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बलूचिस्तान की ‘अम्मा हूरी’ का इंतजार अधूरा, लापता बेटे की राह देखते-देखते दुनिया को कहा अलविदा

क्वेटा, 21 फरवरी (आईएएनएस)। कई वर्षों के इंतजार और तमाम संघर्ष के बाद अपने लापता बेटे को दोबारा देखने की अम्‍मा हूरी की आस अधूरी रह गई। 16 फरवरी को अपने लापता बेटे की वापसी की प्रतीक्षा करते हुए 80 वर्षीय अम्‍मा हूरी ने दुन‍िया को अलव‍िदा कह द‍िया। अम्मा हूरी, बलूचिस्तान की उन सैकड़ों माताओं का प्रतीक बन गई हैं, जो पाकिस्तानी नीतियों और सामूहिक दंड के परिणाम भुगत रही हैं।

शनिवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी जैसी माताओं का दर्द अब सामूहिक राजनीतिक चेतना का हिस्सा बन चुका है और इसने बलूच आबादी और पाकिस्तानी राज्य के बीच संबंधों को लेकर धारणाओं को आकार दिया है।

द बलूचिस्तान की एक रिपोर्ट में बताया गया कि अम्मा हूरी को बेघर होना पड़ा, सरकार की जबरदस्ती झेलनी पड़ी और जबरदस्ती गायब किए जाने के खिलाफ लगातार मुहिम चलानी पड़ी। इंसाफ की मांग करते हुए उन्होंने अपने बेटे को वापस पाने के लिए सरकारी संस्थाओं से बार-बार अपील की। ​​बेटे के लौटने का इंतजार करते हुए उन्होंने लंबे समय तक मुश्किलें झेलीं और उसी उम्मीद के साथ गुजर गईं।

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि बलूचिस्तान से लापता बताए गए हजारों लोगों में अम्मा हूरी के बेटे गुल मोहम्मद मर्री भी शामिल हैं, जिन्हें 2012 में कथित तौर पर जबरन गायब कर दिया गया था। 80 वर्ष की आयु में भी अम्मा हूरी इस्लामाबाद में धरनों और क्वेटा में विरोध प्रदर्शनों में शामिल होती रहीं, लापता व्यक्तियों की बरामदगी की मांग करती रहीं। बलूचिस्तान भर में कई माताएं इसी तरह प्रयास जारी रखे हुए हैं, जबकि राज्य ने जबरन गुमशुदगियों के आरोपों को खारिज किया है।

पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीबी हूरी, ज‍िन्‍हें लोग प्‍यार से ‘अम्मा हूरी’ बुलाते थे, ने सड़कों पर, अदालतों में और थानों में न्याय की मांग कर सामाजिक मानदंडों को चुनौती दी।

डॉन ने वॉयस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स के चेयरमैन नसरुल्लाह बलूच के हवाले से कहा कि वह अपने लापता बेटे की बेटी के साथ लापता लोगों के कैंप में आती थीं। अम्मा हूरी के निधन के बाद उनके शब्दों का एक छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, वह कहती थीं, मेरे बेटे की कोई खबर नहीं है। वह ज‍िंदा है या मर चुका है। मैं 14 साल से सड़कों पर हूं… मैं बूढ़ी हो गई हूं। वाहन से उतरते समय लोग मेरा हाथ पकड़ते हैं, लेकिन मैं यहां विरोध करती हूं ताकि मुझे न्याय मिल सके।

--आईएएनएस

अर्प‍ित/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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India AI Impact Summit: अश्विनी वैष्णव ने बिहार पैवेलियन का किया दौरा, AI-सक्षम चुनावी नवाचारों की सराहना की

देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हुए बिहार ने टेक्नोलाजी की दुनिया में भी बेहद मजबूती के साथ    अपना कदम रखा है. नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट  2026 में बिहार पैवेलियन न सिर्फ देश के विकसित राज्यों के, बल्कि दुनिया भर से आए टेक विशेषज्ञों के बीच आकर्षण का केंद्र बन चुका है. यहां एआई के इस्तेमाल की जो झलक पेश की गई है, उसे देखकर दुनिया दंग   है. 

AI समिट का समापन समारोह

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 के समापन दिवस पर शनिवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार पैवेलियन का दौरा किया. अपने भ्रमण के दौरान मंत्री ने राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा प्रदर्शित एआई-सक्षम चुनावी नवाचारों की सराहना की. इन नवाचारों में सुरक्षित ई-वोटिंग समाधान तथा नागरिक-केंद्रित मोबाइल अनुप्रयोग विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे. उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित पारदर्शी और सुरक्षित चुनावी प्रणाली लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण  कदम है. बिहार द्वारा प्रस्तुत डिजिटल पहलों से यह स्पष्ट है कि राज्य सुशासन और तकनीकी नवाचार के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी एवं सहभागी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

बिहार सरकार का MOU

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का दायरा अब केवल तकनीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारत के बुनियादी क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है. इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने अमेरिका के कैलिफोर्निया से आए महेश ने विभिन्न क्षेत्रों में एआई के भविष्य और इसके सामाजिक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की. महेश बिहार के नवगछिया के रहने वाले हैं और उनका जन्म से लेकर उनकी शिक्षा-दीक्षा बिहार में ही हुई है. उनकी कंपनी टाइगर एनालिटिक्स के साथ बिहार सरकार ने विगत मंगलवार को ही एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं. उन्होंने कहा कि एआई के जरिये बिहार मुख्यत: कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की तरफ बढ़ चुका है. 

बिहार के किसान करेंगे अब “स्मार्ट खेती”

महेश का कहना है कि कृषि के लिए बिहार अब “स्मार्ट खेती” की तरफ अग्रसर है. एआई किसानों के लिए एक डिजिटल सलाहकार के रूप में उभर रहा है.  सेंसर और सैटेलाइट डेटा के जरिए किसान मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों और फसल के स्वास्थ्य की रीयल-टाइम निगरानी कर सकेंगे. किसान ई-मित्र जैसे एआई चैटबॉट और मोबाइल ऐप फोटो के जरिए फसल की बीमारियों को पहचान कर उनका समाधान बता रहा है. इतना ही नहीं, एआई आधारित मॉडल मौसम की सटीक भविष्यवाणी करते हैं और किसानों को बाजार भाव का पूर्वानुमान बताकर बेहतर कमाई में मदद करेंगे. 

एआई से होगी बीमारियों में लाभ

इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में "हर घर तक इलाज" के लिए एआई अस्पताल की दूरी और सुविधाओं की कमी को खत्म कर रहा है. अब बीमारियों का त्वरित इलाज के लिए उपकरण जैसे एक्सरे और सीटी स्कैन का कुछ क्षणों में ही विश्लेषण कर टीबी और फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है. इसी तरह, एआई संचालित स्टेथोस्कोप और थर्मल इमेजिंग से ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय रोग और ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती जांच संभव हो रही है.

एआई से बढ़ेगी छात्रों में सीखने की क्षमता

एक अन्य प्रतिभागी दीपक बताते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में एआई हर छात्र की सीखने की क्षमता के हिसाब से बदलाव ला रहा है. उन्होंने बताया कि बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पोलिटेक्निक संस्थानों के 10 से 20 हजार छात्रों को एआई के क्षेत्र में दक्ष बनाया जाएगा. उन्हें इंटर्नशिप देकर कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाएगा.  

AI तकनीक से सवालों का जवाब

बिहार पैवेलियन में बहुभाषी रोबोट सबके आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इस रोबोट के जरीय रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों या होटलों में रेसेप्सनिस्ट का काम लिया जा सकता है. यह रोबोट दुनिया की किसी भी भाषा में बात कर सकता है और उससे बात करने वालों के सभी सवालों का उनकी ही भाषा में जवाब दे सकता है. बिहार पैवेलियन में एआई के ऐसे संसाधन भी मौजूद हैं जो बिना बिना मानव बल के कचरा साफ़ करने, बड़े-बड़े नालों की सफाई में सक्षम है.    

लोकतंत्र का आधुनिकीकरण

बिहार पैवेलियन में मौजूद बिहार सरकार के निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने लोकतंत्र के सबसे बड़े त्यौहार यानी चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव में मतगणना को लेकर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप से अब जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है. उन्होंने मतगणना में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि मतगणना को निष्पक्ष बनाने के लिए बिहार एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार है. इसमें एआई के जरिये मतगणना स्थल के अंदर की सभी जानकारी मतगणना स्थल के बाहर खड़े लोग देख सकते हैं. इतना ही नहीं, मतदान केंद्रों पर विसंगतियों और सुरक्षा की निगरानी के लिए भी अब एआई आधारित सर्विलांस का उपयोग किया जा सकता है.

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सुपर-8 में इंग्लैंड से हिसाब बराबर करेगी श्रीलंकाई टीम, मैच से पहले दहाड़े फील्डिंग कोच आर श्रीधर

Sri Lankan coach R Sridhar statement on super-8 Match Against England: आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका क्रिकेट टीम सुपर-8 में अपना पहला मैच इंग्लैंड के साथ खेलेगी. विश्व कप से पहले इंग्लैंड ने श्रीलंका को उसके घर में तीन टी20 मैचों की सीरीज में बुरी तरह हराया था, लेकिन फील्डिंग कोच ने आर श्रीधर ने कहा है कि सुपर-8 के लिए श्रीलंकाई टीम पूरी तरह से तैयार है. Sat, 21 Feb 2026 23:55:02 +0530

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