राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर शशि थरूर का जवाब, बोले- मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर सियासत तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही है. इसी बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर से जब राहुल गांधी के विदेश जाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि वह कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हैं, जो इस बारे में जवाब दें. थरूर के इस बयान के बीच दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन भी चर्चा में है.
राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर बीजेपी के सवाल
बीजेपी राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रही है. पार्टी का आरोप है कि राहुल गांधी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान झूठ बोलने के बाद छुट्टियां मनाने विदेश चले गए. इसी बीच केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों ने शशि थरूर से पूछा कि जब दिल्ली में राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, तो राहुल गांधी विदेश क्यों गए हैं? इस सवाल पर थरूर ने कहा कि उनसे यह पूछना सही नहीं है. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारियां होती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जैसे वह दिल्ली छोड़कर तिरुवनंतपुरम आए हैं, वैसे ही दूसरे लोगों के भी अपने काम और जिम्मेदारियां हो सकती हैं. इसलिए वह राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते.
पवन खेड़ा ने पीएम मोदी के बयान पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दशहरा समारोह में दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने विपक्षी एकजुटता को लेकर सलाह देने में देर कर दी है. उनके मुताबिक, इंडिया गठबंधन पहले से ही इसी उद्देश्य के लिए एकजुट है. उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री चाहें, तो वह भी इस गठबंधन में शामिल हो सकते हैं. परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक पर आम सहमति बनाने की प्रधानमंत्री की बात पर भी खेड़ा ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आम सहमति बनाने के लिए सभी पक्षों के साथ संवाद जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विपक्षी नेताओं से दूरी बनाए रखते हैं और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हैं. ऐसे में आम सहमति बनाने की बात कैसे आगे बढ़ेगी? खेड़ा ने यह भी पूछा कि प्रधानमंत्री ने अब तक कितनी सर्वदलीय बैठकें बुलाई हैं.
आरएसएस में महिला नेतृत्व को लेकर पवन खेड़ा की चुनौती
राहुल गांधी के आरएसएस पर किए गए ट्वीट के संदर्भ में पवन खेड़ा ने संघ प्रमुख मोहन भागवत की महिलाओं को लेकर कथित टिप्पणियों पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को बच्चे पैदा करने और घर तक सीमित रहने की सलाह देना पुरुषप्रधान सोच को दर्शाता है. खेड़ा ने कहा कि महिलाओं की भूमिका को केवल परिवार और संतान तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने आरएसएस की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए संगठन को चुनौती दी कि अगर वह महिलाओं के प्रति भेदभावपूर्ण सोच नहीं रखता, तो उसे किसी महिला को अपना अगला प्रमुख बनाना चाहिए.
उन्होंने विशेष रूप से एक दलित महिला को आरएसएस का प्रमुख बनाने की चुनौती देते हुए कहा कि इससे संगठन महिलाओं के प्रति अपनी सोच को साबित कर सकता है. इस तरह राहुल गांधी की विदेश यात्रा से शुरू हुआ राजनीतिक विवाद कांग्रेस, बीजेपी और आरएसएस को लेकर जारी बयानबाजी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
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