Cyclone Champi: ताइवान में तेज आंधी-बारिश से भारी तबाही, 350 लोग घायल और एक की मौत
ताइवान में चक्रवात चांपी के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए। चक्रवात के कारण तेज हवाओं और बारिश का दौर शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक जारी रहा। इस दौरान कई पेड़ गिर गए और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
हालांकि, चांपी सीधे ताइवान से नहीं टकराया, लेकिन इसका असर ताइवान के ज्यादातर हिस्सों में देखने को मिला। ताइवान के मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार सुबह तक चक्रवात कमजोर पड़ने लगा और शाम तक चक्रवात संबंधी चेतावनियां वापस ले ली जाएंगी। ताइवान के केंद्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र ने बताया कि शुक्रवार रात तक 350 लोग घायल हुए।
उसने बताया कि दक्षिणी ताइवान के पिंगतुंग काउंटी में रहने वाले एक व्यक्ति की मौत हो गई। वह समुद्र की लहरों में बह गया था। ताइवान के स्थानीय समाचार पत्र ‘यूनाइटेड डेली न्यूज’ ने बिजली अधिकारियों के हवाले से बताया कि तूफान के कारण 2,80,000 घरों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
हालांकि, शनिवार सुबह तक 80 प्रतिशत घरों में बिजली बहाल कर दी गई। पूरे द्वीप में तूफान के कारण पेड़, साइनबोर्ड और कुछ छोटे ढांचे गिर गए। ताइपे में एक कॉलेज के छात्रावास की छत भी गिर गई।
जापान की ओर बढ़ने के साथ ही तूफान के कमजोर पड़ने की संभावना है।
कुमाऊं के गांवों तक पहुंचेगी सड़क, उत्तराखंड में 1500 करोड़ से बनेंगी 225 नई सड़कें; 6 जिलों को मिलेगा फायदा
Uttarakhand News: उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है. कुमाऊं मंडल के छह जिलों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-4) के तहत 225 नई सड़कों के निर्माण की तैयारी है. इन सड़कों पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. योजना का उद्देश्य उन ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ना है, जहां अभी तक बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध नहीं है. इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं और अब इन्हें केंद्र सरकार से मंजूरी दिलाने से पहले दस्तावेजों की जांच की जा रही है.
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत कुमाऊं के चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर में नई सड़कें बनाई जानी हैं. इन सड़कों के बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही आसान होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है.
स्थानीय अर्थव्यवस्था भी होगी मजबूत
ग्रामीण इलाकों में सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. सड़क सुविधा मिलने से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, मरीजों को अस्पताल ले जाने और विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने में मदद मिलती है. पहाड़ी जिलों में इसका महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि कई गांवों तक पहुंचने के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है.
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केंद्र को भेजने से पहले प्रस्तावों की जांच
225 सड़कों के निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर बजट प्रस्ताव तैयार किए जा चुके हैं. अब इन प्रस्तावों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि केंद्रीय स्तर पर किसी तरह की तकनीकी या दस्तावेजी कमी के कारण इन्हें वापस न लौटाया जाए. इसी सिलसिले में गुरुवार को हल्द्वानी के काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता मुख्य अभियंता मोहम्मद आरिफ खान ने की. बैठक में अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ जोन के अधीक्षण अभियंता दिनेश कुमार, उत्तराखंड ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी के अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार, आईटी नोडल अधिकारी निधि रावत और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए.
315 सड़कें और 32 पुल बनाने की भी तैयारी
उत्तराखंड में ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार अलग-अलग स्तर पर प्रयास कर रही है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार के समक्ष राज्य की सड़क परियोजनाओं का मुद्दा उठाया था. अक्टूबर में उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुल निर्माण से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा की थी.
इस चर्चा के बाद उत्तराखंड में 315 सड़कों और 32 पुलों के निर्माण को लेकर जल्द स्वीकृति मिलने पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई थी. इन परियोजनाओं पर कुल 2708 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसमें सड़कों के निर्माण के लिए 2526 करोड़ रुपये और पुलों के लिए 182 करोड़ रुपये का प्रावधान है.
इन परियोजनाओं से राज्य के 610 से अधिक गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है. सड़क और पुल बनने से उन इलाकों में संपर्क बेहतर हो सकेगा, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण आवागमन चुनौतीपूर्ण बना रहता है.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा सहारा
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में ग्रामीण सड़कों का विस्तार स्थानीय विकास के लिए अहम माना जाता है. बेहतर संपर्क मार्ग बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादों, फल-सब्जियों और स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना आसान हो सकता है. इससे किसानों और छोटे कारोबारियों को लाभ मिलने की संभावना है. इसके साथ ही, सड़क सुविधा पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने और दूरस्थ गांवों में सरकारी सेवाओं की पहुंच बेहतर करने में भी मदद कर सकती है. आपात स्थिति में एंबुलेंस और राहत दलों की आवाजाही आसान होना भी इसका एक महत्वपूर्ण लाभ है.
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