अब जॉइंट थिएटर कमान से ऑपरेट होंगी तीनों सेनाएं:नया ढांचा 3 महीने में सामने आएगा; पाकिस्तान-चीन मोर्चे पर तैयारी मजबूत होगी
देश के सैन्य ढांचे में अब तक के सबसे बड़े बदलाव का खाका तैयार हो चुका है। थलसेना, वायुसेना और नौसेना अब संयुक्त थिएटर कमान के तहत काम करेंगी। संयुक्त थिएटर कमान पर 5 साल से मंथन जारी था। नया ढांचा 3 महीने में औपचारिक रूप से सामने आ जाएगा। इससे भारत के पास किसी भी सैन्य संघर्ष से निपटने के लिए इंटीग्रेटेड, फास्ट और जॉइंट कमांड इन्फ्रास्ट्रक्चर रहेगा। निर्णय लेने में 60-70% तक तेजी आएगी। वहीं, 15-20% तक संसाधनों की भी बचत होगी। पाकिस्तान और चीन दोनों मोर्चों पर तैयारी और बेहतर होगी। गौरतलब है कि अमेरिका, चीन, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन सहित दुनिया के कई देशों में सैन्य तंत्र संयुक्त थिएटर कमान के तहत ही ऑपरेट करता है। चीन में 5 जबकि अमेरिका में 11 कमान हैं। 10 साल में 5 बार चीन-पाकिस्तान से टकराव के बाद तैयार हुआ ढांचा सैन्य सूत्रों के अनुसार, एक दशक में पाकिस्तान और चीन के साथ हुए 5 टकरावों से मिले कौशल, चुनौतियों और खामियों को फिल्टर कर नया ढांचा तैयार किया है। इनमें, पाकिस्तान के खिलाफ 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2025 में 88 घंटे चला ऑपरेशन सिंदूर शामिल है। वहीं, चीन के खिलाफ 2017 के डोकलाम और 2020 के गलवान संघर्ष के सबक शामिल हैं। इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अलग-अलग सेवाओं की स्वतंत्र कार्रवाई में कम्युनिकेशन गैप और रिसोर्स ओवरलैप जैसी समस्याएं सामने आईं। ऑपरेशन सिंदूर में पहली बार 88 घंटे के भीतर तीनों सेनाओं का कम्पलीट इंटीग्रेशन देखा गया। मिसाइल स्ट्राइक्स, ड्रोन स्वार्म, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और ग्राउंड फोर्स का तालमेल भरपूर रहा। जॉइंट थिएटर कमान- 2 दो साल का रोड मैप फेज 1- मंजूरी/अधिसूचना रक्षा मंत्रालय और CDS जनरल अनिल चौहान की अध्यक्षता में फाइनल ब्लूप्रिंट तैयार होगा। मई 2026 तक पहला प्रैक्टिकल थिएटर कमान ऑपरेशनल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। फेज 2: 3 कमान की स्थापना आजादी के बाद सबसे बड़ा सैन्य सुधार रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एसएल नरसिम्हन के मुताबिक- यह 1947 के बाद सबसे बड़ा सैन्य ओवरहॉल है। मई 2026 में पहली थिएटर कमान सक्रिय होने पर हमारी सेनाएं न सिर्फ जॉइंट होंगी, बल्कि थिएटर-रेडी भी होंगी। ठीक ऑपरेशन सिंदूर के 88 घंटों की तरह। हर थिएटर में साइबर, स्पेस और स्पेशल ऑपरेशंस सब-कमांड होंगी। तीनों सेनाओं का कॉमन सप्लाई चेन और मेंटेनेंस होगा। इंटेलिजेंस फ्यूजन सेंटर्स होंगे। दो मोर्चों पर युद्ध के प्रोटोकोल होंगे। संसाधन साझा करने की ऑटोमैटिक व्यवस्था होगी। हर थिएटर में साल में कम से कम दो फुल-स्केल जॉइंट एक्सरसाइज होंगी।
PM मोदी आज मेरठ मेट्रो- रैपिड रेल का इनॉगरेशन करेंगे:स्कूली बच्चों और श्रमिकों के साथ सफर करेंगे; 160Km की रफ्तार से दौड़ेगी
PM नरेंद्र मोदी आज रेलवे के 2 बड़े प्रोजेक्ट्स का इनॉगरेशन करेंगे। पहला- दिल्ली से मेरठ के बीच नमो भारत रैपिड रेल। दूसरा- मेरठ मेट्रो। यात्री अब मेरठ साउथ से सरायकाले खां (दिल्ली) का सफर रैपिड रेल से कर पाएंगे। यह दिल्ली से मेरठ के बीच 82.15 Km लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर है। मेरठ दौरे को लेकर PM मोदी ने X पर लिखा- उत्तर प्रदेश समेत देशभर में रेल कनेक्टिविटी के तेज विस्तार के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसी दिशा में मेरठ में देश की सबसे तेज मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन के उद्घाटन का सौभाग्य मिलेगा। इसके बाद नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के दूसरे खंडों के शुभारंभ के साथ ही दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करूंगा। सीएम योगी ने X पर पोस्ट लिखा- नए यूपी की विकास यात्रा में स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। मेरठ को लगभग ₹12,930 करोड़ की लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं की सौगात मिलेगा। PM मोदी का यूपी की पावन धरा पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है। प्रधानमंत्री शताब्दी नगर स्टेशन से मेरठ साउथ स्टेशन तक स्कूली बच्चों और श्रमिकों के साथ रैपिड रेल में सफर करेंगे। इसके बाद मोहिउद्दीनपुर के इंटीग्रेटेड टाउनशिप के ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे। एक दिन पहले रैपिड रेल और मेट्रो का ट्रायल 20 फरवरी को NCRTC ने बेगमपुल से सरायकाले खां के बीच नमो भारत रैपिड रेल और बेगमपुल से मेरठ साउथ के बीच मेट्रो ट्रेन का सफल ट्रायल रन किया। नमो भारत ट्रेन 160 किमी/घंटा की रिकॉर्ड रफ्तार से दौड़ी। 48 मिनट में मेरठ साउथ से सराय काले खां पहुंच गई। जबकि वापसी में महज 39 मिनट में यह ट्रेन सराय काले खां से बेगमपुल पहुंची। वहीं, मेरठ मेट्रो ने 120 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ी और 10 मिनट में बेगमपुल से मेरठ साउथ पहुंच गई। मेरठ साउथ से बेगमपुल के बीच मेट्रो की सुविधाएं भी जनता को मिलने लगेंगी। दोनों ही ट्रेनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जो यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाएंगी। महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। अब ट्रायल की जर्नी को जानिए ट्रायल के दौरान नमो भारत ट्रेन सुबह 10:40 बजे मेरठ साउथ से रवाना हुई और हर एक स्टेशन पर एक-एक मिनट रुकते हुए 11:20 बजे न्यू अशोक नगर पहुंची। यहां से सराय काले खां तक का सफर इसने महज 8 मिनट में तय कर 11:28 पर गंतव्य पूरा किया। सराय काले खां से वापसी का सफर सुबह 11:59 बजे शुरू हुआ। वहीं बेगमपुल से मेरठ साउथ के बीच मेरठ मेट्रो को 120 किमी/घंटा की गति पर परखा गया। बेगमपुल से दोपहर 1:16 बजे मेट्रो रवाना हुई और 1:26 पर मेरठ साउथ पहुंच गई। इस दौरान मेट्रो किसी स्टेशन पर नहीं रुकी। PM मोदी के मेरठ दौरे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
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