क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी का IPO आज ओपन होगा:25 फरवरी तक बोली लगा सकेंगे, मिनिमम 14,742 रुपए निवेश करने होंगे
रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस का IPO आज यानी 23 फरवरी को ओपन होगा। निवेशक 25 फरवरी तक इसमें बोली लगा सकेंगे। कंपनी इस IPO के जरिए 3,100 रुपए जुटाना चाहती है। कंपनी इस इश्यू के जरिए फ्रेश शेयर और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों लेकर आ रही है। प्राइस बैंड ₹1,000 से ₹1,053 तक कंपनी ने इसका प्राइस बैंड 1,000 से 1,053 रुपए प्रति शेयर तय किया है। निवेशक कम से कम 14 शेयरों के एक लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए ऊपरी स्तर पर 14,742 रुपए निवेश करने होंगे। वहीं अधिकतम 1,91,646 रुपए लगा सकेंगे। 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व कंपनी ने इस आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए 35% हिस्सा रिजर्व रखा है। वहीं 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) और 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स के लिए तय किया गया है। एक्सिस कैपिटल, जेपी मॉर्गन और एसबीआई कैप जैसे बड़े बैंक इस इश्यू के लीड मैनेजर हैं। कंपनी के शेयर BSE और NSE दोनों पर लिस्ट होंगे। कर्ज चुकाने में होगा फंड का इस्तेमाल कंपनी ने बताया कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि में से करीब 1,122.6 करोड़ रुपए का इस्तेमाल कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों के पुराने कर्जों को चुकाने के लिए किया जाएगा। बाकी बची रकम का उपयोग जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए होगा। आईपीओ से पहले कंपनी ने प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए 1,500 करोड़ रुपए जुटाए हैं, जिसमें टेमासेक और बैन कैपिटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। 15 साल का अनुभव और 2.80 गीगावाट की क्षमता CRISIL की रिपोर्ट के अनुसार, क्लीनमैक्स कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (CI) रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की बड़ी कंपनी है। 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी के पास 2.80 GW की ऑपरेशनल क्षमता थी। इसके अलावा 3.17 GW के प्रोजेक्ट्स पर अभी काम चल रहा है। कंपनी मुख्य रूप से नेट जीरो सॉल्यूशंस और कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में काम करती है। IPO क्या होता है? जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर्स को आम लोगों के लिए जारी करती है तो इसे इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO कहते हैं। कंपनी को कारोबार बढ़ाने के लिए पैसे की जरूरत होती है। ऐसे में कंपनी बाजार से कर्ज लेने के बजाय कुछ शेयर पब्लिक को बेचकर या नए शेयर इश्यू करके पैसा जुटाती है। इसी के लिए कंपनी IPO लाती है।
IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर में आज लोअर सर्किट:10% गिरकर 75.16 रुपए पर आया, ₹590 करोड़ के फ्रॉड के बाद गिरावट
IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरो में आज यानी 23 फरवरी को 10% का लोअर सर्किट लग गया और यह 75.16 रुपए के भाव पर आ गया है। दरअसल, बैंक ने BSE को जानकारी दी है कि उसकी चंडीगढ़ की एक शाखा में करीब 590 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा सामने आया है। मामला तब खुला जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने बैंक को कुछ संदिग्ध ट्रांजेक्शन को लेकर जानकारी दी। बैंक ने फिलहाल इस मामले में शामिल 4 संदिग्ध कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। हरियाणा सरकार के खातों में हुई गड़बड़ी बैंक ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह धोखाधड़ी चंडीगढ़ की एक विशेष शाखा में हरियाणा सरकार के कुछ खातों के साथ हुई है। बैंक के मुताबिक, अभी उन खातों के मिलान की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें करीब 590 करोड़ रुपए की राशि शामिल है। बैंक अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह गड़बड़ी कब से चल रही थी। बाहरी लोगों के साथ मिलीभगत का शक पैसे रिकवर करने की कोशिशें शुरू IDFC फर्स्ट बैंक ने उन बैंकों को भी 'रिकॉल रिक्वेस्ट' भेजी है, जिनके खातों में संदिग्ध पैसा ट्रांसफर किया गया है। बैंक ने दूसरे बैंकों से उन 'संदिग्ध खातों' में मौजूद बैलेंस को होल्ड करने की रिक्वेस्ट की है, ताकि पैसे की रिकवरी की जा सके। बैंक का कहना है कि नुकसान का सही आकलन जांच और रिकवरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो पाएगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 















.jpg)



