Meerut Court: सौरभ हत्याकांड में फांसी की सजा पाने वाली मुस्कान की बेटी की परवरिश के लिए अर्जी
मुंबई के ‘सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर’ फैजान अंसारी ने सौरभ राजपूत हत्याकांड में हाल में मुस्कान को मृत्युदंड सुनाये जाने के बाद उसकी 10 माह की बेटी के भरण-पोषण, शिक्षा और चिकित्सा का खर्च उठाने की अनुमति मांगते हुए बुधवार को मेरठ जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र देने का दावा किया। अंसारी ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उन्होंने मुस्कान की 10 माह की बेटी मन्नत उर्फ राधा की परवरिश से लेकर उसकी शिक्षा, चिकित्सा और विवाह तक का खर्च उठाने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए अपनी आर्थिक क्षमता की जांच कराने को भी तैयार हैं।
इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता के.के. चौबे ने कहा कि बच्ची के संबंध में कोई भी निर्णय लेते समय उसकी मां की इच्छा और संबंधित कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखना होगा। चौबे के मुताबिक, प्रशासन के माध्यम से बच्ची को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत विचार किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत में प्रार्थना पत्र देने मात्र से बच्ची की अभिरक्षा या उसका संरक्षक बनने का अधिकार नहीं मिल जाता।
पुलिस के मुताबिक अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले गिरफ्तारी के समय मुस्कान गर्भवती थी और उसने जेल में बेटी मन्नत उर्फ राधा को जन्म दिया था। फैजान अंसारी की ओर से बच्ची के भरण-पोषण की जिम्मेदारी लेने का प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब उसके भविष्य, देखभाल और शिक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी ने बच्ची को अपनाने से साफ इनकार कर दिया है। मार्च 2025 में सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान और उसके कथित प्रेमी साहिल को गिरफ्तार किया गया था।
आरोप है कि हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में रखा गया था। इस मामले में अदालत ने गत 14 अक्टूबर को मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनायी थी।
Bengaluru की निर्माणाधीन इमारत में बैटरी धमाका, दो श्रमिक घायल
बेंगलुरु में एक निर्माणाधीन इमारत में मंगलवार दोपहर हुए विस्फोट में दो लोग घायल हो गए। पुलिस को संदेह है कि बैटरी में विस्फोट होने के कारण यह घटना हुई। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि विस्फोट के कारण का अभी पता नहीं लगाया जा सका है।
उन्होंने लोगों से जांच पूरी होने तक अटकलें नहीं लगाने की अपील की। पुलिस के अनुसार, विस्फोट मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे पुलकेशीनगर थानाक्षेत्र के अंतर्गत जार्मिया रोड पर स्थित एक इमारत की चौथी मंजिल पर हुआ। उस समय इमारत में निर्माण कार्य जारी था।
विस्फोट के बाद आग लग गई। सूचना मिलने पर दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाई। बताया जा रहा है कि घायलों में नेपाल का एक सुरक्षाकर्मी और एक मजदूर शामिल हैं।
दोनों को इलाज के लिए बॉरिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खरगे ने बताया कि विस्फोट में एक व्यक्ति के हाथ की एक उंगली कट गई, जबकि दूसरे को मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल मैं आपको इतना ही बता सकता हूं कि विस्फोट हुआ है।’’ खरगे ने बताया कि जांचकर्ता उपलब्ध सबूतों की जांच कर रहे हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या विस्फोट में किसी विस्फोटक उपकरण का इस्तेमाल हुआ था, खरगे ने कहा कि अभी कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है और प्राधिकारियों ने खुद इस घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह किसी रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण हुआ या इसमें किसी आईईडी (तात्कालिक विस्फोटक उपकरण) का इस्तेमाल किया गया या फिर कोई अन्य कारण था, हम इसकी जांच कर रहे हैं। मैं किसी की कही बात को बिना जांच-पड़ताल के यूं ही नहीं दोहरा सकता।’’ पास की एक इमारत में रहने वाले प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ‘‘धमाके की आवाज बहुत तेज थी।
एक पल के लिए मुझे लगा कि दिवाली आ गई है।’’ प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विस्फोट इतना जबरदस्त था कि उसके घर के अंदर भी कंपन महसूस हुई। बेंगलुरु के पुलिस उपायुक्त (पूर्वी संभाग) विक्रम आमटे ने घटनास्थल का दौरा किया। वहीं, पुलकेशीनगर पुलिस ने विस्फोट के कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
बम निरोधक दस्ते, आतंकवाद रोधी दस्ते और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी घटनास्थल तथा उस वस्तु की जांच की, जिसमें विस्फोट होने का संदेह है। पुलिस को संदेह है कि बैटरी जैसी किसी वस्तु में विस्फोट हुआ होगा। हालांकि, घटना के वास्तविक कारण का अभी पता नहीं लगाया जा सका है।
जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इस घटना का बेंगलुरु में पहले हुए उन विस्फोटों से कोई संबंध है, जो विस्फोटक सामग्री बनाने से जुड़े थे। दशहरा पर्व के दौरान एक निर्माणाधीन इमारत में हुए विस्फोट से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त श्रीमंत कुमार सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि यह घटना उस निर्माणाधीन मकान में हुई, जहां कुछ परिवार पहले से रह रहे हैं।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया, “इमारत का ढांचा तैयार हो चुका है। कुछ घरों में अंदर के हिस्से का काम चल रहा है। जिस घर में यह घटना हुई, वहां भी अंदर के हिस्से का काम जारी था और वहां कोई रह नहीं रहा था।
वहां दो कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें से एक निर्माण मजदूर और दूसरा इमारत का सुरक्षा गार्ड है।” सिंह ने बताया कि हादसा उस समय हुआ, जब उनमें से एक व्यक्ति ने बैटरी से चलने वाली टॉर्च का बटन दबाया। उन्होंने बताया कि बटन दबाते ही अचानक तेज धमाका हो गया। सिंह ने कहा, हमारी टीम जांच कर रही हैं कि यह घटना कैसे हुई और बैटरी में किस तरह की सामग्री मौजूद थी।
तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने के लिए हमारे आतंकवाद रोधी प्रकोष्ठ (एटीसी) और फोरेंसिक विभाग की टीम मंगलवार रात ही मौके पर पहुंच गई थी।
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