AI समिट हंगामा- यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु गिरफ्तार:20 घंटे पूछताछ हुई, कांग्रेस नेता बोले- ये अंग्रेजों जैसा शासन; अब तक 8 गिरफ्तार
दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट हंगामा मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया गया है। 23 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, जो 20 घंटे चली। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से भी 3 कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। 4 आरोपी घटना वाले दिन ही गिरफ्तार किए गए थे। मामले में अब तक 8 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। IYC के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने कहा है कि जब यूथ कांग्रेस नेताओं ने समिट में प्रदर्शन किया, तो उन्हें देश विरोधी कहा गया। यह वही तरीका है, जैसा अंग्रेजों के शासन में होता था। प्रधानमंत्री देश के बराबर नहीं हैं। दरअसल, 20 फरवरी को इंडियन यूथ कांग्रेस के 11 सदस्यों ने भारत मंडपम में घुसकर AI समिट के दौरान शर्टलैस होकर PM मोदी की फोटो वाली टी-शर्ट लहराई थी। इस दौरान पीएम मोदी इज कॉम्प्रोमाइज्ड के नारे लगाए थे। IYC महासचिव बोले- प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, देश विरोधी नहीं इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने AI इम्पैक्ट समिट विवाद पर कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को देश विरोधी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि हमारे कुछ नेताओं ने AI समिट में शांतिपूर्ण विरोध किया था, लेकिन केंद्र सरकार और भाजपा इसे ‘एंटी-इंडिया’ बताने का प्रचार कर रही है। क्या सरकार के खिलाफ हर आवाज को ‘एंटी-इंडिया’ बताकर असली मुद्दों से बचा जा सकता है? उन्होंने आरोप लगाया कि यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान कई राज्यों में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नेताओं को हिरासत में लिया गया। ओझा ने कहा कि सरकार हर विरोध की आवाज को दबाना चाहती है। सरकार का विरोध करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है, यह देश विरोधी नहीं है। 22 फरवरी- कृष्ण हरि की कार से टी-शर्ट बरामद दिल्ली पुलिस ने आरोपी और यूथ कांग्रेस के नेता कृष्ण हरि की गाड़ी बरामद की। कार से पीएम मोदी चेहरा छपी टी-शर्ट और पोस्टर भी मिले हैं। 21 फरवरी: देशभर से बीजेपी के प्रदर्शन कांग्रेस के AI समिट में हंगामा करने के विरोध में भाजपा ने पूरे देश में विरोध किया था। भाजपा ने दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन किया था। मुंबई के मुलुंड में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के काफिले को काले झंडे दिखाए थे। 20 फरवरी: भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस ने हंगामा किया 20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए थे। इसमें 10 से ज्यादा कार्यकर्ता हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए थे। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उस पर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड। गिरफ्तार लोगों ने बिहार से यूथ कांग्रेस के नेशनल सेक्रेटरी कृष्ण हरि, बिहार में IYC स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश में IYC स्टेट प्रेसिडेंट अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं। पुलिस बोली- प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था दिल्ली पुलिस अधिकारी आईपीएस देवेश कुमार महला ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे घटी। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और क्यूआर कोड स्कैन करके समिट हॉल में एंट्री की। उन्होंने ऊपर स्वेटर और जैकेट पहनी हुई थी और अंदर टी-शर्ट। हॉल नंबर 5 के पास उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट लहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं पर पुलिस के साथ झड़प करने का भी आरोप है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले काले रंग के छाते पर स्टिकर चिपकाकर भारत मंडपम में घुसने की योजना बनाई थी। फिर उन्हें एहसास हुआ कि गेट पर जांच के दौरान काले छाते पकड़े जाएंगे। इसलिए उन्होंने टी-शर्ट पर स्टिकर चिपका दिए। स्टिकर कहां छपवाए गए थे, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है। AI समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… ………………… पूरी खबर पढ़ें… AI समिट में हंगामे के विरोध में राहुल के घर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद 20 फरवरी की शाम को बड़ी संख्या में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता दिल्ली में राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'राहुल गांधी मुर्दाबाद' और 'राहुल गांधी हाय-हाय' के नारे लगाए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल के पोस्टर भी जलाए। काफी हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया गया था। पूरी खबर पढ़ें…
पिता MBBS करने का दबाव बनाता, बेटे ने मार डाला:लखनऊ में इकलौते बेटे ने गोली मारी, शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भरा
लखनऊ में पैथोलॉजी लैब मालिक पिता की 21 साल के इकलौते बेटे ने हत्या कर दी। आरोपी ने बहन के सामने पिता को गोली मारी, फिर आरी से शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भर दिया। सिर को कार में रखकर 21 किलोमीटर दूर फेंक आया। किसी को बताने पर बहन को भी मार देने की धमकी दी। डर की वजह से बहन ने किसी को कुछ नहीं बताया। पिता का सिर फेंकने के बाद आरोपी घर लौटा और कार की सफाई की। तीन दिन बाद सोमवार को वह थाने पहुंचा और गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने जब पूछताछ शुरू की तो बेटा घबराया नजर आया। शक होने पर सख्ती से पूछताछ की गई, तब उसने जुर्म कबूल कर लिया। उसकी बातें सुनकर पुलिसकर्मी हैरान रह गए। पुलिस उसे लेकर मौके पर पहुंची और शव के टुकड़े बरामद किए, लेकिन सिर नहीं मिला। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता चाहते थे कि वह NEET क्वालीफाई करके MBBS करे। वह इस बात पर अड़ा था कि MBBS के लिए उस पर जबरदस्ती न की जाए। वह पिता से कहता था कि पैथोलॉजी लैब की जगह लॉन या रेस्टोरेंट खोला जाए, जो ज्यादा अच्छा बिजनेस रहेगा। इसी बात को लेकर 20 फरवरी को पिता से बहस हुई। गुस्से में उसने पिता की लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी। वारदात आशियाना कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-L की है। मृतक मानवेंद्र सिंह वर्धमान पैथोलॉजी लैब के मालिक थे। शराब के कारोबार से भी जुड़े थे। डीसीपी विक्रांत वीर ने बताया- बेटे अक्षत ने ही वारदात को अंजाम दिया। शरीर के कई अंग अभी नहीं मिले हैं, जिन्हें आरोपी की निशानदेही पर खोजा जाएगा। वारदात से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए- आरोपी बीकॉम का छात्र, मां की मौत हो चुकी है मानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन जिले के रहने वाले थे। उनके पिता सुरेंद्र पाल सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस से रिटायर्ड हैं। कई साल पहले मानवेंद्र आशियाना सेक्टर-L में मकान बनवाकर रहने लगे थे। नौ साल पहले पत्नी का निधन हो गया था। तब से वह बेटे अक्षत और बेटी कृति (17) की खुद ही देखभाल करते थे। आरोपी अक्षत बीकॉम का छात्र है। कृति एपीएस में 11वीं की छात्रा है। मानवेंद्र का छोटा भाई एसएस रजावत उत्तर प्रदेश पुलिस में हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती सचिवालय में है। तीन मंजिला घर की ऊपरी मंजिल पर पिता, बेटा और बेटी रहते थे। सेकेंड फ्लोर पर आरोपी के चाचा-चाची रहते थे। सबसे निचले फ्लोर पर पार्किंग और गेस्ट रूम है। बहन को धमकाया-जान से मार डालूंगा आरोपी बेटे के मुताबिक, 20 फरवरी को सुबह 4:30 बजे उसने लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मारी। उस वक्त बहन भी मौजूद थी। बहन ने चिल्लाने की कोशिश की तो उसे धमकाया। कहा- अगर तुमने किसी से घटना के बारे में बताया तो जान से मार डालूंगा। इसके बाद उसने शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। पिता की लाश को तीसरे फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर पर लाकर खाली कमरे में रखा। फिर बाजार से आरी खरीदकर लाया और शव के कई टुकड़े किए। सिर और कुछ टुकड़ों को कार में डालकर सदरौना गांव में फेंक दिया। बाकी हिस्सों को पॉलीथिन में पैक कर नीले ड्रम में भर दिया। वारदात के 3 दिन बाद थाने पहुंचा, हाव-भाव से पुलिस को शक हुआ पुलिस के मुताबिक, वारदात के तीन दिन बाद सोमवार को आरोपी बेटा आशियाना थाना पहुंचा और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि उसके पिता 20 फरवरी की सुबह 6 बजे दिल्ली जाने की बात कहकर निकले थे और 21 फरवरी की दोपहर तक लौटने की बात कही थी, लेकिन अब तक वापस नहीं आए हैं। उनके तीनों मोबाइल नंबर लगातार बंद आ रहे हैं। पुलिस ने जब मानवेंद्र को ढूंढना शुरू किया और बेटे से पूछताछ की तो उसके हावभाव संदिग्ध लगे। सख्ती से पूछने पर पहले उसने बताया कि पिता ने आत्महत्या कर ली है। और कड़ाई की गई तो उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली। राइफल गद्दे के नीचे छिपाई थी पिता की हत्या के बाद अक्षत ने राइफल गद्दे के नीचे छुपा दी थी। पुलिस उसे लेकर घर पहुंची। शव को कब्जे में लिया गया तो केवल आधा शरीर मिला, बाकी अंग गायब थे। पूछताछ में उसने बताया कि शरीर के टुकड़े कर काकोरी इलाके के सदरौना में फेंक दिए हैं। करीब आठ घंटे तक पुलिस घर में मौजूद रहकर जांच करती रही। देर रात शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पड़ोसी बोले- रिजर्व रहता था, चार साल पहले घर से भाग गया था पड़ोस में रहने वाले मानवेंद्र सिंह के दोस्त धर्मेंद्र सिंह ने बताया किअक्षत मोहल्ले में किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखता था। अगर कभी आमना-सामना हो जाता तो नमस्ते कर लेता था। मोहल्ले में उसकी किसी से दोस्ती नहीं थी। चार साल पहले अक्षत घर से भाग गया था। उस दौरान वह छह पन्नों का एक पत्र लिखकर गया था। उसमें उसने लिखा था कि वह MBBS नहीं करना चाहता और उसके साथ जबरदस्ती न की जाए। उसने पैथोलॉजी लैब बंद कर लॉन या रेस्टोरेंट खोलने की सलाह भी दी थी। बाद में पिता के समझाने पर वह एक दिन में ही लौट आया। मानवेंद्र सिंह बेटे से बिल्कुल अलग स्वभाव के थे। वह मोहल्ले में सभी से बातचीत करते थे और सबको जोड़कर चलने वाले व्यक्ति थे। हर त्योहार को उत्साह के साथ मनाते थे और कोई न कोई आयोजन करते रहते थे। पार्क में रामलीला का आयोजन भी करवाते थे, जिसमें अक्षत मेघनाद का रोल करता था। उसी दौरान वह सबके साथ घुल-मिलकर रहता था। ‘19 फरवरी के बाद नहीं दिखे मानवेंद्र’ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 19 फरवरी को उनकी मानवेंद्र से आखिरी मुलाकात हुई थी। वह एक दावत से लौटकर आए थे। इसके बाद जब अगले दिन से वह किसी को दिखाई नहीं दिए तो बेटे से पूछा गया। उसने बताया कि पिता दिल्ली गए हैं। बाप-बेटे में अक्सर विवाद होता था, इसलिए लोगों को लगा कि वह नाराज होकर चले गए होंगे। लेकिन दो दिन बीतने के बाद फिर जानकारी ली गई, तब भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद जब दोबारा पूछा गया तो बेटे ने कहा कि पिता लापता हो गए हैं और वह आसपास के इलाकों में उनकी तलाश कर रहा है। -------------------------- ये खबर भी पढ़िए… मेरठ में परिवार के 6 लोग एक साथ जिंदा जले : इनमें जुड़वां बेटियों समेत 5 बच्चे; कपड़ा कारोबारी पिता नमाज पढ़ने गया था मेरठ में कपड़ा कारोबारी के परिवार के 6 लोग जिंदा जल गए। इनमें जुड़वां बेटियों समेत 5 बच्चे हैं। कारोबारी सोमवार की देर शाम नमाज पढ़ने गया था, तभी दो मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। उस वक्त घर में 2 महिलाएं और 5 बच्चे थे। सभी लपटों में फंस गए। (पूरी खबर पढ़िए)
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