Jharkhand Student Protest: पेपर लीक और भर्ती घोटालों के खिलाफ रांची में उबाल; 11वें दिन भी डटे छात्र, सरकार का क्या है रुख?
देशभर में परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, और अब झारखंड इस असंतोष का केंद्र बनता जा रहा है। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन उग्र रूप ले चुका है। पिछले 11 दिनों से छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।
उनकी मांग केवल किसी एक परीक्षा को रद्द करने की नहीं है, बल्कि पिछले 4-5 वर्षों में हुई 10 से अधिक विवादित भर्तियों की उच्चस्तरीय जांच दूसरे राज्यों के हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों के पैनल से कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और पूरी चयन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की है।
Jharkhand Student Protest: #Jharkhand #jpsc #jssc #ranchi #studentprotestranchi #protest pic.twitter.com/7M3qhpVBHk
— Indians (@voicesindians) August 4, 2026
नौकरियों के बिकने का आरोप: 25 लाख से लेकर डेढ़ करोड़ तक पहुंच रहा रेट
आंदोलनकारी छात्रों और युवा संगठनों ने गंभीर आरोप लगाया है कि झारखंड में पैसे लेकर सरकारी नौकरियां दिलाने वाला एक बहुत बड़ा और संगठित गिरोह सक्रिय है। कई भर्तियों में तो पदों का सौदा 25 लाख रुपये से शुरू होकर डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। छात्रों का दावा है कि जेएसएससी की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा से ठीक पहले 120 प्रश्नों वाला पूरा पेपर चुनिंदा लोगों तक पहुंचा दिया गया था और उन्हें उत्तर रटवाए गए थे।
जांच में इसकी पुष्टि होने के बावजूद सरकार द्वारा ठोस कदम न उठाए जाने से छात्रों में गुस्सा है। इसके अलावा, लेडी सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा में फर्जी डिग्रियों का मामला सामने आया है, जहां 33 महिलाओं की स्नातक की डिग्री एक ही निजी विश्वविद्यालय की मिलने के कारण फिलहाल नियुक्तियां रोकनी पड़ी हैं।
???? Wake Up Indian Media, They are also protesting for paper Leak
— SilentFrame (@SilentFrameM) August 3, 2026
Braving relentless rain and strong winds, Jharkhand's students continue their peaceful protest against the paper leak under tarpaulins and umbrellas.
The administration should at least allow tents. @ajaykraina pic.twitter.com/2dsM7Iv9EC
उत्पाद सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा से ठीक पहले पुलिस ने रांची में सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड समेत 164 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया था, जिनसे पूछताछ में सामने आया कि 10 से 15 लाख रुपये लेकर प्रश्नपत्र के उत्तर रटवाए जा रहे थे।
सीएम हेमंत के खिलाफ अनोखा विरोध: पिता शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर बैठे छात्र
इस आंदोलन की सबसे खास और चर्चा का विषय बनी बात यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र पारंपरिक लोकगीतों के साथ विरोध जता रहे हैं और साथ ही झारखंड आंदोलन के अगुवा और पूर्व मुख्यमंत्री 'दिशोम गुरु' शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हेमंत सोरेन, शिबू सोरेन के ही बेटे हैं और शिबू सोरेन ने हमेशा झारखंड के युवाओं के अधिकारों का सपना देखा था।
छात्र आज उसी सपने को बचाने के लिए सड़क पर उतरे हैं, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था में उनके साथ लगातार अन्याय हो रहा है। आंदोलन का नेतृत्व कर रही छात्र नेता अर्चना कुमारी का कहना है कि राज्य में 10 से अधिक परीक्षाओं में जिस तरह से धांधली हुई है, उसने युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है, यही वजह है कि छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। बढ़ते दबाव को देखते हुए छात्र संगठनों ने आगामी 6 और 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा के घेराव का भी ऐलान कर दिया है।
सीएम हेमंत सोरेन का रुख: 'हर पहलू की हो रही पड़ताल, उचित समय पर लेंगे निर्णय'
छात्रों की मुख्य मांग है कि इन तमाम भर्ती घोटालों और गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच किसी अन्य राज्य के हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों के पैनल से कराई जाए। इस मांग और बढ़ते राजनीतिक दबाव पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान सामने आया है। सीएम हेमंत ने कहा है कि जांच एजेंसियां इस पूरे मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।
#WATCH | Ramgarh, Jharkhand: On the student’s protest, CM Hemant Soren says, “I have said this before as well, the government has eyes, ears, it is sensitive to the issue…the way the investigation team is working day and night, we are waiting for its answer, and a… pic.twitter.com/ISCNIL0R6B
— ANI (@ANI) August 4, 2026
जैसे ही सभी तथ्य और सबूत पूरी तरह सामने आ जाएंगे, सरकार उन पर विचार कर उचित और ठोस निर्णय लेगी। सरकार का दावा है कि वह युवाओं के हितों के प्रति गंभीर है और गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सीआईडी की कार्रवाई: परीक्षा एजेंसी से सेटिंग करने वाले तीन दलाल गिरफ्तार
भर्ती घोटालों के इस बहुचर्चित मामले विशेषकर 'मेधा घोटाले' में जांच एजेंसी सीआईडी (CID) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हाल ही में सीआईडी ने देर रात छापेमारी करते हुए तीन बड़े दलालों को दबोच लिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये एजेंट और दलाल मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों की परीक्षा संचालित करने वाली मुख्य एजेंसी 'टीडीपीएल' (TDPL) से अवैध संपर्क साधते थे और परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करते थे।
सीआईडी इन आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट के तार और कहां-कहां तक जुड़े हुए हैं तथा इसमें कौन-कौन से बड़े अधिकारी या लोग शामिल हैं।
युवाओं के भविष्य की लड़ाई और प्रशासनिक व्यवस्था पर गहराते सवाल
यह पूरा आंदोलन केवल कुछ परीक्षाओं के पेपर लीक होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह झारखंड के युवाओं के सिस्टम से उठ चुके भरोसे की पुनर्स्थापना की लड़ाई बन गया है। पिछले कई सालों से लगातार एक के बाद एक परीक्षाओं में पेपर लीक, सॉल्वर गैंग की सक्रियता और फर्जीवाड़े के सामने आने से जेपीएससी और जेएसएससी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई है।
छात्र सड़कों पर हैं, विपक्षी दल सरकार को घेर रहे हैं, और दूसरी तरफ सरकार व जांच एजेंसियां कार्रवाई का दावा कर रही हैं। आगामी दिनों में 6 और 10 अगस्त को होने वाले विधानसभा घेराव के ऐलान ने राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को और अधिक बढ़ा दिया है, जिससे आने वाले समय में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।
उत्तर बंगाल का मौसम, मटमैला हुआ नदी का पानी, बारिश ने कई रास्तों को डूबोया
उत्तर बंगाल में लगातार हो रही भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं, जिससे बनारहाट बाजार सहित कई इलाके जलमग्न हो गए हैं. लोगों में दहशत का माहौल है और प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है.
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