Responsive Scrollable Menu

चुटकियों में चमकेगा घर! Amazon सेल से ₹1,399 की शुरुआती कीमत पर लाएं वैक्यूम क्लीनर, मची लूट!

दिवाली सफाई को बनाएं बेहद आसान! Amazon Great Indian Festival सेल में वैक्यूम क्लीनर पर 72% तक का भारी डिस्काउंट मिल रहा है, जिसकी शुरुआती कीमत मात्र ₹1,399 है। सोफे, कारपेट और घर के हर कोने की गहरी सफाई के लिए इन स्मार्ट गैजेट्स पर बैंक ऑफर्स और नो-कॉस्ट EMI की सुविधा भी उपलब्ध है।

Continue reading on the app

मध्य पूर्व तनाव के बीच Crude Oil उछला, Brent Crude 110 डॉलर के पार पहुंचा

तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, लाल सागर में जहाजों पर हमलों और सऊदी अरब के तेल ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने दुनिया भर में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसी वजह से बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार में कारोबार करने वाले लोग इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि आने वाले दिनों में तेल की सप्लाई कितनी प्रभावित होती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 1.34 डॉलर यानी 1.23 फीसदी बढ़कर 110.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिका के वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चे तेल की कीमत 1.18 डॉलर यानी 1.21 फीसदी बढ़कर 99 डॉलर प्रति बैरल हो गई। बता दें कि तेल की कीमतों में यह तेजी पिछले कारोबारी सत्र में आई गिरावट के बाद देखने को मिली है। इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति ने तेहरान में पाकिस्तान के सेना प्रमुख के साथ बैठक के दौरान मध्यस्थता की कोशिशों पर चर्चा की थी, जिसके बाद कीमतों में कुछ नरमी आई थी।

तेल की सप्लाई को लेकर चिंता उस समय और बढ़ गई, जब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नौसेना के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में समुद्र में एक विशाल तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गया। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि जहाज ईरान के नियमों का उल्लंघन कर रहा था। हालांकि, इस घटना को लेकर सामने आई जानकारी के बीच समुद्री रास्तों पर सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

जहाजों पर हमलों की बढ़ती घटनाएं भी तेल बाजार को प्रभावित कर रही हैं। जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली कंपनी केप्लर ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया कि 2 सप्ताह के दौरान कम से कम 18 जहाजों पर हमले दर्ज किए गए। गौरतलब है कि ये हमले अब केवल होर्मुज स्ट्रेट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ओमान की खाड़ी तक फैल गए हैं। यह इलाका इसलिए अहम है, क्योंकि यहां तेल लाने और ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही होती है।

एलएसईजी के विश्लेषकों के मुताबिक, ईरान की ओर से ओमान की खाड़ी तक जहाजों को निशाना बनाए जाने से अरब की खाड़ी के बाहर तेल लोड करने की प्रक्रिया और समुद्र में एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल पहुंचाने का काम भी प्रभावित हो सकता है। इससे मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई बनाए रखना और मुश्किल हो सकता है।

इसी बीच, यमन में भी संघर्ष तेज हो गया है। हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको के यानबू स्थित ठिकाने, शायबा तेल क्षेत्र और रियाद व आभा के हवाई अड्डों पर हमलों की जिम्मेदारी ली। वहीं, यमन की सरकारी सेना पर हूतियों के हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 73 हो गई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इलाके में लड़ाई तेज होने से हालात और गंभीर हो गए हैं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को प्रसारित एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि तेहरान को सऊदी अरब या यमन के हूतियों की ओर से शांति वार्ता में मदद करने के उसके प्रस्ताव पर कोई जवाब नहीं मिला है।

दूसरी ओर, मंगलवार को ब्रेंट क्रूड का भाव 76 सेंट यानी 0.69 फीसदी गिरकर 108.79 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान इसकी कीमत 111.99 डॉलर तक पहुंच गई थी, जो 5 महीने का उच्च स्तर था। वहीं, अमेरिका के डब्ल्यूटीआई तेल के नवंबर अनुबंध की कीमत 1.87 डॉलर यानी 1.8 फीसदी गिरकर 101.79 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई थी। यह अनुबंध मंगलवार को समाप्त हो गया था।

अमेरिका में भी ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के 2 अधिकारियों के मुताबिक, डीजल की कमी और बढ़ती कीमतों को देखते हुए दुनिया भर की तेल रिफाइनरियों के साथ मिलकर उत्पादन बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। रॉयटर्स के 8 विश्लेषकों के सर्वेक्षण के अनुसार, 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में अमेरिका के कच्चे तेल का भंडार औसतन 800,000 बैरल घटने का अनुमान है। पेट्रोलियम से बने अन्य ईंधनों के भंडार में भी गिरावट की आशंका जताई गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव, समुद्री रास्तों पर खतरे और तेल ठिकानों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। यदि तेल की सप्लाई लंबे समय तक प्रभावित होती है, तो इसका असर ईंधन की कीमतों, परिवहन खर्च और भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

Continue reading on the app

  Sports

Team India की नजर खिताबी हैट्रिक पर, T20 World Cup 2027 के Group A में मिली जगह

महिला क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने का सपना देख रही युवा खिलाड़ियों के लिए साल 2027 में एक बड़ा मौका आने वाला है। आईसीसी ने अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप 2027 के कार्यक्रम और मेजबानी से जुड़ी जानकारी साझा की है। इस बार टूर्नामेंट का आयोजन बांग्लादेश और नेपाल में किया जाएगा। मुकाबले 21 जनवरी से 6 फरवरी तक खेले जाएंगे, जिसमें 16 देशों की टीमें खिताब के लिए मैदान पर उतरेंगी।

इस टूर्नामेंट के मुकाबले 4 मैदानों पर आयोजित होंगे। बांग्लादेश के चट्टोग्राम और सिलहट के साथ नेपाल के कीर्तिपुर और मुलपानी को मेजबानी की जिम्मेदारी दी गई है। चट्टोग्राम में 4 फरवरी को दोनों सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे, जबकि 6 फरवरी को इसी मैदान पर फाइनल होगा। इस तरह खिताब जीतने वाली टीम का फैसला बांग्लादेश में होगा।

टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली 16 टीमों को 4 समूहों में बांटा गया है। हर समूह में 4 टीमें होंगी। शुरुआती चरण के बाद सुपर सिक्स मुकाबले खेले जाएंगे, जिसमें टीमें 2 समूहों में बंटेंगी। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल के जरिए चैंपियन का फैसला होगा। पूरे टूर्नामेंट में कुल 41 मुकाबले खेले जाएंगे और सभी मैच दिन के समय आयोजित होंगे। स्थानीय समय के अनुसार, सुबह के मुकाबले 9:30 बजे और दोपहर के मुकाबले 1:30 बजे शुरू होंगे।

भारतीय टीम को ग्रुप ए में आयरलैंड, वेस्टइंडीज और मेजबान नेपाल के साथ रखा गया है। भारतीय युवा खिलाड़ियों के सामने शुरुआती दौर में ही मजबूत प्रदर्शन करने की चुनौती होगी। बता दें कि भारत ने 2023 में आयोजित पहले संस्करण और 2025 के दूसरे संस्करण में लगातार खिताब जीतकर इस प्रतियोगिता में अपना दबदबा बनाया था। ऐसे में 2027 में भी भारतीय टीम की नजर खिताबी जीत की हैट्रिक लगाने पर रहेगी।

ग्रुप बी में 2025 की उपविजेता दक्षिण अफ्रीका के साथ न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और समोआ को जगह मिली है। ग्रुप सी में ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, नाइजीरिया और संयुक्त अरब अमीरात की टीमें शामिल हैं। वहीं, ग्रुप डी में इंग्लैंड, श्रीलंका, अमेरिका और स्कॉटलैंड के बीच मुकाबला होगा।

प्रतियोगिता की शुरुआत 21 जनवरी को 4 मैचों के साथ होगी। सिलहट में बांग्लादेश का सामना संयुक्त अरब अमीरात से होगा, जबकि ऑस्ट्रेलिया और नाइजीरिया की टीमें भी इसी मैदान पर खेलेंगी। मुलपानी में श्रीलंका और स्कॉटलैंड के साथ इंग्लैंड और अमेरिका के मुकाबले होंगे।

22 जनवरी को चट्टोग्राम में न्यूजीलैंड का सामना समोआ और दक्षिण अफ्रीका का मुकाबला पाकिस्तान से होगा। वहीं, कीर्तिपुर में नेपाल और आयरलैंड के अलावा भारत और वेस्टइंडीज की टीमें आमने-सामने होंगी। इस तरह भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत वेस्टइंडीज के खिलाफ करेगी।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजोग गुप्ता ने कहा कि अंडर-19 विश्व कप युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अपने देश के लिए बड़े स्तर पर खेलने की दिशा में आगे बढ़ने का मौका देता है। उनके मुताबिक, इस प्रतियोगिता से 16 देशों की उभरती खिलाड़ियों को दुनिया के सामने अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश और नेपाल को मेजबान चुनना क्रिकेट के भविष्य में निवेश करने की परिषद की सोच को दर्शाता है। दोनों देशों की करीब 40% आबादी 20 साल से कम उम्र की है, जिससे युवा खिलाड़ियों के बीच क्रिकेट को बढ़ावा देने की बड़ी संभावना है।

गौरतलब है कि अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आगे बढ़ने का अहम मंच है। 2027 में भारत के सामने लगातार तीसरी बार खिताब जीतने की चुनौती होगी, जबकि बाकी टीमें भारतीय दबदबे को खत्म करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।

Wed, 21 Oct 2026 19:40:00 +0530

  Videos
See all

Marco Rubio India Visit : जामनगर से रवाना हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो! | Shorts | #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-21T14:16:34+00:00

Daler Mehndi Controversy: दलेर मेहंदी मामले पर सुबोध उनियाल क्या बोले? | Subodh Uniyal | N18V #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-21T14:10:30+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers