छोटी सी ‘डॉली’ ने बदल दी थी विज्ञान की दिशा, एक 'कोशिका' से जन्मी उम्मीद
नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। जितना जीवन रहस्यमयी है उतना ही रोमांच से भरा विज्ञान है। ऐसा ही एक रोमांचक पल 22 फरवरी 1997 को दुनिया के सामने आया। वैज्ञानिक जगत में उस समय हलचल मच गई जब स्कॉटलैंड के शोधकर्ताओं ने दुनिया की पहली सफलतापूर्वक क्लोन की गई स्तनधारी भेड़ डॉली की आधिकारिक घोषणा की। हालांकि डॉली का जन्म 5 जुलाई 1996 को हुआ था, लेकिन उसकी क्लोनिंग की उपलब्धि को सार्वजनिक रूप से इसी दिन सामने लाया गया। यह घटना आधुनिक जैव-प्रौद्योगिकी के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है।
छोटी सी ‘डॉली’ ने बदल दी थी विज्ञान की दिशा, एक 'कोशिका' से जन्मी उम्मीद
नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। जितना जीवन रहस्यमयी है उतना ही रोमांच से भरा विज्ञान है। ऐसा ही एक रोमांचक पल 22 फरवरी 1997 को दुनिया के सामने आया। वैज्ञानिक जगत में उस समय हलचल मच गई जब स्कॉटलैंड के शोधकर्ताओं ने दुनिया की पहली सफलतापूर्वक क्लोन की गई स्तनधारी भेड़ डॉली की आधिकारिक घोषणा की। हालांकि डॉली का जन्म 5 जुलाई 1996 को हुआ था, लेकिन उसकी क्लोनिंग की उपलब्धि को सार्वजनिक रूप से इसी दिन सामने लाया गया। यह घटना आधुनिक जैव-प्रौद्योगिकी के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Samacharnama



















