गोविंदा-ममता कुलकर्णी का लव एंथम, सुरीली है नदीम-श्रवण की धुन, कुमार सानू-अलका याग्निक की आवाज जीत लेगी दिल
नई दिल्ली. फिल्म आंदोलन (1995) का गाना कितने दिनों के बाद मिले हो 90 के दशक के उन गानों में से एक है, जिसे सुनते ही पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं. गोविंदा और ममता कुलकर्णी पर फिल्माया गया यह गाना एक परफेक्ट रोमांटिक सॉन्ग है. इस गाने को कुमार सानू और अलका याग्निक ने गाया है और उनके करियर के सबसे रोमांटिक गानों में इसकी गिनती होती है. इस गाने की वाइब एकदम अलग है. गोविंदा का वो सिग्नेचर डांस और ममता कुलकर्णी के साथ उनकी जबरदस्त केमिस्ट्री, सब कुछ बहुत ही फिल्मी और प्यारा लगता है. नदीम-श्रवण का म्यूजिक इतना सुरीला है कि आज भी जब भी यह बजता है, तो लोग इसे पूरा सुने बिना रह नहीं पाते.
संजय लीला भंसाली की 8 फिल्में, मेकर को बनाया सिनेमा का जादूगर, 1 ने जीता नेशनल अवॉर्ड, दूसरी पर जमकर मचा था बवाल
संजय लीला भंसाली फिल्मों में अपने भव्य सेट, भारी-भरकम कॉस्ट्यूम के लिए जाने-जाते हैं. फिल्ममेकर अपनी फिल्मों को आलीशान बनाने के लिए किसी भी हद तक जाने से कतराते नहीं हैं. संजय लीला भंसाली वो फिल्ममेकर हैं जिनकी फिल्मों में सबकुछ ग्रैंड होता है. आज उनकी 8 बेहतरीन फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं.
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