साधारण थाली से 5 स्टार होटल तक: 9 भारतीय व्यंजन जो कभी “गरीबों का खाना” थे, अब बने प्रीमियम डिश
9 Indian Traditional: कभी आपने सोचा है कि जिस खिचड़ी को घर में बीमार पड़ने पर मजबूरी में खाया जाता था, वही आज किसी फाइव-स्टार होटल की मेन्यू में “सोलफुल कम्फर्ट बाउल” बनकर क्यों चमक रही है? या फिर सड़क किनारे मिलने वाला मिसल पाव अब आर्टिसन ब्रेड और स्पेशल मसाला ब्लेंड के साथ क्यों परोसा जा रहा है? सच तो यह है कि भारत का खान-पान केवल स्वाद की कहानी नहीं, बल्कि समाज, संघर्ष, मौसम और संसाधनों की भी कहानी है. जिन व्यंजनों को कभी सादगी या मजबूरी का प्रतीक माना गया, वही आज ‘ऑर्गेनिक’, ‘मिलेट-बेस्ड’, ‘प्रोबायोटिक’ और ‘रीजनल गॉरमेट’ जैसे टैग के साथ प्रीमियम बन चुके हैं. यह बदलाव सिर्फ प्लेट में नहीं, सोच में भी आया है. आइए जानते हैं उन 9 भारतीय व्यंजनों की कहानी, जिन्होंने साधारण रसोई से लग्जरी डाइनिंग तक का लंबा सफर तय किया.
2026 में कैसिंल हो सकता है इन लोगों का राशन कार्ड, कहीं आप भी तो नहीं लिस्ट में? चेक करें
दिल्ली में 2026 से राशन कार्ड के नियम सख्त हो गए हैं. 1.2 लाख से ज्यादा आय, पक्का मकान, चार पहिया वाहन या 2 किलोवॉट से अधिक बिजली कनेक्शन होने पर आपका कार्ड रद्द हो सकता है. पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन और डिजिटल वेरिफिकेशन आधारित होगी. क्या आप नए मानकों पर खरे उतरते हैं? आवेदन से पहले अपनी पात्रता जरूर जांच लें.
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