PAK vs NZ के बाद क्या बारिश की भेंट चढ़ जाएगा IND vs SA के सुपर-8 का मैच? जानें कैसा रहेगा अहमदाबाद का मौसम
IND vs SA: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया है. पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच कोलंबो में खेला जाना वाला सुपर-8 का मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया है. अब फैंस के मन में होगा कि भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाला सुपर-8 के मैच भी कहीं बारिश विलेन न बन जाए, तो चलिए जानते हैं कि अहमदाबाद का मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है.
पाकिस्तान और न्यूजीलैंड को मिला 1-1 प्वाइंट
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सुपर-8 चरण की शुरुआत 21 फरवरी से हुई. सुपर-8 का पहला मैच पाकिस्तान के न्यूजीलैंड के बीच कोलंबो के प्रेमदास स्टेडियम में खेला जाना था. बारिश की वजह से देरी से टॉस हुए और पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन इसके बाद मैच शुरू नहीं हो सका और बिना एक भी गेंद फेके रद्द हो गया. दोनों टीमों को एक-एक प्वाइंट मिल गया. हालांकि भारतीय टीम अपना मैच घर पर खेल रही है, जहां इस वक्त बारिश की संभावना नहीं है.
भारत और साउथ अफ्रीका मैच के दौरान कैसा रहेगा अहमदाबाद का मौसम
भारत और साउथ अफ्रीका के सुपर-8 का मैच 22 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मुकाबले की शुरुआत शाम 7 बजे से होगी. जबकि आधे घंटे पहले यानी 6:30 बजे टॉस होगा. मैच के दौरान बारिश होने की कोई संभावना नहीं है. यानी मौसम पूरी तरह से साफ रहने वाला है. तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. जबकि ह्यूमिडिटी 24 प्रतिशत के आसपास रह सकती है. वहीं हवा लगभग 9 km/h की स्पीड से चल सकती है. यानी फैंस पूरे 40 ओवर मैच का मजा बिना किसी रुकावट के उठा सकते हैं.
भारत और साउथ अफ्रीका का टी20 वर्ल्ड कप स्क्वाड
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, रिंकू सिंह, वाशिंगटन सुंदर.
साउथ अफ्रीका: एडेन मार्कराम (कप्तान), क्विंटनडी कॉक, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, मार्को जेनसन, केशव महाराज, कागिसो रबाडा, क्वेना मफाका, लुंगी एनगिडी, जेसन स्मिथ, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश, एनरिक नोर्त्जे, ट्रिस्टन स्टब्स, रियान रिकेल्टन.
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बलूचिस्तान की ‘अम्मा हूरी’ का इंतजार अधूरा, लापता बेटे की राह देखते-देखते दुनिया को कहा अलविदा
क्वेटा, 21 फरवरी (आईएएनएस)। कई वर्षों के इंतजार और तमाम संघर्ष के बाद अपने लापता बेटे को दोबारा देखने की अम्मा हूरी की आस अधूरी रह गई। 16 फरवरी को अपने लापता बेटे की वापसी की प्रतीक्षा करते हुए 80 वर्षीय अम्मा हूरी ने दुनिया को अलविदा कह दिया। अम्मा हूरी, बलूचिस्तान की उन सैकड़ों माताओं का प्रतीक बन गई हैं, जो पाकिस्तानी नीतियों और सामूहिक दंड के परिणाम भुगत रही हैं।
शनिवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी जैसी माताओं का दर्द अब सामूहिक राजनीतिक चेतना का हिस्सा बन चुका है और इसने बलूच आबादी और पाकिस्तानी राज्य के बीच संबंधों को लेकर धारणाओं को आकार दिया है।
द बलूचिस्तान की एक रिपोर्ट में बताया गया कि अम्मा हूरी को बेघर होना पड़ा, सरकार की जबरदस्ती झेलनी पड़ी और जबरदस्ती गायब किए जाने के खिलाफ लगातार मुहिम चलानी पड़ी। इंसाफ की मांग करते हुए उन्होंने अपने बेटे को वापस पाने के लिए सरकारी संस्थाओं से बार-बार अपील की। बेटे के लौटने का इंतजार करते हुए उन्होंने लंबे समय तक मुश्किलें झेलीं और उसी उम्मीद के साथ गुजर गईं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि बलूचिस्तान से लापता बताए गए हजारों लोगों में अम्मा हूरी के बेटे गुल मोहम्मद मर्री भी शामिल हैं, जिन्हें 2012 में कथित तौर पर जबरन गायब कर दिया गया था। 80 वर्ष की आयु में भी अम्मा हूरी इस्लामाबाद में धरनों और क्वेटा में विरोध प्रदर्शनों में शामिल होती रहीं, लापता व्यक्तियों की बरामदगी की मांग करती रहीं। बलूचिस्तान भर में कई माताएं इसी तरह प्रयास जारी रखे हुए हैं, जबकि राज्य ने जबरन गुमशुदगियों के आरोपों को खारिज किया है।
पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीबी हूरी, जिन्हें लोग प्यार से ‘अम्मा हूरी’ बुलाते थे, ने सड़कों पर, अदालतों में और थानों में न्याय की मांग कर सामाजिक मानदंडों को चुनौती दी।
डॉन ने वॉयस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स के चेयरमैन नसरुल्लाह बलूच के हवाले से कहा कि वह अपने लापता बेटे की बेटी के साथ लापता लोगों के कैंप में आती थीं। अम्मा हूरी के निधन के बाद उनके शब्दों का एक छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, वह कहती थीं, मेरे बेटे की कोई खबर नहीं है। वह जिंदा है या मर चुका है। मैं 14 साल से सड़कों पर हूं… मैं बूढ़ी हो गई हूं। वाहन से उतरते समय लोग मेरा हाथ पकड़ते हैं, लेकिन मैं यहां विरोध करती हूं ताकि मुझे न्याय मिल सके।
--आईएएनएस
अर्पित/डीकेपी
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