फिल्मी गजल को दी नई पहचान, तलत महमूद ने कैसे बदला संगीत का अंदाज
मुंबई, 23 फरवरी (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा का संगीत हमेशा बदलता रहा है, लेकिन कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो सिर्फ दौर का हिस्सा नहीं बनते, बल्कि खुद एक नया दौर रच देते हैं। तलत महमूद उन्हीं चुनिंदा नामों में से एक हैं। उन्होंने 1950 के दशक में फिल्मी दुनिया को गजल की ऐसी मिठास दी, जिसने गीतों के मायने ही बदल दिए। उस समय फिल्मों में ज्यादातर सीधी-सादी धुनें और रोमांटिक गीत हुआ करते थे, लेकिन उन्होंने उर्दू अदब, शायरी और भावनाओं की गहराई को पर्दे पर उतारा।
फिल्मी गजल को दी नई पहचान, तलत महमूद ने कैसे बदला संगीत का अंदाज
मुंबई, 23 फरवरी (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा का संगीत हमेशा बदलता रहा है, लेकिन कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो सिर्फ दौर का हिस्सा नहीं बनते, बल्कि खुद एक नया दौर रच देते हैं। तलत महमूद उन्हीं चुनिंदा नामों में से एक हैं। उन्होंने 1950 के दशक में फिल्मी दुनिया को गजल की ऐसी मिठास दी, जिसने गीतों के मायने ही बदल दिए। उस समय फिल्मों में ज्यादातर सीधी-सादी धुनें और रोमांटिक गीत हुआ करते थे, लेकिन उन्होंने उर्दू अदब, शायरी और भावनाओं की गहराई को पर्दे पर उतारा।
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