भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए तस्करी कर रही एक संदिग्ध विदेशी नाव को पकड़ा है। यह नाव भारतीय समुद्री सीमा (विशेष आर्थिक क्षेत्र) के भीतर अवैध रूप से सिगरेट की तस्करी कर रही थी।
कैसे हुई कार्रवाई?
शनिवार को तटरक्षक बल के जवानों ने द्वारका से लगभग 115 समुद्री मील पश्चिम में 'अल मुख्तार' नाम की एक नाव को देखा। तलाशी लेने पर नाव के अंदर छिपाकर रखे गए विदेशी ब्रांड की सिगरेट के 200 कार्टन बरामद हुए। इन कार्टन में करीब 1 लाख सिगरेट के पैकेट थे, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 2.5 से 5 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है।
ईरानी नागरिक गिरफ्तार
इस नाव पर चार ईरानी नागरिक सवार थे, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया है। नाव और पकड़े गए लोगों को आगे की पूछताछ और जांच के लिए पोरबंदर ले जाया गया है।
नशे के खिलाफ अभियान जारी
यह कार्रवाई तटरक्षक बल द्वारा चलाए जा रहे सुरक्षा अभियान का हिस्सा है। इससे पहले 17 फरवरी को भी गुजरात एटीएस के साथ मिलकर एक बड़ा ऑपरेशन चलाया गया था। उस दौरान एक संदिग्ध नाव का पीछा करके उसे पकड़ा गया था, जिसमें से 203 पैकेट ड्रग्स बरामद हुए थे। हर पैकेट का वजन करीब एक किलो था। तटरक्षक बल की इन लगातार कार्रवाइयों से समुद्र के रास्ते होने वाली तस्करी पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है।
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भारती के एक कंटेंट क्रिएटर सचिन अवस्थी ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती सुनाते हुए साउथ कोरिया के जेजू आइलैंड और चीन में हुए कड़वे अनुभव को साझा किया है। सचिन का दावा है कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के 38 घंटों तक हिरासत में रखा गया और उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।
सचिन के मुताबिक, वे बड़े उत्साह के साथ जेजू आइलैंड पहुंचे थे, लेकिन इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें एंट्री देने से मना कर दिया। उन्हें एक होल्डिंग एरिया में ले जाया गया जो बिल्कुल जेल जैसा था। सचिन ने आरोप लगाया कि वहां न तो धूप थी और न ही बाहर जाने की जगह। उन्हें वहां जेल का खाना दिया गया और उनकी हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी गई।
भारी भरकम टिकट के लिए 'ब्लैकमेल'
यूट्यूबर का आरोप है कि अधिकारियों ने उन्हें भारत वापस भेजने के लिए बहुत महंगा रिटर्न टिकट बुक करने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा, 'टिकट की कीमत सामान्य से 10 गुना ज्यादा थी, लेकिन उस वक्त हमारे पास बहस करने की ताकत नहीं थी, हम बस सुरक्षित बाहर निकलना चाहते थे।'
चीन में भी रही कड़ी निगरानी
चीन से गुजरते समय भी उनके हालात नहीं बदले। सचिन ने बताया कि वहां उन्हें फोन इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं थी और खाना-पानी भी बहुत कम दिया गया। उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा किया कि जब वे टॉयलेट जाते थे, तब भी एक पुलिस अधिकारी बॉडीकैम पहनकर उन पर नजर रखता था।
ट्रैवलर्स के लिए सलाह
सचिन अवस्थी ने स्पष्ट किया कि वे यह जानकारी सहानुभूति पाने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों को जागरूक करने के लिए साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इमिग्रेशन का फैसला लेना अधिकारियों का हक है, लेकिन किसी के साथ बुरा व्यवहार करना गलत है। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर एक विस्तृत वीडियो भी डाला है ताकि भविष्य में अन्य यात्री ऐसी स्थिति से बच सकें।
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