Responsive Scrollable Menu

Rahul Gandhi संसद में बहस से भागते हैं, BJP ने उन्हें बताया अपरिपक्व नेता

नयी दिल्ली, पांच अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बुधवार को तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘‘अपरिपक्व’’ और ‘‘अंशकालिक’’ नेता प्रतिपक्ष बताया तथा आरोप लगाया कि वह संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं क्योंकि वह नरेन्द्र मोदी सरकार के कामकाज की तुलना पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से होने से डरते हैं। सत्तारूढ़ दल ने कांग्रेस नेता पर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ ‘‘निराधार’’ टिप्पणियां करने का भी आरोप लगाया। गांधी ने मंगलवार को पूर्व सांसद वाइको की पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कहा था कि देश के छात्र ‘‘गहरी पीड़ा’’ में हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माफी नहीं चाहिए बल्कि वे चाहते हैं कि सरकार की कार्रवाई के लिए मोदी सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें।

उन्होंने यह भी कहा था कि छात्र इसलिए सड़कों पर हैं क्योंकि आरएसएस देश के इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश कर रहा है। गांधी ने कहा था कि भारत अपने इतिहास को किसी के द्वारा रौंदे जाने को स्वीकार नहीं करेगा। गांधी ने कहा था कि प्रत्येक राज्य को अपनी संस्कृति और के साथ समान व्यवहार पाने का अधिकार है, लेकिन आरएसएस चाहता है कि केवल उसी के दृष्टिकोण वाला इतिहास स्वीकार किया जाए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि राहुल गांधी ‘‘अपरिपक्व’’, ‘‘अंशकालिक’’ और ‘‘गैर-जिम्मेदार’’ नेता प्रतिपक्ष हैं तथा संसद की कार्यवाही इसलिए बाधित कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि मोदी सरकार के कामकाज से तुलना होने पर कांग्रेस की पोल खुल जाएगी। भाटिया ने दावा किया, ‘‘राहुल गांधी डरे हुए हैं। उन्हें पता है कि जब प्रभावशाली मोदी सरकार और 2004 से 2014 तक की रीढ़विहीन कांग्रेस नीत सरकार की तुलना होगी तो चरित्रहीन कांग्रेस बेनकाब हो जाएगी।

इसलिए संसद में व्यवधान डाला जा रहा है।’’ भाजपा और आरएसएस पर राहुल गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए भाटिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ‘‘मोदी-भय’’ और ‘‘आरएसएस-भय’’ से ग्रस्त हैं तथा बिना किसी प्रमाण के संघ की विचारधारा को बार-बार ‘‘जहरीली’’ बताते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी मोदी-भय और आरएसएस-भय से ग्रस्त हैं। जिस विचारधारा ने पूरी निष्ठा से देश की सेवा की है, उसे ‘जहरीली’ कहना आसान है, लेकिन बिना किसी सबूत के इसे सिद्ध करना संभव नहीं है।’’ छात्रों और परीक्षा सुधारों पर राहुल गांधी की टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए भाटिया ने आरोप लगाया कि विपक्ष शासित राज्यों में कथित प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर कांग्रेस नेता चुप्पी साध लेते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड में प्रश्नपत्र लीक हुआ तो राहुल गांधी गायब हैं। कर्नाटक में प्रश्नपत्र लीक हुआ तो राहुल गांधी गायब हैं। केरल में प्रश्नपत्र लीक हुआ तो राहुल गांधी गायब हैं।

यह दोहरा मापदंड और यह पाखंड क्यों?’’ संसद में गतिरोध से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन में चर्चा के दौरान सरकार के तर्कों का जवाब नहीं दे पाते, इसलिए सदन से ‘‘भाग जाते’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब संसद का सत्र चल रहा हो तो क्या नेता प्रतिपक्ष को पूरी तैयारी के साथ सदन में नहीं आना चाहिए? राहुल गांधी संसद से भी भागते हैं।

जब प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ सिंह और अमित शाह तथ्यों के साथ बोलते हैं तो राहुल गांधी के पास कोई जवाब नहीं होता।’’ भाटिया ने विदेशों से भगोड़ों को वापस लाने के मामले में मोदी सरकार के रिकॉर्ड का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि इससे राजग और पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के बीच का अंतर स्पष्ट होता है। उन्होंने कहा, ‘‘2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया। यानी औसतन हर वर्ष 40 भगोड़ों को वापस लाया गया।

इसकी तुलना संप्रग सरकार से करें, जिसके कार्यकाल में औसतन केवल चार भगोड़ों को हर वर्ष वापस लाया गया।’’ अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाटिया ने पांच अगस्त को ‘‘ऐतिहासिक दिन’’ बताया और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दिया।

Continue reading on the app

3 दिन के भीतर माफी मांगें जुकरबर्ग...PM मोदी ने Gen Z को भड़काने वालों का कर दिया पक्का इलाज?

सूचना प्रौद्योगिकी (IT) पर संसदीय स्थायी समिति ने मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह वीडियो हटाने के लिए माफ़ी मांगें, जिसमें उन्होंने छात्रों और Gen Z से परीक्षा से जुड़े विवादों पर बात की थी। लोकसभा सचिवालय ने सरकार से कहा है कि अगर जुकरबर्ग माफ़ी नहीं मांगते हैं, तो IT एक्ट के तहत मेटा प्लेटफ़ॉर्म को मिली सुरक्षा वापस ली जा सकती है और उन पर कार्रवाई हो सकती है। द इंडियन एक्सप्रेस को लोकसभा की डायरेक्टर ए. ज्योतिर्मयी का इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय के सेक्रेटरी एस कृष्णन को लिखा एक पत्र मिला है। इस पत्र में 3 अगस्त को संसदीय स्थायी समिति की बैठक का ज़िक्र है, जिसमें गृह मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और मेटा (जो Facebook, WhatsApp और Instagram चलाती है) समेत सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।

इसे भी पढ़ें: Jammu-Kashmir को मिले संवैधानिक अधिकार: PM Modi बोले, Article 370 हटने से हुआ चौतरफा विकास

इसमें कहा गया है परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई के बारे में छात्रों और Gen Z को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का वीडियो Facebook से 5-6 घंटे के लिए हटाए जाने को समिति ने बहुत गंभीरता से लिया। बातचीत के दौरान, समिति ने इस मुद्दे पर मेटा के प्रमुख श्री मार्क जुकरबर्ग से माफ़ी की मांग की। पत्र में आगे कहा गया है अगर वे यह पत्र मिलने के 3 दिनों के भीतर बिना शर्त माफ़ी नहीं मांगते हैं, तो IT एक्ट की धारा 79(3) के तहत मिली सुरक्षा/छूट वापस ली जा सकती है और एक पब्लिशर के तौर पर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा सकती है। एक्ट की धारा 79(3) में उन अपवादों का ज़िक्र है जिनमें ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को थर्ड-पार्टी कंटेंट के लिए कानूनी छूट नहीं मिलती है। 

इसे भी पढ़ें: दोस्त रूस ने तो भारत की लॉटरी लगा दी! क्या है दुनिया का पहला परमाणु आइसब्रेकर?

देश को अस्थिर करने की सोच

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे IT पर बनी संसदीय समिति के प्रमुख हैं। इससे पहले, गोड्डा के सांसद ने कहा था कि प्रधानमंत्री का वीडियो हटाने के पीछे की सोच देश को अस्थिर करने की थी। जब भारत के प्रधानमंत्री का वीडियो हटाया जा सकता है, और उन्होंने खुद माना कि यह रात 12:30 बजे से सुबह 5 बजे के बीच पांच घंटे तक उपलब्ध नहीं था... तो यह बहुत गंभीर बात है और हमारी समिति ने दो बातें साफ तौर पर कही हैं कि यह माफ़ी खुद ज़करबर्ग को मांगनी चाहिए। दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पत्रकारों से कहा अगर आप एल्गोरिदम में बीजेपी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी की व्यूअरशिप देखें, तो यह सिर्फ़ 25 मिलियन है। और, जो न तो रजिस्टर्ड पार्टियां हैं और न ही NGO, बल्कि गुमराह होकर सड़कों पर हैं... उनकी व्यूअरशिप 27 मिलियन है। उन्होंने कहा कि आरक्षण-विरोधी एक फ़ोरम, जो पांच-छह दिन पहले ही बना था, उसकी व्यूअरशिप 7 मिलियन है। इसकी वजह यह है कि उनकी पॉलिसी पुरानी संस्थाओं के बजाय नई संस्थाओं को बढ़ावा देने की है। सोमवार को हुई IT पैनल की बैठक में शामिल विपक्ष के सदस्यों का मानना ​​था कि असहमति को अपराध और व्यंग्य को देशद्रोह नहीं माना जा सकता। मेटा के प्रतिनिधियों ने PM का वीडियो हटाए जाने की वजह अपने ऑटोमेटेड कंटेंट फ़िल्टर में आई गड़बड़ी को बताया था। मेटा के प्रवक्ता के अनुसार, कंटेंट "गलती से" हटाया गया था और अब उसे प्लेटफ़ॉर्म पर वापस ला दिया गया है। सोशल मीडिया की इस बड़ी कंपनी ने कहा था कि अब प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख अकाउंट्स की पोस्ट पर प्लेटफ़ॉर्म की तरफ़ से अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। उस समय IT मंत्रालय के सूत्रों ने कहा था कि मेटा का स्पष्टीकरण "उचित नहीं" था।

Continue reading on the app

  Sports

94 साल, 38 कप्तान... श्रीलंका में 600वें टेस्ट के साथ एशिया का नया 'किंग' बनेगा भारत

Indian Cricket Team 600 Test: श्रीलंका के गॉल में मैदान पर उतरते ही भारतीय क्रिकेट टीम एक नया इतिहास रचने जा रही है. यह भारत का 600वां टेस्ट मुकाबला होगा. 1932 में सीके नायडू की कप्तानी से शुरू हुआ यह सफर 94 सालों और 38 कप्तानों के नेतृत्व से गुजरते हुए आज शुभमन गिल तक पहुंचा है. टेस्ट क्रिकेट के इस 600वें पड़ाव को छूने वाला भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बाद दुनिया का तीसरा और एशिया का पहला देश बनेगा. Wed, 5 Aug 2026 21:35:55 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala | Rubika Liyaquat : Mark Zuckerberg ने मानी गलती,PM Modi से क्यों मांगी माफी ? #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T16:06:07+00:00

Jharkhand Protest News: छात्रों की मांग के आगे झुकेगी Hemant Soren की सरकार?| Hindi News | Jharkhand #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T16:07:51+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers