Sensex 126 अंक टूटा, लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ 73,124 पर बंद
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच जाने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट रही। सेंसेक्स 126 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी 88 अंक नुकसान में रहा। विश्लेषकों के मुताबिक, कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच चौतरफा बिकवाली और महंगाई से कंपनियों के मुनाफे पर पड़ने वाले असर की चिंता ने निवेशक धारणा को प्रभावित किया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक 125.56 अंक यानी 0.17 प्रतिशत टूटकर 73,123.83 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 797.02 अंक तक गिरकर 72,452.37 अंक पर आ गया था। एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 87.65 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,600 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान यह 315.65 अंक तक गिरकर 22,372 अंक पर आ गया था। सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में टाटा स्टील और अदाणी पोर्ट्स में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। इनके साथ ट्रेंट, टेक महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंडिगो, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर भी नुकसान में रहे।
दूसरी ओर, इटर्नल, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी इंडिया, इन्फोसिस और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में तेजी रही। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.10 प्रतिशत बढ़कर 114.42 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया। ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा, वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने चुनिंदा आईटी शेयरों में खरीदारी के बावजूद बाजार की धारणा कमजोर रखी।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई, रुपये और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव की चिंता बढ़ी है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, निफ्टी की तुलना में मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में अधिक गिरावट आना चिंता का विषय है। ऊंचे मूल्यांकन को लेकर चिंता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर वैश्विक संकेतों से व्यापक बाजार पर दबाव बढ़ा है।
नायर ने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव के सूचकांक इंडिया वीआईएक्स में वृद्धि भी निकट भविष्य में अस्थिरता का संकेत देती है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव से कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रह सकती हैं, जबकि कृत्रिम मेधा (एआई) के कारण वैश्विक बाजारों में जारी बिकवाली से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कम हो रही है। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 3,458.70 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआीआई) ने 2,891.32 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।
एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का सूचकांक कॉस्पी बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि जापान का निक्की सूचकांक गिरावट में रहा। यूरोपीय बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार भी बृहस्पतिवार को नुकसान में बंद हुए थे।
इससे पहले बृहस्पतिवार को सेंसेक्स 460.30 अंक गिरकर 73,249.39 अंक और निफ्टी 123.70 अंक गिरकर 22,687.65 अंक पर बंद हुए थे।
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