रॉब जेटन बने नीदरलैंड के सबसे युवा प्रधानमंत्री, किंग ने दिलाई शपथ
एम्स्टर्डम, 23 फरवरी (आईएएनएस)। नीदरलैंड को अपना नया प्रधानमंत्री मिल गया है। 38 साल के रॉब जेटन को देश के राजा ने पीएम पद की शपथ दिलाई। जेटन तीन दलों के गठबंधन से बनी अल्पमत सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।
नीदरलैंड्स ब्रॉडकास्टिंग सर्विस (एनओएस) के अनुसार चार साल में तीसरी बार, नए डच कैबिनेट ने शपथ ली। किंग विलेम-अलेक्जेंडर ने जेटन कैबिनेट को शपथ दिलाई। इसके बाद, अल्पमत कैबिनेट के सदस्य अपने मंत्रालयों में गए और अपना जिम्मा संभाला। परंपरानुसार पुरुष सदस्य राजा के सामने मॉर्निंग कोट पहनकर पहुंचे, और फिर शपथ ग्रहण समारोह के बाद ड्रेस बदल ली।
शपथ ग्रहण समारोह द हेग के ह्यूस टेन बॉश पैलेस में हुआ। इसके तुरंत बाद, नए कैबिनेट ने महल की सीढ़ियों पर राजा के साथ फोटो खिंचवाई।
तीनों गठबंधन पार्टियों के पास 150 सीटों वाले सदन में सिर्फ 66 सीटें हैं। इस वजह से उन्हें कोई भी कानून पास करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी और लगभग हर बिल को पास कराने के लिए विपक्षी सांसदों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
बता दें, नीदरलैंड की तीनों सियासी दलों के नेताओं ने चुनावी नतीजों के तीन महीने बाद जनवरी 2026 में एक नए गठबंधन डील पर सहमति जताई थी, जिससे नीदरलैंड्स में चुनावों के लगभग तीन महीने बाद एक अनोखी अल्पमत सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ था, जिसमें मध्यमार्गी डी66 पार्टी को जीत मिली थी।
रॉब जेटन लिबरल-प्रोग्रेसिव, यूरोप समर्थक डी66 पार्टी का नेतृत्व करते हैं। उन्होंने रूढ़िवादी क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स और राइट-विंग वीवीडी के साथ मिलकर एक ऐसी सरकार बनाई जिसके पास 150 सीटों वाले निचले सदन में सिर्फ 66 सीटें हैं।
नए गठबंधन ने इस्लाम विरोधी गीर्ट वाइल्डर्स के नेतृत्व वाली दक्षिणपंथी फ्रीडम पार्टी (पीवीवी) के सामने चुनौती पेश की थी। डी66 ने अक्टूबर के कड़े चुनाव में बहुत कम अंतर से हराया था। दोनों पार्टियों ने 26 सीटें जीती थीं, हालांकि पीवीवी के सात सांसदों ने बाद में पार्टी छोड़ दी थी।
--आईएएनएस
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शंकराचार्य का दावा, हिस्ट्रीशीटर है आशुतोष ब्रह्मचारी, दो दर्जन अधिक संगीन मामले हैं दर्ज
उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर मुकदमा चर्चा का विषय है. इस बीच स्वामी पर मुकदमा दर्ज करवाने वाले अशुतोष ब्रह्माचारी भी खुद विवादों के घेरे में हैं. शंकराचार्य का दावा है कि आशुतोष एक हिस्ट्रीशीटर है. उनके खिलाफ दो दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज किए गए है. आशुतोष खुद को सहारनपुर की शाकुभ्भरी पीठ से जड़ा संत बताया है. हालांकि, पुलिस का रिकॉर्ड उनकी पोल खोलता नजर आ रहा है. आपको बता दें कि अशुतोष ब्रह्मचारी ने ही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके एक सहयोगी के खिलाफ यौन शोषण का केस दर्ज करवाया है.
किस तरह से शुरू हुआ विवाद
शुक्रवार को यह विवाद तब सामने आया, जब आशुतोष ने प्रयागराज में शंकराचार्य और उनके सहयोगी पर यौन शोषण का आरोप लगाया. इसके साथ एफआईआर को दर्ज कराई थी. इस कदम से आशुतोष का नाम अचानक सुर्खियों में आए गए. अब शंकराचार्य ने पलटवार किया. उन्होंने कहा, ‘आशुतोष कोई संत नहीं, बल्कि एक हिस्ट्रीशीटर है. उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं. ये उसके चरित्र को उजागर करते हैं.’
क्या कहते हैं पुलिस रिकॉर्ड?
पुलिस दस्तावेजों के तहत, राजेंद्र सिंह के बेटे आशुतोष ब्रह्मचारी का आपराधिक रिकॉर्ड वर्ष 2002 से आरंभ होता है. शामली के कांधला थाना के तहत आने वाले मौजा रायजादगंज के निवासी आशुतोष ब्रह्मचारी पर कई धाराओं में केस दर्ज हैं. मामले में प्रमुख रूप से गौ—हत्या और तस्करी से जुड़े गौवध निषेध अधिनियम के तहत कई केस दर्ज हैं. गोंडा में गो-तस्कर माजिद हसन के साथ मिलकर रिश्वत का प्रयास का भी केस दर्ज हुआ था.
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