ED ने 9-महीने में ₹32000 करोड़ की संपत्ति अटैच की:यह गृह मंत्रालय के एक साल के बजट के बराबर; जमीन-जायदाद में 8 गुना जब्ती
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस वित्त वर्ष के पहले 9 महीने में ही 32,500 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर चुकी है। मोदी सरकार के दस साल का रिकॉर्ड देखें तो अटैच की गई जमीन-जायदाद में 8 गुना से अधिक बढ़ोतरी हो चुकी है। इस साल सबसे बड़ी गाज अनिल अंबानी समूह पर गिरी है, जिसकी 5600 करोड़ रु की संपत्ति अटैच हुई है। इसके अलावा क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड में 4190 करोड़ रु., पर्ल ग्रुप पोंजी के 3436 करोड़ रु. और यूनाइटेड रियल एस्टेट के 1000 करोड़ रु. की संपत्तियां भी दायरे में आई हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार 141% अधिक संपत्ति अटैच की गई है। एजेंसी कुल मिलाकर अब तक 1.55 लाख करोड़ की संपत्ति अटैच कर चुकी है, जो एक साल के गृह मंत्रालय के बजट के बराबर है। इसमें बैंक खाते, एफडी, शेयर, वाहन, लग्जरी आइटम, कॉर्पोरेट प्रॉपर्टी और इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो शामिल हैं। अदालती प्रक्रिया में लगने वाला वक्त बड़ी चुनौती पीएमएलए की आरंभिक जांच के बाद संपत्ति जब्त की गईं और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर कोर्ट में अटैचमेंट सही भी पाए गए। पर, बड़ी बाधा अदालती प्रक्रिया लगातार खिंचते जाने की है और मामले पर फैसला आने तक संपत्ति फ्रोजन हालत में रहती है। 2012-13 में 2347 करोड़ रु. की संपत्ति की गई थी जब्त पिछले 12 साल में ईडी के मामलों में साढ़े सात गुना और जब्त की गई संपत्ति में 12 गुना बढ़ोतरी हुई है। कभी 2012-13 में 62 मामलों में 2347 करोड़ रु की संपत्ति जब्त की गई थी, जिसमें से अदालतों में 325 करोड़ रुपए सही पाए गए थे। 15 हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति वापसी का आदेश आर्थिक अपराधियों के खिलाफ ईडी की रोज रोज होने वाली कार्रवाई और संपत्तियां जब्त करने की खबरों की पड़ताल के बाद भास्कर ने पाया कि अदालतों से एक लाख 6 हजार करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति को सही माना है। वहीं, 30 मामलों में अदालतों ने 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति वापस करने का भी आदेश दिया है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… I-Pac रेड विवाद- ED सुप्रीम कोर्ट में बोली-CM के फायदे के लिए पुलिस ने काम में रुकावट डाली केंद्रीय जांच एजेंसी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट(ED) ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि CM और राज्य की मशीनरी कथित कोयला चोरी स्कैम के सिलसिले में I-PAC ऑफिस और उसके डायरेक्टर के ठिकानों पर रेड के दौरान गैर-कानूनी तरीके से घुसे। पूरी खबर पढ़ें…
केंद्रीय मंत्री नड्डा आज नई वैक्सीन लॉन्च करेंगे:CRI कसौली आएंगे, टीटनेस-डिफ़्थीरिया से मिलेगी सुरक्षा, यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में उपलब्ध होंगे टीके
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा आज (शनिवार को) हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला में केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (CRI) कसौली आएंगे। केंद्रीय मंत्री यहां पर टीटनेस और एडल्ट डिफ़्थीरिया (Td) वैक्सीन का शुभारंभ करेंगे। यह नई वैक्सीन विशेष रूप से किशोरों व वयस्कों में टीटनेस और डिफ़्थीरिया से सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित की गई है। Td वैक्सीन, टीटनेस टॉक्सॉइड (TT) वैक्सीन की जगह लेने के लिए डिजाइन की गई है, जिससे डिफ़्थीरिया के खिलाफ सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। टीटनेस क्या है? टीटनेस एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो क्लॉस्ट्रिडियम टेटानी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया आमतौर पर मिट्टी, धूल और जानवरों की गंदगी में पाए जाते हैं। जब यह बैक्टीरिया किसी घाव, कट या चोट के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है, तो स्नायु तंत्र को प्रभावित करने वाला एक ज़हरीला टॉक्सिन छोड़ता है। टॉक्सिन मांसपेशियों में कठोरता और दर्दनाक ऐंठन पैदा करता है। गंभीर मामलों में चोक, निगलने में कठिनाई, सांस लेने में समस्या और मृत्यु भी हो सकती है। इसके लक्षण मांसपेशियों की कठोरता, विशेषकर जबड़े व गर्दन में दर्द, निगलने व बोलने में कठिनाई, तेज बुखार व पसीना आता है। डिफ़्थीरिया क्या है? डिफ़्थीरिया कोराइनेबैक्टीरियम डिफ्थीरिए नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाला संक्रमण है। यह मुख्य रूप से सांस की नली, गले और त्वचा को प्रभावित करता है। यह बैक्टीरिया एक जहरीला टॉक्सिन पैदा करता है। यह टॉक्सिन शरीर में फैलकर हृदय, तंत्रिका तंत्र और किडनी को भी प्रभावित कर सकता है। संक्रमण से सांस लेने में कठिनाई, हृदय की समस्याएं, पक्षाघात और मृत्यु तक हो सकती है। इसके लक्षण गले में गाढ़ी सफेद व ग्रे परत या झिल्ली, गले में दर्द व सूजन, सांस लेने व निगलने में कठिनाई, तेज बुखार व कमजोरी आती है। टीटनेस और डिफ़्थीरिया से सुरक्षा प्रदान करेगी Td वैक्सीन Td वैक्सीन इन दोनों रोगों से सुरक्षा प्रदान करती है और रोग से होने वाली मृत्यु और जटिलताओं को कम करने में मदद करेगी। CRI ने Td वैक्सीन के निर्माण और परीक्षण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की है। यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम में उपलब्ध होगी वैक्सीन वैक्सीन अब यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम (UIP) के तहत उपलब्ध होगी। दावा किया जा रहा है कि लॉन्च के बाद अप्रैल 2026 तक 55 लाख खुराकें UIP को उपलब्ध कराई जाएंगी, और भविष्य में आपूर्ति बढ़ती रहेगी। ये नेता-अधिकारी मौजूद रहेंगे इस अवसर पर शिमला के सांसद सुरेश कश्यप, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और अन्य स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहेंगे। भारत सरकार द्वारा जारी शेड्यूल के मुताबिक मंत्री सुबह 11.30 बजे CRI कसौली आएंगे।
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