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HAL ने Tejas Crash की खबरों को बताया 'अफवाह', कहा- विमान में थी मामूली Technical दिक्कत

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने कई मीडिया रिपोर्ट्स में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस के क्रैश होने की बात कही गई थी, जिसके बाद ऑफिशियल सफाई जारी की है। एचएएल ने साफ कहा है कि एयरक्राफ्ट से जुड़ा कोई क्रैश नहीं हुआ था।
 

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असल में क्या हुआ था?

एचएएल के मुताबिक, यह घटना एक छोटी सी टेक्निकल दिक्कत थी जो तब हुई जब एयरक्राफ्ट ज़मीन पर था। यह हवा में हुआ एक्सीडेंट नहीं था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि इंडियन एयर फ़ोर्स के तेजस एयरक्राफ्ट को एक ट्रेनिंग सॉर्टी के दौरान ब्रेक फेल होने की शक की वजह से एक फ्रंटलाइन एयरबेस पर रनवे से आगे निकल जाने के बाद एयरफ्रेम को बड़ा नुकसान हुआ था। यह भी बताया गया था कि पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट हो गया था। हालांकि, एचएएल ने साफ किया कि यह कोई क्रैश नहीं था और इसे ज़मीन से जुड़ा एक लिमिटेड टेक्निकल मामला बताया। एचएएल ने ज़ोर देकर कहा कि LCA तेजस का मॉडर्न फाइटर एयरक्राफ्ट में दुनिया के सबसे अच्छे सेफ्टी रिकॉर्ड में से एक है। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि एयरक्राफ्ट के सेफ्टी स्टैंडर्ड ऊंचे बने हुए हैं।

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प्रोटोकॉल के हिसाब से जांच चल रही है

कंपनी ने कहा कि स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के हिसाब से, टेक्निकल दिक्कत की डिटेल में जांच की जा रही है। एचएएल इस मामले को जल्दी और असरदार तरीके से सुलझाने के लिए इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF) के साथ मिलकर काम कर रही है। एचएएल ने फिर कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है और हालात को पहले से तय सेफ्टी और रिव्यू सिस्टम के ज़रिए संभाला जा रहा है।

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POCSO के आरोपों पर Swami Avimukteshwaranand का पहला Reaction, सरकार से नहीं डरते, Police का करेंगे सहयोग

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को अपने खिलाफ दर्ज POCSO अधिनियम के तहत मामले को सरकार की एक चाल बताया, जिसका मकसद गौहत्या पर प्रतिबंध की मांग से ध्यान भटकाना है। एएनआई से बात करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर शंकराचार्यों पर "हमला" करने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा कि कथित POCSO मामले में अन्य आरोपियों का उनके गुरुकुल से कोई संबंध नहीं है।

 

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धार्मिक नेता ने कहा कि हम समय-समय पर जनता से मिलते हैं। यह सरकार चाहती है कि हम ही धार्मिक नेता और सरकार दोनों बनें। देश में चार शंकराचार्य हैं जिन्होंने हमेशा सनातन धर्म की रक्षा की है। अब उन्होंने उन पर हमला करना शुरू कर दिया है। सत्य कभी खत्म नहीं होता; वह हमेशा बना रहता है। गौहत्या पर प्रतिबंध की आवाज उठाई जा चुकी है, और हम इसे और भी बुलंद करते रहेंगे। ये लोग जनता का ध्यान किसी और चीज की ओर भटकाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोग गायों की रक्षा चाहते हैं। चारों पीठों के शंकराचार्यों से मिलकर हम गौ माता की रक्षा के लिए यह आंदोलन चला रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जिन छात्रों की चर्चा हो रही है, वे हमारे गुरुकुल के नहीं हैं। आज सुबह उत्तर प्रदेश पुलिस स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आवास पर कथित यौन उत्पीड़न के मामले में उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए स्वामी ने कहा कि वे पुलिस का किसी भी तरह से विरोध नहीं करेंगे और उनके साथ सहयोग करेंगे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पत्रकारों से कहा कि हम पुलिस का किसी भी तरह से विरोध नहीं करेंगे; हम उनके साथ सहयोग करेंगे। पुलिस जो भी करे, जनता सब कुछ देख रही है। देखिए, हमारे लिए तीन अदालतें हैं। एक निचली अदालत, एक मध्य अदालत और एक सर्वोच्च अदालत। निचली अदालत जनता है - लोग सब कुछ देख रहे हैं और वही फैसला सुनाएंगे। 
 

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उन्होंने कहा कि मध्य अदालत हमारी अंतरात्मा है - हम अपने दिल में जानते हैं कि हम सही हैं या गलत। और तीसरी है भगवान, सर्वोच्च अदालत - वह भी देख रहे हैं कि कौन गलत है और कौन सही। इसलिए ऐसी स्थिति में, हमें तीनों अदालतों से क्लीन चिट मिली हुई है। उन्होंने आगे कहा कि तो, जब वे कभी यहाँ आए ही नहीं और इस जगह से उनका कोई लेना-देना नहीं है, तो कोई उनके खिलाफ कुछ कैसे कर सकता है? और तीसरी बात, वे यह कहकर भ्रम फैला रहे हैं कि 'एक सीडी है', तो इसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है? ये सभी सवाल आने वाले दिनों में पूछे जाएंगे और उन्हें इनका जवाब देना होगा।

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  Sports

Abhishek Sharma फ्लॉप, टॉप ऑर्डर फेल! T20 World Cup में South Africa से हार के बाद बढ़ी Team India की मुश्किलें

रविवार रात जो हुआ उसने कई पुराने सवाल फिर से खड़े कर दिए हैं। लगातार 12 टी20 विश्व कप मैच जीतने के बाद भारत की लय साउथ अफ्रीका ने जिस अंदाज में तोड़ी, उसने टीम के भीतर और बाहर दोनों जगह बेचैनी बढ़ा दी है।

अहमदाबाद में खेले गए इस मुकाबले में भारत को 76 रन से हार झेलनी पड़ी। बता दें कि इस हार के बाद टीम का नेट रन रेट -3.80 तक गिर गया है, जो सुपर आठ की दौड़ में बड़ी चिंता की बात है। अब समीकरण साफ है जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीधे मुकाबले जीतना ही एकमात्र रास्ता बचा है। रन रेट पर नजर रखने की गुंजाइश फिलहाल कम ही दिखती है।

गौरतलब है कि टूर्नामेंट से पहले भारत को प्रबल दावेदार माना जा रहा था। पिछले 20 महीनों में टीम ने आक्रामक और संतुलित क्रिकेट खेलते हुए लगातार सफलता हासिल की थी। लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में वही टीम बिखरी हुई नजर आई।

सबसे बड़ी चिंता शीर्ष क्रम की है। अभिषेक शर्मा लगातार तीसरी बार शून्य पर आउट हुए। आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष टी20 बल्लेबाज माने जाने वाले अभिषेक के लिए यह दौर आत्मविश्वास पर भारी पड़ता दिख रहा है। रविवार को उन्होंने पहली गेंद पर चौका जरूर लगाया, लेकिन जल्द ही नियंत्रण खो बैठे। मौजूद जानकारी के अनुसार पांच मैचों में चार बार पहले ओवर में विकेट गिर चुका है, जो टीम की शुरुआत पर बड़ा असर डाल रहा है।

ओपनिंग संयोजन भी सवालों के घेरे में है। अभिषेक और इशान किशन दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और नंबर तीन पर भी बाएं हाथ के तिलक वर्मा का होना विपक्षी टीमों को रणनीतिक बढ़त दे रहा है। साउथ अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम ने ऑफ स्पिन से फिर शुरुआती झटका दिलाया। लगातार तीसरे मैच में पहले ओवर में ऑफ स्पिनर को विकेट मिला, जो सोचने वाली बात है।

तिलक वर्मा की स्थिति भी आसान नहीं रही। तिलक वर्मा टूर्नामेंट से ठीक पहले चोट और सर्जरी से उबरे थे। लंबे ब्रेक के बाद सीधे बड़े मंच पर उतरना आसान नहीं होता। उन्होंने शुरुआत में 25 और 30 के आसपास की पारियां खेलीं, लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरी ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए। विशेषज्ञों का मानना है कि नंबर तीन पर लगातार शुरुआती विकेट गिरने का दबाव उन पर साफ दिख रहा है।

टीम संयोजन को लेकर भी चर्चा तेज है। अक्षर पटेल को बाहर रखकर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया। तर्क यह था कि पावरप्ले में ऑफ स्पिन से साउथ अफ्रीका के बाएं हाथ के बल्लेबाजों को रोका जाए। लेकिन जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की शानदार गेंदबाजी के चलते वह योजना लागू ही नहीं हो पाई। बाद में डेवॉल्ड ब्रेविस और डेविड मिलर ने स्पिनरों पर दबाव बना दिया। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या अक्षर जैसा अनुभवी ऑलराउंडर बेहतर विकल्प साबित हो सकता था।

अब नजरें आगे के मुकाबलों पर टिक गई हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ चेन्नई में होने वाला मैच निर्णायक माना जा रहा है। चर्चा यह भी है कि संतुलन बनाने के लिए संजू सैमसन को शामिल किया जा सकता है, ताकि दाएं हाथ का विकल्प मिले। 

टीम प्रबंधन के लिए यह समय त्वरित फैसलों का है। कोच गौतम गंभीर पहले ही दबाव में हैं। बता दें कि घरेलू टूर्नामेंट में हार का असर अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस किया जाता है। ऐसे में खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रखना और संयोजन में स्पष्टता लाना बेहद जरूरी है।

फिलहाल गणित सरल है। भारत को अपने अगले दोनों मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे और उम्मीद करनी होगी कि साउथ अफ्रीका अपने बाकी मैच भी जीतकर समीकरण आसान कर दे। रन रेट की जटिल गणना में उलझने के बजाय टीम को अपने खेल पर लौटना होगा। समय कम है, चुनौतियां बड़ी हैं, लेकिन मौका अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है
Mon, 23 Feb 2026 21:14:01 +0530

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