भास्कर अपडेट्स:सिम बाइंडिंग नियम से जुड़ेंगे वॉट्सएप और टेलीग्राम एप, ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने नया नियम
दूरसंचार विभाग (DOT) ने वॉट्सएप और टेलीग्राम जैसे एप को केवाईसी सत्यापित सिम से अकाउंट जोड़ने के निर्देश दिए हैं। नए नियमों को लागू करने का मकसद ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकना है। बिना सिम के वाई-फाई से एप चलाने वाले यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं। DOT ने 28 नवंबर 2025 को निर्देश जारी किए थे। इधर वॉट्सएप वेब पर हर 6 घंटे में लॉगआउट की अनिवार्यता हटा दी गई है। नियमों के पालन की समय सीमा 31 दिसंबर बताई गई है। सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा व्यवस्था है, जिसमें मोबाइल नंबर की सिम को किसी ऐप से जोड़ा जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि ऐप का इस्तेमाल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और अधिकृत सिम के जरिए ही हो। आज की अन्य बड़ी खबरें… हैदराबाद में महिला से बदसलूकी के आरोप में DRDO कर्मचारी को मुक्का मारा, मौत हैदराबाद में महिला से बदसलूकी के आरोप पर पड़ोसी के मुक्का मारने से DRDO के 55 साल के कर्मचारी की मौत हो गई। घटना बुधवार शाम चिक्कड़पल्ली इलाके की एक रिहायशी बिल्डिंग में हुई। पुलिस के मुताबिक, 23 साल की महिला ने कर्मचारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया था। इसकी जानकारी मिलने पर जिम ट्रेनर पड़ोसी ने कर्मचारी से बहस की और उसके चेहरे पर मुक्का मार दिया। इससे वह गिर पड़ा और उसके सिर में चोट लग गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि मृतक की पत्नी की शिकायत पर जिम ट्रेनर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, महिला की शिकायत पर मृतक के खिलाफ भी बदसलूकी का केस दर्ज हुआ है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
यूरोप का दूसरा बड़ा हथियार सप्लायर बना भारत:पहले 28वां था; रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से ₹8000 करोड़ के गोला-बारूद सप्लाई किए, निर्यात 1600% बढ़ा
भारत वैश्विक हथियार निर्यातक के रूप में उभरा है। ट्रेड डेटा मॉनिटर के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने यूरोपीय देशों को 8,271 करोड़ रुपए के गोला-बारूद सप्लाई किए, जिनमें आर्टिलरी और मोर्टार शेल शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी और मध्य यूरोप को भारत का रक्षा निर्यात 1,600% बढ़ा है। भारत अब दक्षिण कोरिया के बाद इस क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा गोला-बारूद सप्लायर है। चार साल पहले 28वें स्थान पर था। वहीं, मार्च 2026 तक भारत इजराइल को विमान, हेलिकॉप्टर और ड्रोन के पुर्जे सप्लाई करने वाला तीसरा सबसे बड़ा विदेशी आपूर्तिकर्ता बन गया, जो 2023 में नौवें स्थान पर था। भारत के पास बड़ा रक्षा उद्योग, यूरोप को जरूरत हथियारों के व्यापार पर रिसर्च करने वाली स्वीडन की संस्था सिपरी के वरिष्ठ रिसर्चर सिमोन वेजमैन का कहना है कि यूक्रेन की जरूरतों और यूरोप की रक्षा मांगों को पूरा करने के लिए भारत से हथियार आयात किए जा रहे हैं। भारत के पास इसका एक विकसित रक्षा उद्योग है। वहीं, किंग्स कॉलेज लंदन में राजनीति विज्ञानी वॉल्टर लाडविग कहते हैं कि भारतीय कंपनियां सीधे यूक्रेन को हथियार देने के बजाय यूरोपीय देशों को बेच रही हैं। 6 साल में जितने हथियार बेचे थे, उतने एक साल में बेच दिए भारत का रक्षा उद्योग एक तरफ यूरोप और यूक्रेन के सहयोगियों को गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहा है, तो दूसरी तरफ पश्चिम एशिया में इजराइल की सैन्य जरूरतों को भी बड़े पैमाने पर पूरा कर रहा है। मार्च 2026 तक पिछले दो वर्षों में भारत ने इजराइल को लगभग 630 करोड़ रु. मूल्य के आर्टिलरी शेल, मोर्टार राउंड और विस्फोटक भेजे हैं, जो इससे पहले के छह वर्षों के कुल निर्यात के बराबर है। 2022 से जारी रूस-यूक्रेन जंग रूस और यूक्रेन के बीच जंग फरवरी 2022 में शुरू हुई। रूस ने यूक्रेन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया और तभी से दोनों देशों के बीच लड़ाई जारी है। रूस के पास यूक्रेन के करीब 20% इलाके पर कब्जा है। इस युद्ध में हजारों नागरिकों और सैनिकों की मौत हुई है, जबकि लाखों यूक्रेनियन अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। जून 2023 तक करीब 80 लाख लोग यूक्रेन छोड़कर दूसरे देशों में चले गए थे। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… रक्षा मंत्रालय सेना के लिए ₹770 करोड़ के रडार खरीदेगा, फाइटर जेट और छोटे ड्रोन को पहचानकर ट्रैक करेंगे रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की हवाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए बुधवार को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ करीब 770 करोड़ रुपए की डील की है। इसके तहत इम्प्रूव्ड लो लेवल लाइट वेट रडार (LLLR-I) खरीदे जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
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