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मध्य पूर्व तनाव के बीच Crude Oil उछला, Brent Crude 110 डॉलर के पार पहुंचा

तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, लाल सागर में जहाजों पर हमलों और सऊदी अरब के तेल ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने दुनिया भर में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसी वजह से बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार में कारोबार करने वाले लोग इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि आने वाले दिनों में तेल की सप्लाई कितनी प्रभावित होती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 1.34 डॉलर यानी 1.23 फीसदी बढ़कर 110.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिका के वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चे तेल की कीमत 1.18 डॉलर यानी 1.21 फीसदी बढ़कर 99 डॉलर प्रति बैरल हो गई। बता दें कि तेल की कीमतों में यह तेजी पिछले कारोबारी सत्र में आई गिरावट के बाद देखने को मिली है। इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति ने तेहरान में पाकिस्तान के सेना प्रमुख के साथ बैठक के दौरान मध्यस्थता की कोशिशों पर चर्चा की थी, जिसके बाद कीमतों में कुछ नरमी आई थी।

तेल की सप्लाई को लेकर चिंता उस समय और बढ़ गई, जब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नौसेना के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में समुद्र में एक विशाल तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गया। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि जहाज ईरान के नियमों का उल्लंघन कर रहा था। हालांकि, इस घटना को लेकर सामने आई जानकारी के बीच समुद्री रास्तों पर सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

जहाजों पर हमलों की बढ़ती घटनाएं भी तेल बाजार को प्रभावित कर रही हैं। जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली कंपनी केप्लर ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया कि 2 सप्ताह के दौरान कम से कम 18 जहाजों पर हमले दर्ज किए गए। गौरतलब है कि ये हमले अब केवल होर्मुज स्ट्रेट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ओमान की खाड़ी तक फैल गए हैं। यह इलाका इसलिए अहम है, क्योंकि यहां तेल लाने और ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही होती है।

एलएसईजी के विश्लेषकों के मुताबिक, ईरान की ओर से ओमान की खाड़ी तक जहाजों को निशाना बनाए जाने से अरब की खाड़ी के बाहर तेल लोड करने की प्रक्रिया और समुद्र में एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल पहुंचाने का काम भी प्रभावित हो सकता है। इससे मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई बनाए रखना और मुश्किल हो सकता है।

इसी बीच, यमन में भी संघर्ष तेज हो गया है। हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको के यानबू स्थित ठिकाने, शायबा तेल क्षेत्र और रियाद व आभा के हवाई अड्डों पर हमलों की जिम्मेदारी ली। वहीं, यमन की सरकारी सेना पर हूतियों के हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 73 हो गई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इलाके में लड़ाई तेज होने से हालात और गंभीर हो गए हैं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को प्रसारित एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि तेहरान को सऊदी अरब या यमन के हूतियों की ओर से शांति वार्ता में मदद करने के उसके प्रस्ताव पर कोई जवाब नहीं मिला है।

दूसरी ओर, मंगलवार को ब्रेंट क्रूड का भाव 76 सेंट यानी 0.69 फीसदी गिरकर 108.79 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान इसकी कीमत 111.99 डॉलर तक पहुंच गई थी, जो 5 महीने का उच्च स्तर था। वहीं, अमेरिका के डब्ल्यूटीआई तेल के नवंबर अनुबंध की कीमत 1.87 डॉलर यानी 1.8 फीसदी गिरकर 101.79 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई थी। यह अनुबंध मंगलवार को समाप्त हो गया था।

अमेरिका में भी ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के 2 अधिकारियों के मुताबिक, डीजल की कमी और बढ़ती कीमतों को देखते हुए दुनिया भर की तेल रिफाइनरियों के साथ मिलकर उत्पादन बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। रॉयटर्स के 8 विश्लेषकों के सर्वेक्षण के अनुसार, 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में अमेरिका के कच्चे तेल का भंडार औसतन 800,000 बैरल घटने का अनुमान है। पेट्रोलियम से बने अन्य ईंधनों के भंडार में भी गिरावट की आशंका जताई गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव, समुद्री रास्तों पर खतरे और तेल ठिकानों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। यदि तेल की सप्लाई लंबे समय तक प्रभावित होती है, तो इसका असर ईंधन की कीमतों, परिवहन खर्च और भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

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Adani Green Energy का शुद्ध लाभ 16% बढ़कर 747 करोड़ रुपये पर पहुंचा

। अदाणी ग्रीन एनर्जी का सितंबर तिमाही का एकीकृत शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर 747 करोड़ रुपये हो गया। बिजली आपूर्ति कारोबार से मजबूत राजस्व वृद्धि से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है।

अदाणी समूह की इस कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 644 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया था। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई नियामकीय सूचना में बताया कि जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान उसकी कुल आय 39 प्रतिशत बढ़कर 4,520 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 3,249 करोड़ रुपये थी। कुल आय में बिजली आपूर्ति कारोबार का योगदान 4,019 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के 2,776 करोड़ रुपये से 45 प्रतिशत अधिक है।

एक अलग बयान में अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में उसका नकद मुनाफा सालाना आधार पर 45 प्रतिशत बढ़कर 1,348 करोड़ रुपये हो गया। अदाणी ग्रीन एनर्जी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आशीष खन्ना ने कहा, ‘‘भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी के रूप में हमें इस क्षेत्र की प्रगति को गति देने पर गर्व है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में हमारा परिचालन वाला नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 24 प्रतिशत बढ़कर 20.8 गीगावाट हो गया और ऊर्जा बिक्री में 32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इससे हमारी सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं का परिचालन प्रदर्शन मजबूत हुआ।’’ कंपनी ने सालाना आधार पर 4,083 मेगावाट की नई क्षमता जोड़ी। इसमें 2,957 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता शामिल है, जिसमें गुजरात के खावड़ा में 2,568 मेगावाट और राजस्थान में 389 मेगावाट की क्षमता जोड़ी गई। इसके अलावा, 805 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई, जिसमें खावड़ा में 666 मेगावाट और मुंद्रा में 139 मेगावाट शामिल हैं।

खावड़ा में 321 मेगावाट की सौर-पवन हाइब्रिड क्षमता भी जोड़ी गई। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में उसने लगभग 17,160 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 38 प्रतिशत अधिक है। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड भारत की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है।

कंपनी के अनुसार, उसका कुल परिचालन नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो 14,242.9 मेगावाट का है। कंपनी बड़े पैमाने पर ग्रिड से जुड़ी सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विकास, निर्माण, स्वामित्व, संचालन और रखरखाव करती है।

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  Sports

Australia के खिलाफ दूसरे Test में तेज गेंदबाज Anrich Nortje चोटिल होकर बाहर

दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मुकाबले में मेजबान टीम को बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्टजे दाहिनी जांघ और कमर के जोड़ के पास चोट लगने की आशंका के चलते मैदान से बाहर चले गए हैं। बुधवार को मैच के चौथे दिन लगी इस चोट ने उनकी आगे की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका की टीम ने पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया को सस्ते में समेटकर मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली है।

ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट जॉर्ज पार्क में खेले जा रहे टेस्ट के चौथे दिन सुबह के सत्र में नॉर्टजे अपने चौथे ओवर की केवल 3 गेंदें फेंकने के बाद लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर चले गए। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे सत्र की शुरुआत में बताया कि नॉर्टजे ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के बाकी हिस्से में कम से कम गेंदबाजी करने के लिए मैदान पर नहीं उतरेंगे। उनकी चोट कितनी गंभीर है, इसे लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है।

गौरतलब है कि नॉर्टजे ने डरबन में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान लंबे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी की थी। उन्होंने साढ़े 3 साल से अधिक समय के अंतराल के बाद अपना पहला टेस्ट और प्रथम श्रेणी मुकाबला खेलते हुए 40 ओवर गेंदबाजी की थी। दोनों टेस्ट के बीच कम समय होने के कारण उनकी फिटनेस को लेकर पहले भी सवाल उठे थे। हालांकि, दूसरे टेस्ट से 2 दिन पहले अभ्यास के दौरान उन्होंने तेज रफ्तार से गेंदबाजी कर अपनी तैयारी का संकेत दिया था।

मैदान छोड़ने से पहले नॉर्टजे ने दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी में अहम योगदान दिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन को आउट करने में भूमिका निभाई। तीसरी स्लिप में साइमन हार्मर ने शानदार कैच पकड़कर लाबुशेन की पारी समाप्त की। उस समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 45 रन पर 4 विकेट हो गया था और टीम मुश्किल में नजर आ रही थी।

दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने इसके बाद भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। मेहमान टीम अपनी पहली पारी में महज 99 रन पर सिमट गई। दक्षिण अफ्रीका की ओर से बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मार्को यानसन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट झटके। वहीं, वियान मुल्डर ने 2 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें बढ़ा दीं।

ऑस्ट्रेलिया की ओर से अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने सबसे ज्यादा 28 रन बनाए। उन्होंने 88 गेंदों का सामना करते हुए 2 चौके लगाए, लेकिन मुल्डर की गेंद पर बोल्ड हो गए। बाकी बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीका की तेज गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सके।

इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में कप्तान टेम्बा बावुमा के शानदार 179 रन और मार्को यानसन के 85 रनों की मदद से मजबूत स्कोर खड़ा किया था। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बावजूद दोनों बल्लेबाजों ने पारी को संभाला और टीम को मुकाबले में बढ़त दिलाई।

ऑस्ट्रेलिया को 99 रन पर आउट करने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने उसे फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर कर दिया। इसका मतलब है कि ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में पिछड़ने के बाद दोबारा बल्लेबाजी करनी पड़ी है। अब मेजबान टीम की नजर इस बढ़त को जीत में बदलने पर है। 3 टेस्ट मैचों की इस सीरीज में दक्षिण अफ्रीका मुकाबला जीतकर सीरीज को 1-1 से बराबर करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, नॉर्टजे की चोट टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि बाकी मैच में तेज गेंदबाजी का दबाव बनाए रखना बेहद जरूरी है।

Wed, 21 Oct 2026 19:57:00 +0530

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