस्त हैं। जिस विचारधारा ने पूरी निष्ठा से देश की सेवा की है, उसे ‘जहरीली’ कहना आसान है, लेकिन बिना किसी सबूत के इसे सिद्ध करना संभव नहीं है।’’ छात्रों और परीक्षा सुधारों पर राहुल गांधी की टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए भाटिया ने आरोप लगाया कि विपक्ष शासित राज्यों में कथित प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर कांग्रेस नेता चुप्पी साध लेते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड में प्रश्नपत्र लीक हुआ तो राहुल गांधी गायब हैं। कर्नाटक में प्रश्नपत्र लीक हुआ तो राहुल गांधी गायब हैं। केरल में प्रश्नपत्र लीक हुआ तो राहुल गांधी गायब हैं।
यह दोहरा मापदंड और यह पाखंड क्यों?’’ संसद में गतिरोध से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन में चर्चा के दौरान सरकार के तर्कों का जवाब नहीं दे पाते, इसलिए सदन से ‘‘भाग जाते’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब संसद का सत्र चल रहा हो तो क्या नेता प्रतिपक्ष को पूरी तैयारी के साथ सदन में नहीं आना चाहिए? राहुल गांधी संसद से भी भागते हैं।
जब प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ सिंह और अमित शाह तथ्यों के साथ बोलते हैं तो राहुल गांधी के पास कोई जवाब नहीं होता।’’ भाटिया ने विदेशों से भगोड़ों को वापस लाने के मामले में मोदी सरकार के रिकॉर्ड का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि इससे राजग और पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के बीच का अंतर स्पष्ट होता है। उन्होंने कहा, ‘‘2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया। यानी औसतन हर वर्ष 40 भगोड़ों को वापस लाया गया।
इसकी तुलना संप्रग सरकार से करें, जिसके कार्यकाल में औसतन केवल चार भगोड़ों को हर वर्ष वापस लाया गया।’’ अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाटिया ने पांच अगस्त को ‘‘ऐतिहासिक दिन’’ बताया और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दिया।
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