Responsive Scrollable Menu

भारत की अगली कृषि क्रांति एआई‑संचालित होगी: डॉ. जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। भारत की अगली कृषि क्रांति कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से संचालित होगी, यह बात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज मुंबई में आयोजित एआई4 एग्री 2026 शिखर सम्मेलन में कही। उन्होंने एआई को खेती नीति, अनुसंधान और निवेश ढांचे का केंद्रीय स्तंभ बताया। यहां आयोजित “ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन एआई इन एग्रीकल्चर एंड इन्वेस्टर समिट 2026” के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि एआई उन संरचनात्मक चुनौतियों के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर लागू होने वाले समाधान प्रस्तुत करता है जो लंबे समय से खेती उत्पादकता को सीमित कर रही हैं – अनियमित मौसम, जानकारी की असमानता और टुकड़े‑टुकड़े बाजार।

उन्होंने कहा, “एआई जो प्रस्तुत करता है वह कोई नई रोग‑निदान नहीं है; यह अंततः एक ऐसा उपचार है जिसे पूरे देश में बड़े पैमाने पर लागू किया जा सकता है।” उन्होंने यह भी नोट किया कि वैश्विक दक्षिण के लगभग 60 करोड़ किसानों के लिए भी यदि उत्पादकता में केवल 10 प्रतिशत की वृद्धि हो जाए, तो यह उनके अनुसार इस सदी का सबसे बड़ा गरीबी‑निवारण अवसर होगा।

कृषि को एक पुराने, परंपरागत क्षेत्र के बजाय एक रणनीतिक क्षेत्र के रूप में प्रस्तुत करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस एआई‑प्रयास को 10,372 करोड़ रुपए के इंडिया एआई मिशन से जोड़ा, जो स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग क्षमता, डेटासेट और स्टार्टअप ढांचे का बड़े पैमाने पर निर्माण कर रहा है।

उन्होंने भारतजन – भारत के सरकार‑स्वामित्व वाले बड़े भाषा‑मॉडल पारिस्थितिकी‑तंत्र-की चर्चा की, जिसने पहले ही “एग्री परम” नामक एक क्षेत्र‑विशिष्ट कृषि मॉडल जारी किया है जो 22 भारतीय भाषाओं में काम करता है और किसानों को अपनी मातृभाषा में सलाह‑सहायता तक पहुंच देता है। उन्होंने कहा, “यह वह एआई है जो किसान से मराठी, भोजपुरी, या कन्नड़ में बात करता है,” और भाषाई समावेशन के महत्व पर जोर दिया। मंत्री ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) इंडिया एआई ओपन स्टैक को समर्थन दे रहा है, जो एक खुला, अंतरसंचालित ढांचा है, ताकि देश के किसी भी हिस्से में विकसित किए गए एग्री‑एआई समाधान राष्ट्रीय फ्रेमवर्क में आसानी से जुड़ सकें।

अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन आईआईटी, आईआईसी और आईसीएआर के साथ मिलकर डीप‑टेक और एआई अनुसंधान को वित्त पोषित कर रहा है, जिसमें कृषि अनुप्रयोग भी शामिल हैं। डॉ. सिंह ने ड्रोन और उपग्रह‑आधारित मैपिंग की ओर इशारा किया, जो पहले से ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड और स्वामित्व मिशन को मजबूत कर रही हैं, क्योंकि वे भूमि और मिट्टी के सत्यापित डेटा प्रदान करती हैं। उन्होंने जलवायु बुद्धिमत्ता में निवेश की बात की, जहां पृथ्वी विज्ञान और एआई को प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों में एकीकृत किया जा रहा है, ताकि किसान “घबराएं नहीं, बल्कि योजना बनाएं।” उन्होंने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी की भूमिका टिकाऊ और रोग‑प्रतिरोधी फसलों के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण होगी, जिसमें कीट और पौधों के रोगों का शुरुआती, लक्षण‑रहित पता लगाना भी शामिल है, साथ ही एक चक्रीय फसल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में भी यह महत्वपूर्ण योगदान देगी।

संभावनाओं के पैमाने पर प्रकाश डालते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की लगभग 14 करोड़ खेती इकाइयाँ, जिनमें अधिकांश छोटे और सीमांत किसान हैं, एक साथ वार्षिक लगभग 70,000 करोड़ रुपये का मूल्य उत्पन्न कर सकती हैं, अगर एआई‑संचालित सलाह प्रत्येक किसान को बेहतर निवेश‑समय, कीट‑भविष्यवाणी और बाज़ार‑संबंधन के माध्यम से प्रति वर्ष केवल 5,000 रुपए भी बचा दे। उन्होंने महाराष्ट्र की 500 करोड़ रुपये की महाएग्री-एआई

नीति 2025–29 को एक आदर्श मॉडल के रूप में उद्धृत किया और कहा कि केंद्र ऐसी राज्य‑स्तरीय पहलों को समन्वित और बढ़ावा देगा।

--आईएएनएस

एमएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

नेचुरल तरीके से बढ़ाएं गर्भधारण की संभावना, आज ही शुरू करें ये आहार

नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। आज की आधुनिक जीवनशैली में समय की कमी और भागदौड़ ने लोगों को शारीरिक रूप से निष्क्रिय बना दिया है। लोग हमेशा जल्दी और हड़बड़ी में रहते हैं, जिससे जंक फूड का सेवन काफी बढ़ गया है।

यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि पुरानी बीमारियां भी पैदा करती है। खासकर ऐसी जीवनशैली महिलाओं के लिए बेहद हानिकारक है। स्त्रियों को इससे प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने में समस्या आ सकती है। प्रेगनेंसी में कठिनाई के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन उनमें से एक प्रमुख खानपान है।

महिलाओं में नेचुरल तरीके से गर्भधारण की संभावना बढ़ाने में भोजन का बहुत बड़ा रोल होता है। स्त्रियों में प्राकृतिक रूप से प्रेगनेंसी की अधिकांश संभावना हो इसके लिए उनका स्वस्थ होना बहुत जरूरी है और स्वस्थ शरीर के लिए स्वच्छ और पौष्टिक भोजन का सेवन अनिवार्य है। नेचुरल तरीके से गर्भधारण करने के लिए क्या खाना चाहिए?

नेचुरल तरीके से गर्भधारण की संभावना बढ़ाने के लिए महिलाओं को अपनी डाइट में पौष्टिक भोजनों को शामिल करना चाहिए, जिनमें इम्यूनिटी को बूस्ट करने और हॉर्मोंस को संतुलित रखने की क्षमता हो।

इसके लिए उन्हें हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, ब्रोकोली), अवाकाडो, अंडे, मछली, ड्राई फ्रूट्स, बेरिज (स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी), अंजीर, लहसन, मेथी के दाने, अनार, शकरकंद, मशरूम, साबुत अनाज, फलियां (दाल, बीन्स), ड्राई फ्रूट्स, अखरोट, सूरजमुखी के बीज, कद्दू के बीज और फुल-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स (दही, दूध), आदि का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए।

ये खाद्य पदार्थ महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इनमें विभिन्न प्रकार के विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, फोलेट, आयरन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो ओव्यूलेशन में सुधार, हार्मोन को बैलेंस और स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं।

वहीं, नेचुरल तरीके से गर्भधारण की संभावना को बढ़ाने के लिए महिलाएं ट्रांस फैट, उत्तेजक पदार्थ (शराब, तंबाकू, कॉफी, सिगरेट) और मानसिक तनाव से बचें। इसी के साथ वजन को सामान्य बनाए रखने की कोशिश करें और योग या व्यायाम को डेली रूटीन में शामिल करें।

--आईएएनएस

दीपा मिश्रा/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

दो स्टार खिलाड़ी बाहर! साउथ अफ्रीका से हार पर हाहाकार, हो सकते हैं प्लेइंग XI में बड़े बदलाव

Tilak OUT Samson To Open With Abhishek: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को मिली साउथ अफ्रीका के खिलाफ शर्मनाक हार ने सेमीफाइनल में पहुंचने का समीकरण बिगाड़ दिया है. टीम इंडिया को अगले मैच में उतरने से पहले प्लेइंग इलेवन में कुछ बदलाव करने की जरूरत है. Mon, 23 Feb 2026 07:21:46 +0530

  Videos
See all

Pakistan Afghanistan War Live: पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद भड़का अफगानिस्तान, युद्ध शुरू?|Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-23T02:11:09+00:00

Tiger Viral Video टाइगर की शिवभक्ति का वीडियो देखकर लोग हैरान N18S Shorts | #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-23T02:13:35+00:00

Akhilesh Yadav Big Statement On Rambhadracharya | रामभद्राचार्य पर ये क्या बोल गए अखिलेश यादव? #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-23T02:10:22+00:00

AI Summit Controversy: Youth Congress के 'Shirtless Protest पर PM Modi का तगड़ा हमला #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-23T02:12:51+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers