बिहार में महिलाओं को घर के पास मिलेगा रोजगार, यहां हर वार्ड में बनेगी जीविका समिति
Bihar News: बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है. पटना नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में अब ‘जीविका समिति’ का गठन किया जाएगा. यह पहल मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत की जा रही है. इस संबंध में मेयर सीता साहू ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं.
प्रशासन ने की प्रक्रिया तेज
नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के बाद नगर निगम प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है. तय किया गया है कि सात दिनों के भीतर हर वार्ड में समिति का गठन पूरा कर लिया जाए. साथ ही महिलाओं से प्राप्त आवेदनों का भी समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसी पात्र लाभार्थी को योजना से वंचित न रहना पड़े.
क्या है योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर की महिलाओं को संगठित करना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है. जीविका समितियां वार्ड स्तर पर महिलाओं को एक मंच देंगी, जहां वे स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से छोटे-छोटे उद्योग शुरू कर सकेंगी. सरकार का मानना है कि जब महिलाओं को उनके घर के पास रोजगार मिलेगा तो उनकी आय बढ़ेगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
नगर आयुक्त को सौंपी गई जिम्मेदारी
नगर आयुक्त को पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से लागू कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके लिए प्रत्येक वार्ड में नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए जाएंगे. ये पदाधिकारी आवेदन लेने, प्रशिक्षण दिलाने और लाभ वितरण की निगरानी करेंगे.
चलाए जाएंगे विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
समितियों के गठन के बाद महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे. सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, डेयरी, और छोटे व्यापार जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बनाया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद जरूरत के अनुसार आर्थिक सहायता और मार्गदर्शन भी दिया जाएगा.
नगर निगम का कहना है कि यह पहल शहरी क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी. इससे न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण भी सुनिश्चित होगा.
मिलान शीतकालीन ओलंपिक : गोल्ड जीतकर पत्नी श्यू मेंगथाओ के साथ 'गोल्डन कपल' बने वांग शिन्दी
बीजिंग, 22 फरवरी (आईएएनएस)। चीन के वांग शिन्दी ने शुक्रवार को मिलान-कॉर्टिना शीतकालीन ओलंपिक में फ्रीस्टाइल स्कीइंग के पुरुषों के एरियल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। यह उनके लंबे करियर का सबसे बड़ा क्षण है।
वांग के लिए यह तीसरा ओलंपिक था। इससे पहले वे दो बार 14वें स्थान पर रहे थे। इस बार उन्होंने न सिर्फ अपना सपना पूरा किया, बल्कि एक अनोखा इतिहास भी रच दिया।
इस जीत के साथ ही वांग शिन्दी और उनकी पत्नी श्यू मेंगथाओ ने एक अनूठा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। दो दिन पहले ही श्यू मेंगथाओ ने महिलाओं की इसी एरियल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया था।
ओलंपिक के इतिहास में यह पहली बार है, जब किसी एक ही स्पर्धा (पुरुष और महिला) में पति-पत्नी की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीते हैं।
फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। वांग शिन्दी समेत चीन के चारों स्कीयर फाइनल में पहुंचे। शुरुआती दौर में स्विट्जरलैंड के दो स्कीयर ने बढ़त बना ली थी। सुपर फाइनल (एक ही जंप से फैसला) के छठे और आखिरी दौर में वांग शिन्दी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने 5.1 डिग्री कठिनाई वाली छलांग लगाई और 132.60 अंक हासिल किए।
इसके बाद आए दो बार के विश्व चैंपियन नोए रोथ ने भी वैसी ही छलांग लगाई, लेकिन वे सिर्फ 131.58 अंक ही बना सके। वांग ने महज 1.02 अंक के अंतर से स्वर्ण पदक जीता, जबकि रोथ को रजत और चीन के ही ली थ्यान्मा को कांस्य पदक मिला।
मैच के बाद वांग शिन्दी ने कहा कि विश्व चैंपियन जोड़ी बनने के बाद, अब ओलंपिक चैंपियन जोड़ी बनना हमारा सपना था, जो आज पूरा हो गया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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