होर्मुज में 7 तेल टैंकरों पर हमला, ईरान ने अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप, ट्रंप बोले- तेल की कीमतें बढ़ाने की साजिश
Hormuz Tension: होर्मुज में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान ने दावा किया है कि यहां 7 तेल टैंकरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि अमेरिका ने इसे तेल की कीमतें बढ़ाने की कोशिश बताया है. दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव ने दुनिया की तेल सप्लाई और अमेरिकी राजनीति, दोनों को लेकर चिंता बढ़ा दी है. सवाल है कि क्या होर्मुज की जंग अब और खतरनाक मोड़ लेने वाली है?
ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सात तेल टैंकरों को नुकसान पहुंचा है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, चार जहाजों को निशाना बनाया गया, जबकि तीन अन्य जहाज समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों (माइंस) से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गए. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.
IRGC ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि चार तेल टैंकरों पर हमले के बाद रात में उनमें आग लग गई. बाकी तीन जहाज माइंस से टकराने के कारण खराब हो गए. यह भी स्पष्ट नहीं है कि इन घटनाओं में कोई हताहत हुआ है या नहीं. रिपोर्ट में जहाजों के झंडों और उनकी पहचान से जुड़ी जानकारी भी नहीं दी गई है.
IRGC ने दी चेतावनी
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य के दूसरे हिस्सों में जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए आगे आती है, तो मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए जा सकते हैं. IRGC ने अपनी वेबसाइट सेपा न्यूज पर जारी बयान में कहा कि अमेरिकी सेना को पता होना चाहिए कि अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो लड़ाई पूरे क्षेत्र में उसके सैन्य ठिकानों तक फैल जाएगी. उसने इसे गंभीर चेतावनी बताया.
होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका-ईरान में टकराव
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है. युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता था. ईरान इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण होने का दावा करता है. उसका कहना है कि वह उन जहाजों को निशाना बना रहा है, जो उसकी अनुमति के बिना यहां से गुजरने की कोशिश करते हैं. दूसरी ओर, अमेरिकी सेना भी बड़ी संख्या में जहाजों को इस रास्ते से सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही है. इसके जवाब में ईरान ने हमले तेज कर दिए हैं.
ट्रंप ने खारिज किए आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि वह अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले तेल की कीमतें बढ़ाने के लिए संकट पैदा कर रहा है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले तेल की कीमतें बढ़ाने की हर संभव कोशिश कर रहा है. वह फर्जी हमले, माइंस और दूसरी गतिविधियों का सहारा ले रहा है, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य से अब युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले भी ज्यादा तेल गुजर रहा है.
Aaj Ka Mausam: 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; जानें दिल्ली-UP समेत देशभर का मौसम
Aaj Ka Mausam: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 अक्टूबर को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है. इस दौरान तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. वहीं, दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. दूसरी ओर, उत्तर भारत के कई राज्यों में सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ने लगी है.
4 नवंबर तक कई इलाकों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 4 नवंबर तक देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. दक्षिण भारत में 23 से 28 अक्टूबर के बीच बारिश का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है. तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह समेत कई क्षेत्रों में बारिश हो सकती है. इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है. बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा मौसमी सिस्टम आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है.
दिल्ली-NCR में गिर रहा तापमान, प्रदूषण बढ़ने की चिंता
दिल्ली-एनसीआर में सुबह और रात के समय तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. हवा की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषण की स्थिति भी बिगड़ने की आशंका है. 23 अक्टूबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 24 अक्टूबर से आसमान में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं और अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. वहीं, 27 अक्टूबर तक न्यूनतम तापमान गिरकर करीब 17 डिग्री सेल्सियस तक आने की संभावना है. ऐसे में सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस हो सकती है. वहीं, इंडिया गेट के आस-पास के इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 236 है, जिसे CPCB (सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड) के अनुसार 'खराब' कैटेगरी में रखा गया है.
#WATCH | Delhi: The Air Quality Index (AQI) in the area around India Gate is 236, categorised as 'Poor', as per the CPCB (Central Pollution Control Board).
— ANI (@ANI) October 23, 2026
Visuals from the area this morning pic.twitter.com/DFpshAXcNq
उत्तर प्रदेश में गुलाबी ठंड का असर
उत्तर प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे ठंड की ओर बढ़ रहा है. सुबह और शाम के समय तापमान कम होने से लोगों को हल्की ठंड महसूस होने लगी है. ग्रामीण इलाकों में भी लोग गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने लगे हैं. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के तापमान में और गिरावट आ सकती है. फिलहाल प्रदेश के किसी भी जिले के लिए बारिश का अलर्ट नहीं बताया गया है. ऐसे में लोगों को बारिश के बजाय बदलते तापमान और सुबह-शाम की ठंड का सामना करना पड़ सकता है.
बिहार में कैसा रहेगा मौसम?
बिहार में फिलहाल किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है. हालांकि, पिछले दिनों की तुलना में तापमान में गिरावट आने से सुबह और शाम के समय ठंड का एहसास बढ़ रहा है. राज्य में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है.
पंजाब में बारिश नहीं, नवंबर की शुरुआत में बढ़ेगी ठंड
पंजाब में 23 से 28 अक्टूबर के बीच किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है. इस अवधि में बारिश का अलर्ट भी जारी नहीं किया गया है. हालांकि, 29 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है. इससे सुबह और रात के समय ठंड बढ़ने की संभावना है.
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर संभव
हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां शुरू होने की संभावना है. हालांकि, फिलहाल बारिश को लेकर किसी बड़े अलर्ट की जानकारी नहीं दी गई है. मौसम में बदलाव होने पर पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर बढ़ सकता है.
ओडिशा में 70 KM प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
ओडिशा में 27 और 28 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि कुछ झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. ऐसे मौसम में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों पर रहने से बचना चाहिए.
तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश की आशंका
दक्षिण भारत के राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का असर अधिक रहने का अनुमान है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 22 से 28 अक्टूबर के बीच गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. केरल और माहे में 22 से 25 अक्टूबर तक बारिश होने के आसार हैं. वहीं, लक्षद्वीप में भी 22 से 25 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर 26 अक्टूबर तक बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है. केरल और माहे में 25 अक्टूबर तथा लक्षद्वीप में 24 अक्टूबर तक कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है.
अगले दो सप्ताह में शीतलहर की संभावना नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो सप्ताह के दौरान देश के किसी भी हिस्से में शीतलहर चलने की संभावना नहीं है. 22 से 28 अक्टूबर के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है. वहीं, देश के कुछ अन्य हिस्सों में तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री सेल्सियस नीचे रहने का अनुमान है. 29 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच पूर्वी, पूर्वोत्तर, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है. दूसरी ओर, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और कच्छ में कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है. ऐसे में देश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं बारिश तो कहीं ठंड का असर बढ़ता दिखाई दे सकता है.
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