Health Insurance: माता-पिता के लिए अलग से हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना बेहतर या फैमिली फ्लोटर में शामिल करना?
Health Insurance tips: माता-पिता की बढ़ती उम्र के साथ एक सवाल लगभग हर परिवार के सामने आता है कि उनके लिए हेल्थ इंश्योरेंस कैसे लिया जाए? क्या उन्हें फैमिली फ्लोटर प्लान में जोड़ देना सही है, या उनके लिए अलग से हेल्थ पॉलिसी लेना बेहतर रहता है? इंश्योरेंस एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ज्यादातर मामलों में जोखिम अलग रखना ज्यादा समझदारी भरा फैसला होता है।
फैमिली फ्लोटर में माता-पिता को जोड़ना पहली नजर में आसान और सस्ता लग सकता है लेकिन इसके कई असर होते हैं। इंश्योरेंस कंपनियां फ्लोटर का प्रीमियम परिवार के सबसे उम्रदराज सदस्य के आधार पर तय करती। यानी अगर माता-पिता को प्लान में जोड़ा जाता है तो पूरे परिवार का प्रीमियम तेजी से बढ़ सकता।
फ्लोटर में सम इंश्योर्ड साझा होता
इसके अलावा फ्लोटर में सम इंश्योर्ड सभी के लिए साझा होता। अगर माता-पिता की अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है तो बड़ा हिस्सा वहीं खर्च हो सकता है। ऐसे में साल के बाकी समय में बाकी परिवार के लिए कवरेज कम पड़ सकता।
माता-पिता के लिए अलग पॉलिसी बेहतर
विशेषज्ञों का कहना है कि 60 साल के बाद बीमारियों का खतरा बढ़ जाता। हार्ट की समस्या, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज में खर्च काफी ज्यादा होता है। भारत में मेडिकल महंगाई भी हर साल दो अंकों में बढ़ रही है। ऐसे में साझा कवरेज जल्दी खत्म हो सकता है।
इंश्योरेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर माता-पिता रिटायरमेंट के बाद खुद से पॉलिसी लेने की कोशिश करते हैं तो मेडिकल हिस्ट्री की वजह से प्रीमियम ज्यादा हो सकता। कई बार बीमारियों के कारण पॉलिसी में एक्सक्लूजन या क्लेम रिजेक्शन का खतरा भी रहता है। हालांकि अलग पॉलिसी लेना भी हर परिवार के लिए आसान नहीं होता। सीनियर सिटिजन हेल्थ प्लान महंगे होते हैं और समय के साथ प्रीमियम बढ़ता भी रहता है। अगर माता-पिता की नियमित आय नहीं है तो पॉलिसी जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
ऐसे में विशेषज्ञ एक संतुलित तरीका सुझाते हैं। अगर माता-पिता अपेक्षाकृत स्वस्थ हैं और परिवार के पास 20 लाख या उससे ज्यादा का बड़ा सम इंश्योर्ड है, तो अस्थायी रूप से फ्लोटर में जोड़ना काम कर सकता है। लेकिन लंबे समय के लिए अलग पॉलिसी ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है।
अलग हेल्थ पॉलिसी के क्या फायदे?
अलग पॉलिसी का एक फायदा यह भी है कि बच्चे खुद प्रीमियम भरकर टैक्स बचा सकते हैं। पुराने टैक्स सिस्टम के तहत माता-पिता (60 साल से ऊपर) के लिए दिए गए प्रीमियम पर 50 हजार रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि पति-पत्नी और बच्चों के लिए फैमिली फ्लोटर सही रहता है लेकिन माता-पिता के लिए अलग हेल्थ इंश्योरेंस बेहतर सुरक्षा देता है। इससे एक पीढ़ी की मेडिकल जरूरतें दूसरी पीढ़ी के कवरेज को प्रभावित नहीं करतीं।
सबसे अहम बात है समय पर योजना बनाना। अगर बच्चों ने माता-पिता के लिए जल्दी पॉलिसी ले ली तो प्रीमियम कम रहता है और वेटिंग पीरियड भी समय पर पूरा हो जाता है। इससे भविष्य में क्लेम करना आसान हो जाता है।
(प्रियंका कुमारी)
अतिथि देवो भव: नीता और मुकेश अंबानी ने हिलेरी क्लिंटन का किया भव्य स्वागत, भारतीय कला-संस्कृति से सजी खास शाम
Ambani Family Welcome Hillary Clinton: मुंबई जलवायु सप्ताह 2026 के व्यस्त कार्यक्रमों के बीच, व्यापार और कूटनीति से इतर एक ऐसी शाम सजी जहां भारतीय संस्कारों की महक पूरी दुनिया ने महसूस की। नीता और मुकेश अंबानी ने अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला हिलेरी क्लिंटन का अपने निवास 'एंटीलिया' में भव्य और आत्मीय स्वागत किया। यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि 'अतिथि देवो भवः' के उस शाश्वत मंत्र का जीवंत स्वरूप थी, जिसने वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति का मस्तक ऊंचा किया।
पूजा अनुष्ठान और सितार की दिव्य धुन
27 मंजिला भव्य 'एंटीलिया' उस शाम भक्ति और संगीत के रस में डूबा नजर आया। हिलेरी क्लिंटन की इस यात्रा की शुरुआत एक विशेष पूजा अनुष्ठान से हुई। सफेद संगमरमर के फर्श, चांदी के नक्काशीदार दरवाजे और नंदी स्तंभों से सजे दिव्य पूजा कक्ष में पुजारियों के मंत्रोच्चार ने वातावरण को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। जैसे ही क्लिंटन ने प्रवेश किया, कुशल वादकों ने सितार पर ‘अतिथि देवो भव’ की धुन छेड़ दी, जिसकी स्वयं नीता अंबानी ने मुक्त कंठ से सराहना की। दोनों सहेलियों ने रत्नजड़ित राधा-कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष हाथ जोड़कर प्रार्थना की।
Mrs. Nita and Mr. Mukesh Ambani warmly welcomed Secretary Hillary Clinton to their home for a celebration of friendship and culture. The evening was brought alive by India's rich artistic traditions including a soulful Sitar recital and a showcase of our timeless crafts like… pic.twitter.com/RJsi2dMY4B
— Reliance Industries Limited (@RIL_Updates) February 20, 2026
'स्वदेश' के जरिए भारतीय शिल्प का गौरव
इस सांस्कृतिक संध्या में ईशा अंबानी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने न केवल अपनी सादगीपूर्ण उपस्थिति से मेहमान का मन मोहा, बल्कि अपने ब्रांड ‘स्वदेश’ के जरिए स्थानीय कारीगरों की अद्भुत कला का प्रदर्शन भी किया। हिलेरी क्लिंटन विशेष रूप से गुलाबी मीनाकारी से बने शतरंज सेट को देखकर मंत्रमुग्ध हो गईं। सोज़नी कढ़ाई और भारतीय शिल्प की ये कलाकृतियां इस बात का प्रमाण थीं कि अंबानी परिवार अपनी व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ भारत के पारंपरिक हुनरमंदों को विश्व पटल पर स्थापित करने के मिशन पर अडिग है।
संस्कार, सादगी और अटूट रिश्ता
अध्यात्म और कला के इस समागम में परिधानों की सादगी ने भी सबका ध्यान खींचा। नीता अंबानी जहां फ्लोरल शिफॉन साड़ी और न्यूनतम क्रिस्टल आभूषणों में भारतीय गरिमा का प्रतीक लग रही थीं, वहीं हिलेरी क्लिंटन ने ऑफ-व्हाइट ट्वीड सूट में अपनी शालीनता पेश की। धीरूभाई अंबानी की तस्वीर के पास बैठकर हुई चर्चाओं ने यह स्पष्ट किया कि यह परिवार अपनी विरासत को कितनी गहराई से संजोए हुए है। अंततः, यह शाम भारत और अमेरिका के बीच केवल मजबूत होते संबंधों की गवाह नहीं बनी, बल्कि इसने दुनिया को भारतीय 'सॉफ्ट पावर' और आध्यात्मिक शक्ति का नया परिचय दिया।
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