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'Free Kashmir' पोस्टर से खुला Delhi Terror Plot, कपड़ा फैक्ट्री में पहचान छिपाकर रह रहे थे आतंकी

दिल्ली पुलिस ने एक बहुत बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसका संबंध पाकिस्तान के संगठन लश्कर-ए-तैयबा, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और बांग्लादेश के कट्टरपंथी गुटों से बताया जा रहा है। पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से कुल 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

कैसे हुई गिरफ्तारी?

पुलिस को दिल्ली मेट्रो और राजधानी की 10 से ज्यादा जगहों पर 'फ्री कश्मीर' के भड़काऊ पोस्टर मिले थे। जब जांच शुरू हुई, तो पता चला कि इसके तार तमिलनाडु से जुड़े हैं। पुलिस ने तमिलनाडु के तिरुपुर की कपड़ा फैक्ट्रियों में छापा मारकर 6 लोगों को पकड़ा, जो वहां पहचान छिपाकर काम कर रहे थे। वहीं 2 अन्य संदिग्धों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया। इनके पास से फर्जी आधार कार्ड, 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद हुए हैं।


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कौन है मास्टरमाइंड?

पकड़े गए आरोपियों में कुछ बांग्लादेशी नागरिक भी हैं। जांच में पता चला है कि इनका हैंडलर कश्मीर का रहने वाला है, जो फिलहाल बांग्लादेश में बैठकर पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहा है। माना जा रहा है कि इस हैंडलर ने पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग ली है और वही इन सबको निर्देश दे रहा था।

क्या थी साजिश?

पुलिस को संदिग्धों के फोन से दिल्ली के कई इलाकों के रेकी वीडियो मिले हैं। खुफिया जानकारी के अनुसार, ये आतंकी चांदनी चौक के एक मंदिर और लाल किले के आसपास के ऐतिहासिक इलाकों में आईईडी बम धमाके करने की फिराक में थे। यह गिरफ्तारी दिल्ली में हाई अलर्ट जारी होने के ठीक एक दिन बाद हुई है।

पुरानी घटनाओं से कनेक्शन

यह मामला कुछ समय पहले सामने आए 'डॉक्टर मॉड्यूल' जैसा ही है, जिसमें फरीदाबाद की एक यूनिवर्सिटी से जुड़े लोग लाल किले के पास हुए धमाके में शामिल पाए गए थे। पुलिस अब इन गिरफ्तारियों के बाद आतंकियों को मिलने वाली फंडिंग और उनके बाकी साथियों की तलाश कर रही है।

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Puducherry में Vote Share का गणित, 26% के दम पर कांग्रेस ने DMK से क्यों मांगा CM पद का नेतृत्व?

भारतीय क्षेत्रीय राजनीति के शतरंज पर गठबंधन की गोटियां हमेशा जीत-हार का फैसला करती रही हैं। वर्तमान में पुडुचेरी का सियासी पारा तब चढ़ गया जब कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा बयान दे दिया। उनका स्पष्ट तर्क है कि पुडुचेरी में कांग्रेस को गठबंधन की कमान संभालनी चाहिए। यह मांग केवल एक इच्छा नहीं, बल्कि आंकड़ों की वह बाजीगरी है जिसने साथी दल DMK की पेशानी पर बल डाल दिए हैं।

नारायणसामी की इस दावेदारी की बुनियाद हालिया प्रदर्शन और वोट शेयर पर टिकी है। राजनीति में 'नंबर' ही सर्वोपरि होते हैं, और यहाँ कांग्रेस का पलड़ा भारी नजर आता है। पार्टी का दावा है कि उनके पास 26% का मजबूत वोट बैंक है। साथ ही गठबंधन सहयोगी DMK फिलहाल 8% वोट शेयर के साथ काफी पीछे खड़ी दिख रही है। इन्हीं आंकड़ों के दम पर नारायणसामी का तर्क है कि जिस पार्टी की जड़ें जनता में अधिक गहरी हैं, नेतृत्व का हक भी उसी का बनता है।

पुडुचेरी के राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस का इतिहास काफी पुराना और रसूखदार रहा है। केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते यहाँ की सत्ता की चाबी अक्सर उसी के पास रही है जो स्थानीय भावनाओं को दिल्ली की राजनीति के साथ तालमेल बिठाकर चल सके।

2026 के चुनावों की आहट ने अब क्षेत्रीय दलों को अपनी ताकत आंकने पर मजबूर कर दिया है। कांग्रेस को लगता है कि पिछले कुछ चुनावों के उतार-चढ़ाव के बाद अब वक्त आ गया है कि वह 'जूनियर पार्टनर' की छवि से बाहर निकलकर फ्रंट सीट पर बैठे।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या DMK इस मांग के आगे झुकेगी? तमिलनाडु में मजबूत स्थिति रखने वाली DMK के लिए पुडुचेरी में कांग्रेस की शर्तों पर समझौता करना आसान नहीं होगा। उनके फैसले को कई कारक प्रभावित करेंगेक्या DMK के समर्थक नेतृत्व छोड़ने के फैसले को स्वीकार करेंगे? और क्या विपक्षी दलों (NR कांग्रेस और भाजपा गठबंधन) को हराने के लिए क्या दोनों दल अपनी ईगो को किनारे रख पाएंगे?

पुडुचेरी का यह फैसला केवल एक छोटे प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह इंडिया गठबंधन के भविष्य के समीकरणों की दिशा भी तय करेगा। वी. नारायणसामी का यह रुख केवल एक बयान नहीं, बल्कि एक रणनीतिक दबाव है। 2026 के चुनावों की छाया में, कांग्रेस और DMK के बीच की यह सौदेबाजी भारतीय गठबंधन राजनीति के बदलते स्वरूप को दर्शाती है। यदि कांग्रेस नेतृत्व हथियाने में सफल रहती है, तो यह पार्टी के पुनरुत्थान के लिए एक बड़ा बूस्टर शॉट होगा।

आने वाले महीनों में होने वाली वार्ताएं न केवल पुडुचेरी का भविष्य तय करेंगी, बल्कि पूरे देश में यह संदेश भी देंगी कि क्षेत्रीय गठबंधन में 'शक्ति संतुलन' किस करवट बैठ रहा है।

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  Sports

T20 World Cup 2026 । इंग्लैंड ने दिखाया दम, श्रीलंका को 51 रनों से हराकर दर्ज की बड़ी जीत । ENG VS SL

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में इंग्लैंड ने श्रीलंका के खिलाफ धमाकेदार जीत दर्ज की है। इस मुकाबले में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 51 रनों के बड़े अंतर से हराकर टूर्नामेंट के इस अहम पड़ाव में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।

मैच का हाल

मैच की शुरुआत में श्रीलंका ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इंग्लैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 146 रन बनाए और श्रीलंका को जीत के लिए 147 रनों का लक्ष्य दिया। हालांकि, लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई और मैच हार गई।

विल जैक्स ने बरपाया कहर

इंग्लैंड की इस जीत के असली हीरो विल जैक्स रहे। उन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। विल जैक्स ने महत्वपूर्ण 3 विकेट चटकाए, जिसकी बदौलत श्रीलंका की टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई।

ग्रुप की स्थिति

सुपर-8 में इन दोनों टीमों का यह पहला मैच था। इस ग्रुप का पिछला मुकाबला पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाना था, लेकिन वह बारिश की वजह से रद्द हो गया था। इस जीत के साथ इंग्लैंड को ग्रुप में अच्छी बढ़त मिल गई है, जो उन्हें सेमीफाइनल की रेस में आगे रखने में मदद करेगी।
Sun, 22 Feb 2026 18:33:14 +0530

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