चीनी वसंत त्योहार मनाने के लिए विश्व भर में कई स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन
बीजिंग, 22 फरवरी (आईएएनएस)। हाल के दिनों में, दुनिया के कई हिस्सों में तरह-तरह की गतिविधियां आयोजित की गई हैं, जिससे लोग वसंत उत्सव मनाने के गर्मजोशी भरे माहौल में डूब गए हैं।
रूस के मॉस्को चिड़ियाघर में वसंत महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें रूस में स्थित चीनी दूतावास के दूत ज्यांग वेई ने भाग लिया। मॉस्को चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने रूस को उधार दिए गए चीनी पांडा डिंग डिंग और रू यी और उनकी बेटी कट्युशा के लिए विशेष उपहार तैयार किए। आगंतुकों ने चाय कला प्रदर्शन और अन्य गतिविधियों को देखकर चीनी संस्कृति का अनुभव भी किया।
हाल ही में, अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में चीनी नव वर्ष के उपलक्ष्य में एक अनोखी ड्रैगन बोट रेस आयोजित की गई। ढोल की जोशीली थापों के बीच, अर्जेंटीना के विभिन्न क्षेत्रों से 300 से अधिक प्रतियोगी एक साथ मिलकर तीव्र प्रतिस्पर्धा करने के लिए एकत्रित हुए, जिससे दर्शकों को वसंत उत्सव की खुशी और जीवंतता का अनुभव करने का मौका मिला।
फ्रैंकफर्ट में हाल ही में दूसरे वार्षिक फ्रैंकफर्ट स्प्रिंग फेस्टिवल फेयर का आयोजन किया गया। आनंदमय और शांतिपूर्ण संगीत के साथ, चीन के राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत ड्रैगन डांस ने एक शानदार प्रस्तुति दी, जिसने फ्रैंकफर्ट में चीनी नव वर्ष का जीवंत माहौल ला दिया और दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
प्रोटीन सप्लीमेंट लेने पर भी नहीं बन रही बॉडी तो जान लें इसका कारण
नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। ये बात सभी जानते हैं कि प्रोटीन शरीर के लिए कितना जरूरी है। मांसपेशियों के विकास से लेकर कोशिकाओं के निर्माण तक के लिए शरीर को प्रोटीन की आवश्यकता पड़ती है।
आहार से प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए युवा सप्लीमेंट का सहारा लेते हैं। व्हे प्रोटीन आज युवाओं की पहली पसंद बन चुका है, लेकिन कई बार व्हे प्रोटीन लेने के बाद भी वजन नहीं बढ़ता और न ही मांसपेशियां मजबूत होती हैं, लेकिन ऐसा क्यों?
बॉडी बनाने और प्रोटीन की मात्रा को पूरा करने के लिए व्हे प्रोटीन अच्छा विकल्प है, लेकिन उसका शरीर में अवशोषण भी उतना ही जरूरी है। व्हे प्रोटीन लेने पर अक्सर लोग पेट फूलने, भारीपन और गैस की समस्या की शिकायत करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शरीर प्रोटीन को अच्छे से पचा नहीं पा रहा। आयुर्वेद में इसका कारण मंद जठराग्नि है। प्रोटीन को तोड़ने में पेट को बहुत मेहनत लगती है और अत्यधिक ऊर्जा भी लगती है। ऐसे में अगर जठराग्नि कमजोर है तो पाचन ठीक से नहीं होता और प्रोटीन शरीर में सड़ने लगता है और टॉक्सिन की समस्या शरीर में बढ़ने लगती है।
अब सवाल है कि प्रोटीन को आसानी से कैसे पचाया जा सकता है। आयुर्वेद में काली मिर्च और अदरक को पाचन शक्ति का रक्षक माना गया है। अगर प्रोटीन के साथ काली मिर्च और अदरक का चूर्ण चुटकीभर मिला लेते हैं तो प्रोटीन को पचाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगेगी। इससे शरीर में प्रोटीन का अवशोषण 30 फीसदी बढ़ जाएगा और पेट में भारीपन की समस्या भी नहीं होगी।
पपीता और अनानास भी प्रोटीन को पचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। पपीते में पैपेन नाम का एंजाइम पाया जाता है, जबकि अनानास में ब्रोमेलैन पाया जाता है। ये दोनों एंजाइम प्रोटीन को तोड़ने में मदद करते हैं। इसलिए अपने आहार में पपीता और अनानास जरूर शामिल करें।
प्रोटीन को पचाने में आयुर्वेदिक पाउडर त्रिकुट लेना भी लाभकारी होता है। इसमें अदरक, काली मिर्च और पीपली होती है, जो मंद पड़ी पाचन अग्नि को तेज करती हैं। इसके साथ ही अच्छी नींद लेना भी बहुत जरूरी है। अगर नींद गहरी और शांत आती है, तब भी शरीर में प्रोटीन का अवशोषण अच्छे से होता है। तो अगर आप प्रोटीन के लिए सप्लीमेंट का इस्तेमाल करते हैं तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें।
--आईएएनएस
पीएस/वीसी
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