IND vs SA: अभिषेक शर्मा को दिग्गज से मिला गुरूमंत्र, क्या अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ खोल पाएंगे खाता?
IND vs SA: आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आधे से ज्यादा सफर खत्म हो चुका है. टीम इंडिया ने अब तक ग्रुप स्टेज में अपने 4 मैच खेल लिए हैं. आज भारतीय क्रिकेट टीम सुपर-8 का अपना पहला और टूर्नामेंट का पांचवां मुकाबला खेलने के लिए उतरने वाली है, जहां साउथ अफ्रीका से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में उसकी टक्कर होने वाली है. लेकिन अब तक इंडियन क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा टी20 वर्ल्ड कप में अपना खाता नहीं खोल पाए हैं.
वर्ल्ड कप में अब तक नहीं खुला अभिषेक का खाता
अभिषेक शर्मा अपना पहला टी20 वर्ल्ड कप खेल रहे हैं. उन्होंने अब तक 3 मुकाबले खेले हैं. इन दोनों मैचों में वो शून्य पर आउट हो गए हैं. यूएसए के खिलाफ पहले मैच में वो तेज गेंदबाजी को 0 पर आउट हुए. इसके बाद पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने कोलंबो में ऑफ स्पिन के जाल में फंसाया. अभिषेक अपने तीसरे मुकाबले में नीदरलैंड के स्पिनर आर्यन दत्त का शिकार 0 पर बन गए. अब अभिषेक साउथ अफ्रीका के खिलाफ वर्ल्ड कप में अपने खाता खोलने के लिए उतरेंगे.
THE REACTION OF ABHISHEK SHARMA SAYS IT ALL. ????
— Tanuj (@ImTanujSingh) February 18, 2026
- Hope Abhishek comes back stronger! ???? pic.twitter.com/Cj2XxQlHSI
अभिषेक शर्मा के साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में उतरने से पहले भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने बड़ा बयान दिया है. इरफान के अनुसार ऑफ-स्पिनरों का सामना करते समय अभिषेक की टेक्निक और माइंडसेट में कोई प्रॉब्लम है, इसके चलते वो लगातार 3 बार शून्य पर पवेलियन लौट गए.
इरफान पठान ने बताई अभिषेक की कमजोरी
इरफान पठान ने जियो हॉटस्टार पर बात करते हुए कहा, 'अभिषेक शर्मा ऑफ-स्पिनर्स की गेंद पर आउट हो रहे हैं. पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ ऑफ-स्पिनर्स ने उन्हें आउट किया. प्रॉब्लम उनके शॉट सिलेक्शन में है. उनका बैट ऊंचे एंगल से नीचे आता है और वह सीधा हिट करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं. वह क्रॉस खेलकर मैदान को पार करने की कोशिश कर रहे हैं. इससे उन्हें परेशानी हो रही है'.
इरफान ने आगे कहा, 'अभिषेक जगह बनाने के लिए अपना अगला पैर दूर ले जाते हैं, लेकिन बॉलर्स उन्हें जगह नहीं दे रहे हैं. वे वाइड बॉलिंग कर रहे हैं, उनके पास नहीं. ये ड्राइव करने लायक बॉल नहीं हैं. ये ऐसी बॉल हैं जिन पर आप या तो सिंगल लेते हैं या, अगर आप अपनी शेप बनाए रखते हैं, तो आप एक-बाउंस चौका मार सकते हैं. सलमान अली आगा और आर्यन दत्त ने उन्हें यही बॉलिंग की थी. साउथ अफ्रीका भी ऐसा ही करेगा'.
अभिषेक को इरफान ने दिया गुरुमंत्र
पठान ने कहा, 'अगर वह अब अपने बैट एंगल को बदलने की कोशिश करता है तो गड़बड़ हो जाएगी. उसने रन नहीं बनाए हैं. सबसे पहले एक सिंगल लो शुरुआत करो. स्पिनर से उम्मीद करो कि वह आएगा, दूसरे छोर पर जाएगा, और तेज गेंदबाजों को टारगेट करेगा. जब मार्कराम उसे बॉलिंग करने आएगा, तो उसे पहली गेंद से ही जोर लगाने की जरूरत नहीं है'.
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अगले सप्ताह ट्रंप टैरिफ, जीडीपी डेटा समेत ये अहम कारक तय करेंगे भारतीय शेयर बाजार की दिशा
मुंबई, 22 फरवरी (आईएएनएस)। अगले सप्ताह निवेशक वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखेंगे, खासकर अमेरिका में टैरिफ से जुड़े फैसलों पर। साथ ही घरेलू स्तर पर जीडीपी आंकड़े और मासिक एफएंडओ (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) एक्सपायरी भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
पिछले सत्र में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को जोरदार वापसी की।
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 317 अंक यानी 0.38 प्रतिशत चढ़कर 82,814.71 पर बंद हुआ, तो वहीं एनएसई निफ्टी 116.90 (0.46 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 25,571.25 पर पहुंच गया।
एक विश्लेषक के अनुसार, स्तर के हिसाब से 25,800 निफ्टी के लिए इमीडिएट रेजिस्टेंस है। इसके बाद 26,000 और 26,200 के स्तर अहम रहेंगे।
वहीं, नीचे की ओर 25,300 और 25,100 मजबूत सपोर्ट स्तर हैं। यदि निफ्टी 25,000 के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है, तो गिरावट का दबाव बढ़ सकता है और बाजार में कमजोरी देखने को मिल सकती है।
बाजार में समग्र प्रदर्शन मिला-जुला रहा। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 0.44 प्रतिशत चढ़ा, जबकि बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 0.19 प्रतिशत गिर गया।
आगे चलकर वैश्विक व्यापार से जुड़े घटनाक्रम फोकस में रहेंगे। निवेशक अमेरिका में टैरिफ से जुड़े फैसलों के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं, खासकर किसी कानूनी व्याख्या या नीति बदलाव का, जो वैश्विक व्यापार प्रवाह को प्रभावित कर सकता है।
इस मोर्चे पर कोई भी बड़ा घटनाक्रम वैश्विक बाजारों और उसके असर से भारतीय निवेशकों की धारणा पर प्रभाव डाल सकता है।
घरेलू स्तर पर, अब ध्यान प्रमुख आर्थिक संकेतकों पर रहेगा। बाजार सहभागियों को नई शृंखला के तहत अगले तिमाही जीडीपी अनुमान का इंतजार है, जो 27 फरवरी को सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी किए जाएंगे।
जीडीपी आंकड़ों के अलावा निवेशक सरकार के बजट आंकड़े, विदेशी मुद्रा भंडार और साल-दर-साल आधार पर बुनियादी ढांचा उत्पादन के आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था की सेहत के बारे में संकेत मिलेंगे।
मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि 24 फरवरी को होने वाली फरवरी एफएंडओ एक्सपायरी से पहले ट्रेडर्स अपनी पोजीशन समायोजित करेंगे, जिससे अस्थिरता बनी रह सकती है।
इस बीच विदेशी निवेशकों की गतिविधियों में सुधार के संकेत मिले हैं। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार, 20 फरवरी तक पिछले 16 में से 9 कारोबारी सत्रों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक शुद्ध खरीदार रहे।
इस दौरान एक्सचेंजों के जरिए एफपीआई निवेश 14,177.66 करोड़ रुपए रहा। इसके अलावा प्राथमिक बाजार में 2,733.89 करोड़ रुपए का निवेश किया गया। इस तरह फरवरी में अब तक कुल निवेश 16,911.55 करोड़ रुपए पहुंच गया।
वैश्विक व्यापार चिंताओं, घरेलू आर्थिक आंकड़ों और डेरिवेटिव्स एक्सपायरी को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन जारी रहने की संभावना है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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