प्रदूषित हवा में सांस लेने से अल्जाइमर का खतरा बढ़ सकता है? बुजुर्गों पर की गई रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
Alzheimer Causes: क्या हम जिस हवा में रोज सांस ले रहे हैं, वही हमारे दिमाग के लिए खतरा बन रही है? हाल ही में अमेरिका के इमोरी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक बड़े अध्ययन में यह चिंता और बढ़ गई है. रिसर्चर डॉक्टर यानलिंग डेंग के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन के अनुसार, जिन बुजुर्गों ने लंबे समय तक प्रदूषित हवा में समय बिताया है, उनमें अल्जाइमर रोग के विकसित होने की संभावना ज्यादा है.
कब हुआ अध्ययन?
साइंस डेली की रिपोर्ट के माध्यम से पता लगा है कि यह अध्ययन 17 फरवरी को प्रतिष्ठित ओपन एक्सेस जर्नल PLOS Medicine में प्रकाशित हुआ था. इसमें साल 2000 से 2018 के बीच 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के 2.78 करोड़ से ज्यादा अमेरिकी बुजुर्गों पर विश्लेषण किया गया था. शोधकर्ताओं ने वायु प्रदूषण के स्तर और अल्जाइमर के नए मामलों के बीच गहरा संबंध पाया.
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क्यों की गई रिसर्च?
अल्जाइमर एक आम बीमारी है, जो हर साल दुनिया भर में लगभग 5.7 करोड़ लोगों को प्रभावित करता है. अब तक हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते आए हैं कि वायु प्रदूषण से ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और स्ट्रैस जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ता है क्योंकि ये सभी स्थितियां भी डिमेंशिया से जुड़ी हैं. इसलिए वैज्ञानिकों ने खोज कि क्या प्रदूषित हवा इन बीमारियों के माध्यम से अल्जाइमर का खतरा बढ़ाती है?
बारिक कणों का सेहत पर ज्यादा असर
रिसर्च के नतीजे ये बताते हैं कि प्रदूषण के महीन कण यानी फाइन पार्टिकुलेट मैटर मस्तिष्क पर सीधे अटैक करते हैं. साथ ही इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पहले से हाई बीपी या स्ट्रैस न हो तभी अल्जाइमर का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि, जिन लोगों को पहले स्ट्रोक हो चुका था, उन्हें प्रदूषण से अल्जाइमर जल्दी हो सकता है. माना जा सकता है कि प्रदूषण इंसान के जीवन के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है.
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अब एग्जाम सेंटर पहुंचने में लेट नहीं होंगे बोर्ड परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स, दिल्ली मेट्रो ने किया खास इंतजाम
सीबीएसई की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो गईं हैं, जो 10 अप्रैल 2026 तक चलेंगी. बोर्ड की परीक्षा देश भर के छात्रों के लिए बहुत अहम है. हर सुबह दिल्ली में हजारों स्टूडेंट्स परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने के लिए दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं. मेट्रो में सुबह के वक्त काफी ज्यादा भीड़ होती है, जिस वजह से छात्रों को सेंटर पहुंचने में देर होने का डर सताता है. कई बार तो लंबी लाइनों में फंसने की वजह से समय भी निकल जाता है. छात्र इससे परेशान भी होते हैं.
छात्रों की इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने स्टूडेंट्स की मदद के लिए खास इंतजाम किए हैं. 20 फरवरी को डीएमआरसी ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि परीक्षा के दिनों में छात्रों को मेट्रो स्टेशनों पर प्राथमिकता दी जाएगी. खास बात है कि ये सुविधा सिर्फ उन्हीं स्टूडेंट्स को दी जाएगी, जिनके पास सीबीएसई का वैध एडमिट कार्ड होगा.
स्टूडेंट्स को मिलेगा ये फायदा
डीएमआरसी के अनुसार, इस प्रोसेस में स्टूडेंट्स को सबसे पहले सुरक्षा जांच में आसानी होगी. मेट्रो स्टेशन पर आम लोग जहां बैग और खुद की तलाशी के लिए लाइन में लगते हैं, उस लाइन में अब स्टूडेंट को लगने की जरूरत नहीं होगी. अगर वे अपना एडमिट कार्ड दिखाएंगे तो सीआईएसएफ जवान प्राथमिकता से उसे चेक करेंगे, जिस वजह से वह लाइन में लगने की बजाए तुरंत अंदर जाने का मौका मिल जाएगा.
टिकट लेने में भी होगी सहूलियत
पैसेंजर्स को टिकट लेने के लिए भी जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी. उन्हें टिकट की लाइन में भी एडमिट कार्ड दिखाने पर प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा, दिल्ली मेट्रो ने आम लोगों से भी अपील की है कि वह परीक्षा के वजह से स्टूडेंट्स को आगे जाने दें. एडमिट कार्ड दिखाने वाले छात्र की मदद करें, जिससे किसी भी छात्र की परीक्षा न छूटे.
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