राजस्थान सरकार की मिलावट के खिलाफ सख्ती, नोखा में नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री पर पड़ा छापा
Rajasthan News: राजस्थान सरकार द्वारा खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है.
नोखा में केंद्रीय टीम की बड़ी कार्रवाई
इसी अभियान के तहत बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र में केंद्रीय जांच दल ने बड़ी कार्रवाई की. टीम को सूचना मिली थी कि यहां एक फैक्ट्री में नकली घी तैयार किया जा रहा है. सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री पर छापा मारा.
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से भारी मात्रा में संदिग्ध घी बरामद हुआ. जांच में सामने आया कि घी में मिलावट की जा रही थी. कार्रवाई के दौरान करीब 700 किलो से अधिक मिलावटी घी जब्त किया गया. इसके अलावा कुल 765 किलो घी को सीज किया गया, ताकि इसे बाजार में बेचने से रोका जा सके.
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में, प्रदेशभर में मिलावट के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बीकानेर के नोखा में केंद्रीय दल ने मिलावटी घी बनाने वाली फैक्ट्री पर कार्रवाई कर, 700 किलो से अधिक घी जब्त… pic.twitter.com/YkPgOsAQiS
— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) February 22, 2026
एफएसएस एक्ट के तहत जांच शुरू
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act) के तहत घी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यदि नमूने फेल होते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है.
जनस्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मिलावट करने वालों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी. मिलावटी खाद्य पदार्थ न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि लोगों की सेहत के लिए भी गंभीर खतरा बनते हैं. विशेष रूप से घी जैसी रोजमर्रा की वस्तु में मिलावट से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर बुरा असर पड़ सकता है.
आम जनता से भी अपील
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी मिलावट की आशंका हो, तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें. सरकार का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि मिलावटखोरी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके.
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अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने 19 दस्तावेज वापस लिए, राजनीतिक पक्षपात के आरोप के बाद कार्रवाई
वाशिंगटन, 22 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) ने 19 खुफिया दस्तावेजों को औपचारिक रूप से वापस ले लेने या उनमें संशोधन का आदेश दिया है। यह कदम एक आंतरिक और स्वतंत्र समीक्षा के बाद उठाया गया, जिसमें पाया गया कि ये रिपोर्टें एजेंसी के विश्लेषणात्मक मानकों पर खरी नहीं उतरतीं और राजनीतिक विचारों से स्वतंत्र नहीं थीं। सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर ये जानकारी दी है।
सीआईए निदेशक ने कहा, पिछले एक दशक में तैयार किए गए ये दस्तावेज निष्पक्षता के उन उच्च मानकों पर खरे नहीं उतरते, जिनका पालन करना चाहिए था और हमारे विश्लेषकों की उस विशेषज्ञता को भी नहीं दर्शाते, जिसके लिए वे जाने जाते हैं। ये रिपोर्टें सीआईए डेटाबेस से हटा दी जाएंगी और अमेरिकी नीति निर्माताओं के लिए अब उपलब्ध नहीं होंगी।
वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, राष्ट्रपति के खुफिया सलाहकार बोर्ड (पीआईएबी) ने जिन 19 दस्तावेज की पहचान की, उनमें 17 रिपोर्टों को वापस लेना और दो अन्य में महत्वपूर्ण संशोधन करना शामिल है। पीआईएबी ने पिछले दशक की सैकड़ों सीआईए विश्लेषणात्मक रिपोर्टों की समीक्षा की। उप निदेशक माइकल एलिस के नेतृत्व में एक आंतरिक समीक्षा ने भी इन निष्कर्षों से सहमति जताई है।
सीआईए निदेशक रैटक्लिफ ने उदाहरण के तौर पर तीन रिपोर्टों के संपादित संस्करण भी जारी किए हैं। इनमें 6 अक्टूबर, 2021 को प्रकाशित श्वेत नस्ली और जातीय हिंसक उग्रवाद के लिए महिलाओं की भूमिका और भर्ती”, मिडिल ईस्ट–नॉर्थ अफ्रीका: एलजीबीटी कार्यकर्ताओं पर दबाव (14 जनवरी 2015) और 8 जुलाई 2020 को जारी विश्वव्यापी महामारी से संबंधित गर्भनिरोधक की कमी और आर्थिक विकास पर प्रभाव शामिल हैं।
रैटक्लिफ ने कहा, “आज अमेरिकी जनता को जो खुफिया दस्तावेज हम जारी कर रहे हैं, वे मेरे कार्यकाल से पहले तैयार किए गए हैं।हमारे काम में किसी भी प्रकार का पक्षपात बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। जब हम पाते हैं कि विश्लेषण में निष्पक्षता नहीं रही है, तो हमारा कर्तव्य है कि रिकॉर्ड को सुधारें।”
वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, आंशिक रूप से जारी रिपोर्टों में विदेशों में हिंसक श्वेत राष्ट्रवादी समूहों में महिलाओं की भूमिका, इस्लामी दुनिया के कुछ हिस्सों में एलजीबीटी कार्यकर्ताओं के सामने आने वाली चुनौतियों और विकासशील देशों में गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन तक पहुंच पर कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव का विश्लेषण किया गया है।
सीआईए ने कहा कि यह कार्रवाई पारदर्शिता, जवाबदेही और वस्तुनिष्ठ खुफिया विश्लेषण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
--आईएएनएस
ओमप्रकाश/वीसी
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