Jharkhand Nikay Chunav: झारखंड के 48 शहरी निकायों में मतदान जारी, विकास, सफाई और बुनियादी सुविधाएं बने वोटरों के मुख्य मुद्दे
Jharkhand Nikay Chunav: झारखंड के 48 शहरी निकायों में आज (23 फरवरी) सुबह 7 बजे से मतदान जारी है. मतदाता शाम 5 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. करीब 4300 से अधिक बूथों पर वोट डाले जा रहे हैं. चुनाव गैर-दलीय आधार पर हो रहा है और मतदाता बैलेट पेपर पर मुहर लगा रहे हैं. इस बार मेयर, अध्यक्ष और परिषद सदस्य पद के लिए 562 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि 5562 उम्मीदवार पार्षद पद के लिए किस्मत आजमा रहे हैं. करीब 8000 मतपेटियों में शाम तक प्रत्याशियों की किस्मत बंद हो जाएगी. राज्य निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. कई जगहों पर पुलिस बल तैनात है और दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर की सुविधा भी दी गई है.
वोटरों के मुख्य मुद्दे
मतदाताओं का कहना है कि वे सफाई, सड़क, नाली, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखकर वोट दे रहे हैं. महिलाओं की भागीदारी भी इस बार काफी ज्यादा है. लोगों को उम्मीद है कि नई नगर सरकार शहर के विकास को गति देगी और लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान करेगी.
Acharya Balkrishna Health Tips: कभी खाया है चने का साग? आचार्य बालकृष्ण से जानिए इन पत्तों के फायदे
Acharya Balkrishna Health Tips: सर्दियों के मौसम में अलग-अलग प्रकार के साग मिलते हैं. पालक, बथुआ, मेथी और चने का साग भी इसमें शामिल है. चने के साग का स्वाद बेहतरीन होता है. ये सर्दी के मौसम में शरीर को गर्माहट और पोषण देता है. हाल ही में पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने चने के साग के लाभदायक फायदे बताए हैं. आइए जानते हैं.
क्यों खाना चाहिए चने का साग?
आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण बताते हैं कि सर्दी के मौसम में चने का साग लाभदायक होता है. उन्होंने पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि चने का साग कैल्शियम, फाइबर, आयरन और मिनरलों से भरपूर है. इसे सर्दियों में खाने से शरीर में खून की कमी दूर होती है. इस साग को खाने से शरीर को ऊर्जा भी मिलती है.
गुणों से भरपूर है चना साग
सर्दियों में चने का साग खाने से कई प्रकार के पोषक तत्व मिलते हैं. इस साग में विटामिन बी, सी, ए और के होता है. इसे खाने से इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होती है. चने के साग को खाने पर एनीमिया की समस्या दूर होती है. ये शरीर में रेड ब्लड सेल्स और व्हाइट ब्लड सेल्स को बढ़ाता है. चने का साग एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. बुजुर्गों और छोटे बच्चों को सर्दियों में यह साग अवश्य खाना चाहिए. हमारी स्किन के लिए भी चने का साग फायदेमंद होता है.
चने का साग कैसे बनाएं?
इस साग को बनाने के लिए आपको सबसे पहले चने का साग को धोकर काट लेना है. इसके बाद हरी मूंग की दाल को धोकर, प्रेशर कुकर में साग और दाल को मिलाकर पकाना है. कुछ देर बाद उसमें हरी मिर्च, लहसुन और अदरक को पीसकर डाल दें. बीच-बीच में करछी चलाते हुए साग को पका लें. अब एक कटोरी में बेसन का घोल बनाकर साग में मिलाएं. साग को घोटते हुए चलाएं.
अब दूसरे पैन में सरसों तेल या घी डालकर उसमें प्याज को भूनें. इसमें बारीक कटा लहसुन डालें और गोल्डन होने तक पकाएं. इसके बाद साबुत लाल मिर्च डालें और 1 टमाटर डालकर पकाएं. इसके बाद धनिया पाउडर, नमक और हल्दी डालकर पकाएं. अंत में साग डालकर कुछ समय के लिए पकाएं. देसी घी डालकर साग को सर्व करें.
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