Responsive Scrollable Menu

सांपों के काटने से नहीं जाएंगी अब जान, गुजरात सरकार तैयार कर रही है खुद की 'एंटी-वेनम' दवा

सांप के काटने पर दी जाने वाली दवा (एंटी-वेनम) को लेकर गुजरात सरकार ने एक बड़ी पहल की है. वलसाड जिले के धरमपुर में बना स्नेक रिसर्च इंस्टीट्यूट (SRI) अब गुजरात के ही सांपों के जहर से खास दवा तैयार करने में मदद करेगा.

क्यों जरूरी है अपनी दवा?

अक्सर देखा गया है कि एक इलाके के सांप का जहर दूसरे इलाके के सांप से थोड़ा अलग होता है. डॉक्टर डी.सी. पटेल (वाइस-चेयरमैन, SRI) के अनुसार, अगर हम किसी दूर के राज्य के सांपों के जहर से बनी दवा गुजरात के मरीज को देते हैं, तो वह उतनी असरदार नहीं होती. इसी समस्या को दूर करने के लिए गुजरात सरकार अब राज्य के अलग-अलग हिस्सों से सांपों को इकट्ठा कर क्षेत्र-विशेष (Region-specific) एंटी-वेनम तैयार करवा रही है.

चार खतरनाक प्रजातियों पर फोकस

संस्थान ने गुजरात में मिलने वाली चार मुख्य प्रजातियों के जहर की नीलामी (E-auction) की है, जिनसे सबसे ज्यादा मौतें होती हैं:

  • इंडियन कोबरा (नाग)
  • कॉमन करैत
  • रसेल वाइपर
  • सॉ-स्केल्ड वाइपर

हैरानी की बात यह है कि इस जहर को उम्मीद से भी ज्यादा ऊंचे दामों पर खरीदा गया है. कोबरा के जहर की बेस प्राइस 40,000 रुपये प्रति ग्राम थी, लेकिन यह 44,000 रुपये में बिका. वहीं सॉ-स्केल्ड वाइपर का जहर 56,500 रुपये प्रति ग्राम तक गया.

आधुनिक तकनीक और सुरक्षा

इस संस्थान में करीब 460 जहरीले सांप रखे गए हैं. यहाँ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नियमों का पालन करते हुए जहर निकाला जाता है. निकाले गए जहर को मॉडर्न तकनीक से सुखाकर पाउडर (Lyophilised form) बनाया जाता है.
यह पाउडर अब उन कंपनियों को दिया जाएगा जिनके पास एंटी-वेनम बनाने का लाइसेंस है. यह संस्थान न केवल रिसर्च कर रहा है, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाने और डॉक्टरों को ट्रेनिंग देने का काम भी करेगा ताकि सांप के काटने से होने वाली मौतों को कम से कम किया जा सके.

ये भी पढ़ें- 2 किलो सोना, 36 करोड़ डायमंड, Mumbai में बनाई गई दुनिया की सबसे महंगी Saree, जानिए कीमत और खासियत

 

Continue reading on the app

22 फरवरी को खुला हार्बिन आइस एंड स्नो वर्ल्ड का ड्रीम पवेलियन

बीजिंग, 22 फरवरी (आईएएनएस)। दो महीने के निर्माण कार्य के बाद, दुनिया के सबसे बड़े इनडोर आइस और स्नो थीम पार्क, हार्बिन आइस एंड स्नो वर्ल्ड ड्रीम पैवेलियन को अपग्रेड करके 22 फरवरी (चंद्र नव वर्ष के छठे दिन) को जनता के लिए खोल दिया गया है, जिसमें वसंत महोत्सव के लिए विशेष टिकट कीमतें पेश की गई हैं।

ड्रीम आइस एंड स्नो पवेलियन कुल 23,800 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, और सभी भूदृश्य वास्तविक बर्फ और हिम से निर्मित हैं। इस नवीनीकरण और उन्नयन से न केवल 27वें हार्बिन आइस एंड स्नो वर्ल्ड के लोकप्रिय दर्शनीय स्थलों को फिर से जीवंत किया गया है, बल्कि पांच थीम वाले क्षेत्र भी बनाए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक की अपनी अनूठी विशेषताएं और अनुभव हैं।

27वें हार्बिन आइस एंड स्नो वर्ल्ड में ड्रीम आइस एंड स्नो पवेलियन के अंदर बारह राशि चक्र के जानवर, बर्फ का पियानो, स्टीम ट्रेन और बर्फ की वीणा जैसे क्लासिक और लोकप्रिय आकर्षणों को फिर से जीवंत किया जाएगा, जो आगंतुक बाहरी बर्फ और हिम गतिविधियों से वंचित रह गए हैं, उन्हें भी इन यादगार पलों को फिर से जीने का अवसर मिलेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एबीएम/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

Abhishek Sharma फ्लॉप, टॉप ऑर्डर फेल! T20 World Cup में South Africa से हार के बाद बढ़ी Team India की मुश्किलें

रविवार रात जो हुआ उसने कई पुराने सवाल फिर से खड़े कर दिए हैं। लगातार 12 टी20 विश्व कप मैच जीतने के बाद भारत की लय साउथ अफ्रीका ने जिस अंदाज में तोड़ी, उसने टीम के भीतर और बाहर दोनों जगह बेचैनी बढ़ा दी है।

अहमदाबाद में खेले गए इस मुकाबले में भारत को 76 रन से हार झेलनी पड़ी। बता दें कि इस हार के बाद टीम का नेट रन रेट -3.80 तक गिर गया है, जो सुपर आठ की दौड़ में बड़ी चिंता की बात है। अब समीकरण साफ है जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीधे मुकाबले जीतना ही एकमात्र रास्ता बचा है। रन रेट पर नजर रखने की गुंजाइश फिलहाल कम ही दिखती है।

गौरतलब है कि टूर्नामेंट से पहले भारत को प्रबल दावेदार माना जा रहा था। पिछले 20 महीनों में टीम ने आक्रामक और संतुलित क्रिकेट खेलते हुए लगातार सफलता हासिल की थी। लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में वही टीम बिखरी हुई नजर आई।

सबसे बड़ी चिंता शीर्ष क्रम की है। अभिषेक शर्मा लगातार तीसरी बार शून्य पर आउट हुए। आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष टी20 बल्लेबाज माने जाने वाले अभिषेक के लिए यह दौर आत्मविश्वास पर भारी पड़ता दिख रहा है। रविवार को उन्होंने पहली गेंद पर चौका जरूर लगाया, लेकिन जल्द ही नियंत्रण खो बैठे। मौजूद जानकारी के अनुसार पांच मैचों में चार बार पहले ओवर में विकेट गिर चुका है, जो टीम की शुरुआत पर बड़ा असर डाल रहा है।

ओपनिंग संयोजन भी सवालों के घेरे में है। अभिषेक और इशान किशन दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और नंबर तीन पर भी बाएं हाथ के तिलक वर्मा का होना विपक्षी टीमों को रणनीतिक बढ़त दे रहा है। साउथ अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम ने ऑफ स्पिन से फिर शुरुआती झटका दिलाया। लगातार तीसरे मैच में पहले ओवर में ऑफ स्पिनर को विकेट मिला, जो सोचने वाली बात है।

तिलक वर्मा की स्थिति भी आसान नहीं रही। तिलक वर्मा टूर्नामेंट से ठीक पहले चोट और सर्जरी से उबरे थे। लंबे ब्रेक के बाद सीधे बड़े मंच पर उतरना आसान नहीं होता। उन्होंने शुरुआत में 25 और 30 के आसपास की पारियां खेलीं, लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरी ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए। विशेषज्ञों का मानना है कि नंबर तीन पर लगातार शुरुआती विकेट गिरने का दबाव उन पर साफ दिख रहा है।

टीम संयोजन को लेकर भी चर्चा तेज है। अक्षर पटेल को बाहर रखकर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया। तर्क यह था कि पावरप्ले में ऑफ स्पिन से साउथ अफ्रीका के बाएं हाथ के बल्लेबाजों को रोका जाए। लेकिन जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की शानदार गेंदबाजी के चलते वह योजना लागू ही नहीं हो पाई। बाद में डेवॉल्ड ब्रेविस और डेविड मिलर ने स्पिनरों पर दबाव बना दिया। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या अक्षर जैसा अनुभवी ऑलराउंडर बेहतर विकल्प साबित हो सकता था।

अब नजरें आगे के मुकाबलों पर टिक गई हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ चेन्नई में होने वाला मैच निर्णायक माना जा रहा है। चर्चा यह भी है कि संतुलन बनाने के लिए संजू सैमसन को शामिल किया जा सकता है, ताकि दाएं हाथ का विकल्प मिले। 

टीम प्रबंधन के लिए यह समय त्वरित फैसलों का है। कोच गौतम गंभीर पहले ही दबाव में हैं। बता दें कि घरेलू टूर्नामेंट में हार का असर अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस किया जाता है। ऐसे में खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रखना और संयोजन में स्पष्टता लाना बेहद जरूरी है।

फिलहाल गणित सरल है। भारत को अपने अगले दोनों मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे और उम्मीद करनी होगी कि साउथ अफ्रीका अपने बाकी मैच भी जीतकर समीकरण आसान कर दे। रन रेट की जटिल गणना में उलझने के बजाय टीम को अपने खेल पर लौटना होगा। समय कम है, चुनौतियां बड़ी हैं, लेकिन मौका अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है
Mon, 23 Feb 2026 21:14:01 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala Live:क्या किसी भी वक्त गिरफ्तार हो जाएंगे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद!| Sushant Sinha #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-23T15:44:40+00:00

क्या सपा की राजनीति पत्रकारों के भरोसे चल रही है? | Shorts | Poochta Hai Bharat #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-23T15:38:03+00:00

क्या रेवंथ रेड्डी की सरकार में जनता खुशहाल है? | Shorts | Poochta Hai Bharat #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-23T15:35:37+00:00

वंथ रेड्डी ने कभी जनता को आजतक 100 रु देने की बात कही | Shorts | Poochta Hai Bharat #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-23T15:36:37+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers