आखिर क्यों मालू के पत्ते में ही पैक की जाती है सिंगौड़ी, क्या है इसके पीछे की वजह, इतने दिन तक नहीं होती खराब
बागेश्वर की प्रसिद्ध मिठाई सिंगौड़ी अपने स्वाद के साथ मालू के पत्ते में पारंपरिक पैकिंग के लिए जानी जाती है. मालू के पत्तों में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो मिठाई को गर्मियों में लगभग 24 और सर्दियों में 48 घंटे तक सुरक्षित रखते हैं. यह पत्ता नमी संतुलित रखता है और खास सुगंध भी देता है. कुमाऊं क्षेत्र में यह परंपरा आज भी कायम है, जो पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानी जाती है.
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