NRI Housing Loan धोखाधड़ी मामले में ED का एक्शन, Delhi-NCR समेत 13 ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को दिल्ली-NCR, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में 13 जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले से जुड़ी है, जिसमें कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके NRI हाउसिंग लोन लिए गए थे। 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत यह छापेमारी सुबह-सुबह शुरू हुई, जिसमें पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने भी सहयोग किया। इस दौरान मामले से जुड़े संदिग्धों के ठिकानों की तलाशी ली गई। अधिकारियों के मुताबिक, जिन कंपनियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई, उनमें 'अंतरिक्ष प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड' और 'सनशाइन इन्फ्रावेल प्राइवेट लिमिटेड' शामिल हैं।
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इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन का उद्देश्य संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े सबूत जुटाना और कथित अपराध से जुड़े पैसों का पता लगाना है। यह जांच अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए लिए गए हाउसिंग लोन में हुए कथित धोखाधड़ी से जुड़ी है, जिसमें लोन हासिल करने के लिए कथित तौर पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था। केंद्रीय एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल इकाइयों की कथित भूमिका और संदिग्ध धोखाधड़ी की रकम की जांच कर रही है। इस सर्च ऑपरेशन के दौरान, कानून के प्रावधानों के तहत, ED दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के साथ-साथ अन्य ऐसे सबूतों को भी अस्थायी रूप से जब्त कर सकती है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे अपराध से हासिल की गई कमाई (proceeds of crime) हैं।
Kedarnath Dham के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद, Ukhimath में होगी शीतकालीन पूजा
स्थानीय प्रशासन ने घोषणा की है कि 11 नवंबर की सुबह केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे, जिसके साथ ही वार्षिक तीर्थयात्रा संपन्न हो जाएगी। कपाट बंद होने के बाद, बाबा केदार की डोली को ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर ले जाया जाएगा, जहाँ वह लगभग छह महीने तक शीतकालीन पूजा के लिए रहेगी। माना जा रहा है कि अक्षय तृतीया के आसपास, यानी अप्रैल और मई के बीच, जब ऊँचाई पर स्थित यह धाम फिर से खुलेगा, तब प्रतिमा वापस केदारनाथ लौट आएगी।
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रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के नेतृत्व में, शीतकालीन तीर्थयात्रा सीजन के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस दौरान तीर्थस्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। प्रशासन का मुख्य ध्यान सुरक्षा, पीने के पानी, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं, पार्किंग, शौचालय की सुविधाओं और यातायात प्रबंधन पर है, ताकि तीर्थयात्रा का अनुभव सुगम और सुरक्षित रहे।
आने वाले सीज़न के बारे में बात करते हुए, विशाल मिश्रा ने बताया कि केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर की सुबह बंद हो जाएंगे, जिससे वार्षिक तीर्थयात्रा का समापन होगा। इसके बाद शीतकालीन तीर्थयात्रा शुरू हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि सर्दियों के दौरान, श्री केदारनाथ धाम की पालकी को ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर लाया जाता है, जिसके बाद श्रद्धालु दर्शन के लिए वहां पहुंचने लगते हैं। मैंने देखा है कि पिछले कुछ वर्षों में शीतकालीन तीर्थयात्रा को लेकर उत्साह काफी बढ़ा है, और लोग प्रार्थना करने के लिए मंदिर आ रहे हैं।
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मिश्रा ने यह भी बताया कि प्रशासन अभी ऊखीमठ में ज़रूरी सुविधाओं—जैसे पार्किंग और शौचालय—की ज़रूरतों का आकलन कर रहा है, ताकि वहां आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को संभाला जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में, हम ऊखीमठ में पार्किंग और शौचालयों जैसी जरूरी सुविधाओं की आवश्यकताओं का भी आकलन कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे शीतकालीन तीर्थयात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और भलाई के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करें।
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