Jharkhand Nikay Chunav: मतदान से पहले सियासी जंग तेज, दांव पर दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा
Jharkhand Nikay Chunav: रांची समेत राज्यभर में निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. कल यानी 23 फरवरी को सुबह 6 बजे से मतदान शुरू होना है. इससे पहले सभी बूथों पर सुरक्षा और व्यवस्था की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. पोलिंग पार्टियों की रवानगी शुरू हो गई है और अलग-अलग सेंटरों से चुनाव कर्मियों को मतदान केंद्रों के लिए भेजा जा रहा है.
प्रचार थमा
चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है, लेकिन प्रत्याशी अंतिम समय तक जनसंपर्क में जुटे रहे. यह चुनाव भले ही दलीय आधार पर नहीं हो रहा है, फिर भी सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में पूरी ताकत लगा रहे हैं. भाजपा, कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बड़े नेता भी मैदान में सक्रिय दिखे.
दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर
कई नगर निगम सीटों पर मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है. रांची, धनबाद, जमशेदपुर और मेदनीनगर की सीटें हॉट मानी जा रही हैं. कई बड़े नेताओं के परिजन चुनाव मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है. अब सबकी नजर मतदान और नतीजों पर टिकी है.
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पीएम मोदी का इजरायल दौरा अहम, एआई और क्वांटम को लेकर होगी बात: नेतन्याहू
तेल अवीव, 22 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बुधवार को इजरायल पहुंचेंगे। उनके इजरायली समकक्ष प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस यात्रा को महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, राजनयिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ेगा। विशेष रूप से हाई-टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों पर फोकस रहेगा। नेतन्याहू के अनुसार, ये भारत-इजरायल संबंधों को नई दिशा देगा।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साप्ताहिक कैबिनेट मीटिंग में ये बातें कहीं।
नेतन्याहू ने कहा, “ सहयोग के एक और खास क्षेत्र पर भी मेरा पूरा ध्यान है। हम हाई-टेक, एआई और क्वांटम में सहयोग को आगे बढ़ाएंगे।”
तय कार्यक्रमानुसार दोपहर को वो नेसेट (इजरायली संसद) को संबोधित करेंगे, और दोनों नेता याद वाशेम (विश्व होलोकॉस्ट स्मरण केंद्र) जाएंगे और यरुशलम में एक इनोवेशन इवेंट में शामिल होंगे।
नेतन्याहू ने भारत के साथ मिलकर चरमपंथ के खिलाफ सशक्त समूह बनाने की बात की। उन्होंने कहा इजरायल “मिडिल ईस्ट के आसपास या अंदर एक पूरा सिस्टम बनाएगा—असल में गठबंधनों का एक तरह का हेक्सागन, जिसमें भारत, ग्रीस, साइप्रस और बिना नाम वाले अरब, अफ्रीकी और एशियाई देशों का नाम शामिल है।
उन्होंने कहा, “यहां मकसद ऐसे देशों की एक धुरी बनाना है जो कट्टरपंथियों की धुरी के उलट, असलियत, चुनौतियों और लक्ष्यों को एक ही तरह से देखें। इन सभी देशों का नजरिया अलग है, और हमारे बीच सहयोग से बहुत अच्छे नतीजे मिल सकते हैं और बेशक, यह हमारी ताकत और हमारे भविष्य को भी पक्का कर सकता है।”
नेतन्याहू को पीएम मोदी की यात्रा से काफी उम्मीदें हैं। 15 फरवरी को यरूशलम में बड़े अमेरिकी-यहूदी संगठनों की कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, नेतन्याहू ने कहा था कि दोनों प्रधानमंत्री “हर तरह के सहयोग” पर चर्चा करने वाले हैं।
उन्होंने कहा, “अब भारत कोई छोटा देश नहीं है। यहां 140 करोड़ लोग रहते हैं। भारत बहुत ताकतवर है और बहुत लोकप्रिय भी है।”
बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी को इजरायल के अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत करेंगे। 9 साल बाद वो इजरायल जा रहे हैं। पहली बार वो 2017 में गए थे तब ये किसी भी भारतीय पीएम की पहली इजरायल यात्रा थी।
--आईएएनएस
केआर/
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