'अस्सी' ही नहीं, तापसी पन्नू की इन 7 फिल्मों ने बदला समाज का नजरिया, 7.7 है एक की रेटिंग, 2 में है अमिताभ बच्चन
भारतीय सिनेमा में लंबे समय तक कहानी का केंद्र पुरुष अभिनेता और बड़े बजट की भव्य फिल्में रही हैं. हालांकि, बदलते दौर के साथ हिंदी सिनेमा की दिशा में भी अहम परिवर्तन देखने को मिला है. अब महिला प्रधान फिल्मों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है. ये फिल्में न केवल व्यावसायिक रूप से सफल हो रही हैं, बल्कि अपनी विषयवस्तु और संदेश के कारण चर्चा का विषय भी बन रही हैं.
शक और दोस्ती की अनोखी कहानी: रिलीज के लिए 6 साल तक तरसी फिल्म, थिएटर पहुंचते ही बॉक्स ऑफिस पर रच दिया इतिहास
फिल्म इंडस्ट्री में देर से आने वाली फिल्मों को अक्सर 'बासी' माना जाता है, लेकिन 2002 में रिलीज हुई 'हम तुम्हारे हैं सनम' ने इस सोच को तोड़ दिया. शाहरुख खान, सलमान खान और माधुरी दीक्षित जैसे सुपरस्टार्स वाली यह फिल्म प्रोडक्शन की दिक्कतों और डेट की दिक्कतों की वजह से लगभग 6 साल तक थिएटर में रिलीज नहीं सकी. वहीं, जब ये रिलीज होने को तैयार हुई तो ट्रेड पंडितों को डर था कि इसकी पुरानी टेक्नोलॉजी और लुक फ्लॉप हो जाएगा, लेकिन दर्शकों के प्यार और मेगास्टार्स के करिश्मे ने इसे उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक बना दिया. यह एक ऐसे संघर्ष की कहानी है, जिसने सुपरस्टार्स की किस्मत बदल दी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18




















