आपका पैसा- क्या है ‘सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम’:रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम, जानें इंटरेस्ट रेट, कहां और कैसे खोलें खाता
रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल होता है कि अब नियमित इनकम के बिना खर्च कैसे चलेगा? ऐसे में अगर पहले से प्लानिंग न की जाए तो आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। अगर आपने पहले से पेंशन की कोई प्लानिंग नहीं की है, तो दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि अच्छी बात यह है कि भारत सरकार ने सीनियर सिटिजन्स के लिए ऐसी कई योजनाएं बनाई हैं, जिनसे उन्हें हर महीने तय राशि मिलती है। इन्हीं में से एक स्कीम है– सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम, जिसमें 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को सुरक्षित रिटर्न मिलता है। इसलिए आज 'आपका पैसा' कॉलम में 'सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम' की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: राजशेखर, फाइनेंशियल एक्सपर्ट सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) क्या है? जवाब- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) एक सरकारी बचत और पेंशन योजना है। यह खासतौर पर 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है। इस सेविंग स्कीम में पैसे जमा करने पर ब्याज के साथ हर तीन महीने में पेंशन भी मिलती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम बनी रहती है। इसमें टैक्स में छूट भी मिलती है। इसलिए यह सीनियर सिटिजंस के लिए निवेश और पेंशन का अच्छा विकल्प है। सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कौन निवेश कर सकता है? जवाब- SCSS स्कीम में निवेश करने के लिए कुछ क्राइटेरिया को पूरा करना जरूरी होता है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कितना निवेश कर सकते हैं? जवाब- इसमें आप एक बार में अधिकतम 30 लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं। अगर पति और पत्नी दोनों के खाते अलग हैं, तो कुल मिलाकर 60 लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं। इस स्कीम में कम-से-कम 1,000 रुपए से निवेश शुरू किया जा सकता है। ध्यान देने की बात ये है कि पैसे हमेशा 1,000 के गुणांक में ही जमा किए जा सकते हैं। यानी 1000, 2000, 3000… इसमें पैसा एक साथ यानी एकमुश्त जमा करना होता है, किस्तों में नहीं दे सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली रकम जैसे पीएफ (प्रोविडेंट फंड) या ग्रेच्युटी को यहां लगाकर आप हर तिमाही अच्छे ब्याज के साथ नियमित कमाई कर सकते हैं। सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कितनी ब्याज दर और कितनी पेंशन मिलती है? जवाब- इसमें वर्तमान ब्याज दर 8.2% सालाना है। ब्याज हर तीन महीने में खाते में क्रेडिट हो जाता है। उदाहरण के तौर पर, 30 लाख रुपए के निवेश पर सालाना 2.46 लाख रुपए यानी लगभग 20,500 रुपए प्रति माह के बराबर नियमित आय मिलती है। सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम की सभी विशेषताओं को विस्तार से समझते हैं। सुरक्षित निवेश: यह सरकारी योजना है। इसलिए इसमें लगाया गया पैसा सुरक्षित रहता है और तय समय पर निश्चित रिटर्न मिलता है। ब्याज दर: वर्तमान में 8.2% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज दिया जाता है (वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए)। निवेश सीमा: न्यूनतम निवेश 1,000 और अधिकतम 30 लाख रुपए तक किया जा सकता है। निवेश का तरीका: एक लाख रुपए तक का निवेश नकद किया जा सकता है। इससे अधिक राशि के लिए चेक के माध्यम से भुगतान अनिवार्य है। समयावधि: योजना की मूल अवधि 5 साल है, जिसे 3 साल और बढ़ाया जा सकता है। विस्तार के लिए मैच्योरिटी के एक साल के भीतर आवेदन करना होता है। खाता ट्रांसफर सुविधा: खाता पोस्ट ऑफिस और बैंक के बीच ट्रांसफर किया जा सकता है। यह सुविधा पूरे भारत में उपलब्ध है। नॉमिनी सुविधा: खाता खोलते समय या बाद में नॉमिनी नियुक्त किया जा सकता है। सवाल- क्या सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में निवेश करने पर टैक्स में भी छूट मिलती है? जवाब- हां, SCSS में निवेश करने पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है। सवाल- क्या मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल सकते हैं? जवाब- हां, सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाला जा सकता है, लेकिन इस पर पेनल्टी लग सकती है। अगर खाता एक साल के भीतर बंद किया जाता है, तो मूलधन पर मिला ब्याज वापस लिया जाता है। 1-2 साल के बीच 1.5% और 2 साल बाद 1% की कटौती होती है। सवाल- SCSS खाता कहां और कैसे खोलें? जवाब- SCSS खाता किसी भी अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, PAN कार्ड और आयु प्रमाण जैसे डॉक्यूमेंट्स जरूरी होते हैं। निर्धारित फॉर्म भरकर और एकमुश्त राशि जमा करके खाता आसानी से खोला जा सकता है, जिससे तिमाही आय शुरू हो जाती है। सवाल- क्या एक से ज्यादा खाते खोल सकते हैं? जवाब- हां, एक व्यक्ति SCSS में एक से ज्यादा खाते खोल सकता है, लेकिन सभी खातों में कुल निवेश 30 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा जॉइंट अकाउंट केवल लाइफ पार्टनर के साथ ही खोला जा सकता है। इस खाते में जमा राशि पहले अकाउंट होल्डर के नाम पर मानी जाती है। सवाल- क्या इसमें नॉमिनी जोड़ सकते हैं? जवाब- हां, SCSS खाते में नॉमिनी जोड़ने की सुविधा उपलब्ध है। खाता खोलते समय या बाद में भी नॉमिनी नामित किया जा सकता है। एक या एक से अधिक नॉमिनी जोड़े जा सकते हैं, जिससे खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में राशि का ट्रांसफर आसान और सुरक्षित हो जाता है। सवाल- क्या ब्याज दर बदल सकती है? जवाब- SCSS की ब्याज दर सरकार द्वारा हर तिमाही तय की जाती है। इसलिए समय-समय पर इसमें बदलाव हो सकता है। हालांकि एक बार जब आप निवेश कर देते हैं, तो उस खाते पर लागू ब्याज दर पूरी अवधि के लिए फिक्स रहती है और उस पर भविष्य के बदलावों का असर नहीं पड़ता। सवाल- क्या SCSS में रेगुलर कैश फ्लो प्लानिंग आसान है? जवाब- हां, SCSS में तिमाही आधार पर फिक्स ब्याज मिलता है, जिससे नियमित और अनुमानित कैश फ्लो बना रहता है। यह रिटायर्ड लोगों के लिए बजट बनाना आसान करता है और रोजमर्रा के खर्च, जैसे दवाइयां या घर खर्च, को व्यवस्थित तरीके से मैनेज करने में मदद करता है। सवाल- किन लोगों के लिए यह सबसे ज्यादा फायदेमंद है? जवाब- SCSS उन लोगों के लिए सबसे फायदेमंद है, जो रिटायर हो चुके हैं और जिनके पास एकमुश्त राशि उपलब्ध है, जैसे PF या ग्रेच्युटी। यह खासतौर पर उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है, जो कम जोखिम में सुरक्षित और नियमित आय चाहते हैं। सवाल- SCSS में निवेश करते हुए किन गलतियों से बचना चाहिए? जवाब- SCSS में निवेश करते समय कुछ गलतियों से बचना जरूरी है। जैसे– नोट: केवल ब्याज पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित निवेश रणनीति अपनाना जरूरी है। सवाल- SCSS और FD में क्या अंतर है? जवाब- SCSS एक सरकारी योजना है, जिसमें फिलहाल 8.2% का फिक्स ब्याज और तिमाही आय मिलती है, जबकि FD बैंक प्रोडक्ट है, जिसमें ब्याज दर अपेक्षाकृत कम होती है या बदलती रहती है। SCSS में 5 साल का लॉक-इन होता है, जबकि FD में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी और अलग-अलग अवधि के विकल्प उपलब्ध होते हैं। सवाल- क्या SCSS रिटायरमेंट की सारी जरूरतें पूरी कर सकता है? जवाब- नहीं, SCSS अकेले सभी रिटायरमेंट जरूरतों को पूरा नहीं कर सकता। यह सुरक्षित और नियमित आय का अच्छा स्रोत है, लेकिन बेहतर वित्तीय योजना के लिए इसे FD, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड जैसे अन्य निवेश विकल्पों के साथ में इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि ग्रोथ और सुरक्षा दोनों मिले। ……………… ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- किसान विकास पत्र क्या है: कितने दिनों में पैसा डबल होता है, कौन कर सकता है निवेश, जानें KVP लेने का पूरा प्रोसेस निवेश करते समय हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी रकम सुरक्षित रहे और अच्छा रिटर्न भी मिले। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ये बेहद मुश्किल होता है। हालांकि, सुरक्षित और तय रिटर्न वाली एक ऐसी ही सरकारी स्मॉल सेविंग स्कीम है, किसान विकास पत्र (KVP)। यह कम रिस्क वाला निवेश विकल्प है, जिसमें निवेश की गई राशि तय अवधि में लगभग दोगुनी हो जाती है। आगे पढ़िए…
चांदी 5 हजार रुपए महंगी, ₹2.50 लाख पहुंची:AI कंटेंट पर लेबल जरूरी, नए नियम लागू; भारत-अमेरिका ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी
कल की बड़ी खबर AI समिट से जुड़ी रही। यहां पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसे खाने के पैकेट पर 'न्यूट्रिशन लेबल' होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी 'ऑथेंटिसिटी लेबल' होना चाहिए। वहीं सेंसेक्स 1236 अंक (1.48%) की गिरावट के साथ 82,498 के स्तर पर बंद हुआ। उधर, सोना-चांदी में बढ़त देखी गई। सोना करीब 3 हजार और चांदी 8 हजार रुपए महंगी हो गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें... 1. AI कंटेंट पर लेबल जरूरी, नए नियम लागू:सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को डीपफेक फोटो-वीडियो 3 घंटे में हटाने होंगे अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो एआई की मदद से बनाया गया है, तो उस पर 'लेबल' लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत मिलने के महज 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू हो गए हैं। 10 फरवरी को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. भारत-अमेरिका ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी:मार्च में हस्ताक्षर होने; 1 अप्रैल से लागू होने की उम्मीद वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के साथ 'अंतरिम व्यापार समझौता' फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके साथ ही भारत आने वाले कुछ महीनों में दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3.चांदी 5 हजार रुपए महंगी, ₹2.50 लाख पहुंची:इस साल ₹19,894 चढ़ी, सोना ₹500 बढ़कर ₹1.55 लाख हुआ सोना-चांदी की कीमतों में 20 फरवरी को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 5 हजार रुपए बढ़कर 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। गुरुवार को ये 2.45 रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 496 रुपए बढ़कर ₹1.55 लाख पर आ गया है। 19 फरवरी को ये 1.54 लाख रुपए पर था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. AI समिट में भारत-अमेरिका का 'पैक्स सिलिका' समझौता:चिप सेक्टर में 10 लाख नौकरियां आएंगी, मोदी-ट्रम्प की मुलाकात जल्द इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के आखिरी दिन भारत और अमेरिका ने 'पैक्स सिलिका' डिक्लेरेशन पर साइन किए हैं। इस समझौते का मकसद दुनिया भर में सेमीकंडक्टर और AI की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना और गैर-मित्र देशों पर निर्भरता कम करना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. टाटा पंच ईवी का फेसलिफ्ट लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹9.69 लाख:इलेक्ट्रिक कार फुल चार्ज में 436km तक चलेगी, सेफ्टी के लिए 360° कैमरा टाटा मोटर्स ने आज 20 फरवरी को अपनी सबसे पॉपुलर इलेक्ट्रिक माइक्रो SUV 'पंच EV' का फेसलिफ्ट मॉडल भारत में लॉन्च कर दिया है। नई पंच EV में न सिर्फ डिजाइन और फीचर्स को अपडेट किया गया है, बल्कि कंपनी ने इसकी बैटरी क्षमता को भी बढ़ाया है। नया फेसलिफ्ट मॉडल काफी हद तक पंच के पेट्रोल (ICE) वर्जन से इंस्पायर्ड है। नई पंच EV 12.3 इंच की स्क्रीन, कनेक्टेड LED टेललाइट्स और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे लग्जरी फीचर्स के साथ आई है। वहीं, सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स और 360° कैमरा जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जानिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जानिए...
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