लूला दा सिल्वा ने दिल्ली में ब्राजील का पहला ट्रेड ऑफिस किया उद्घाटन
नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने शनिवार को नई दिल्ली में ब्राजीलियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी (एपेक्स) के पहले कार्यालय के उद्घाटन की घोषणा की।
राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “यह एजेंसी विदेशों में ब्राजीलियाई उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देने और ब्राजील की अर्थव्यवस्था के रणनीतिक क्षेत्रों में विदेशी निवेश आकर्षित करने का काम करती है।”
उन्होंने बताया कि “ब्राजील और भारत ग्लोबल साउथ के दो बड़े देश हैं। वर्ष 2025 में हमारे बीच 15.2 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार हुआ, जिसमें आगे और वृद्धि की काफी संभावनाएं हैं।” इस मौके पर उनके साथ कई मंत्री और एपेक्स के अध्यक्ष जॉर्ज वियाना भी मौजूद थे।
ब्राजील के राष्ट्रपति इस सप्ताह उच्च-स्तरीय राजकीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं। उनके साथ 260 से अधिक ब्राजीलियाई कंपनियों का अब तक का सबसे बड़ा व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल, लगभग 14 कैबिनेट मंत्री और कई शीर्ष सीईओ शामिल हैं।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक व्यापार पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ कदमों के कारण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में भारत और ब्राजील अपने व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
राष्ट्रपति लूला ने नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भी भाग लिया। उन्होंने प्रौद्योगिकी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और समावेशी विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे। इससे भारत-ब्राजील संबंधों में तकनीकी सहयोग एक नए और उभरते आयाम के रूप में सामने आया है।
राष्ट्रपति लूला 21 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा करेंगे।
वार्ता में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा सहयोग, डिजिटल तकनीक और लोगों के बीच संपर्क जैसे विषय शामिल होंगे। साथ ही, दोनों नेता बहुपक्षीय मंचों में सहयोग, वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।
भारत और ब्राजील के संबंधों को वर्ष 2006 में रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और समावेशी विकास की समान दृष्टि पर आधारित यह रिश्ता समय के साथ और मजबूत हुआ है।
दोनों देश ब्रिक्स, आईबीएसए, जी20, संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन और यूनेस्को जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी करीबी सहयोग करते रहे हैं।
राष्ट्रपति लूला का यह दौरा वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं के पुनर्गठन के दौर में भारत और ब्राजील के बीच आर्थिक सहयोग को नई गति देने वाला माना जा रहा है।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पंजाब में हजारों रोजगार के अवसर, 1,500 करोड़ का बड़ा निवेश! राजपुरा में JSW लगाएगा इस्पात संयंत्र
Punjab News: पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन और बिजली मंत्री Sanjeev Arora ने मुंबई में देश के प्रमुख उद्योगपति Sajjan Jindal, चेयरमैन JSW Group से अहम बैठक की. इस बैठक में पंजाब इन्वेस्ट के सीईओ अमित ढाका भी मौजूद रहे. बैठक के दौरान सज्जन जिंदल ने पंजाब के राजपुरा में इस्पात क्षेत्र में 1,500 करोड़ रुपये के बड़े निवेश की घोषणा की. इस निवेश से राज्य के औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी. साथ ही, इस्पात उद्योग से जुड़ी पूरी वैल्यू चेन को लाभ होगा और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
उद्योग-अनुकूल माहौल को सराहा
जिंदल ने 13 मार्च को Plaksha University में आयोजित होने वाले इन्वेस्ट पंजाब समिट के उद्घाटन सत्र में शामिल होने की भी पुष्टि की. उन्होंने मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में राज्य में बनाए जा रहे उद्योग-अनुकूल माहौल की सराहना की.
पंजाब की औद्योगिक नींव मजबूत
मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि पंजाब की औद्योगिक नींव मजबूत है. राज्य को उत्तर भारत के बाजारों से बेहतरीन कनेक्टिविटी प्राप्त है. यहां मजबूत एमएसएमई नेटवर्क, कुशल युवा कार्यबल और इस्पात, ऑटो कंपोनेंट्स, वस्त्र, खेल सामान, खाद्य प्रसंस्करण और लाइट इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में विकसित औद्योगिक क्लस्टर मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि पंजाब को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों में लगातार “टॉप अचीवर” का दर्जा मिला है. राज्य में सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के जरिए उद्योगों को समयबद्ध स्वीकृतियां दी जा रही हैं.
क्या है इस नीति का उद्देश्य
मंत्री ने जानकारी दी कि पंजाब सरकार नई और भविष्य उन्मुख औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने के चरण में है. इस नीति का उद्देश्य उन्नत विनिर्माण, रक्षा निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा और उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना है.
निवेश की संभावनाएं तलाशने में दिखाई रुचि
जिंदल ने रक्षा निर्माण, ऑटोमोबाइल और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशने में रुचि दिखाई. मंत्री अरोड़ा ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग, त्वरित स्वीकृतियां और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराएगी. यह बैठक प्रगतिशील पंजाब निवेशक शिखर सम्मेलन 2026 से पहले राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
यह भी पढ़ें: Punjab News: व्यापारियों के लिए बड़ी राहत! भगवंत मान सरकार ने की ‘पंजाब ट्रेड कमीशन’ लॉन्च
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation

























