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8वें वेतन आयोग के इंतजार के बीच 10% बढ़ा डीए, इन कर्मचारियों को बड़ा फायदा

केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने का इंतजार है। बता दें कि वेतन आयोग का गठन पिछले साल नवंबर महीने में किया गया था। इससे पहले, जनवरी के महीने में वेतन आयोग गठन का ऐलान हुआ।

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Car Comparison: इलेक्ट्रिक vs हाइब्रिड कार, 2026 में आपके लिए कौन-सा शानदार ऑप्शन?

Car Comparison: आज के समय में बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों और पर्यावरण को लेकर जागरूकता के कारण लोग इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत में 2026 तक EV मार्केट तेज़ी से ग्रो कर रहा है, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी लागत अब भी चर्चा का विषय है। ऐसे में सवाल उठता है—इलेक्ट्रिक कार बेहतर है या हाइब्रिड?

Electric Cars के फायदे और नुकसान

  • इलेक्ट्रिक कारें पूरी तरह बैटरी पर चलती हैं और जीरो टेलपाइप एमिशन देती हैं। भारत में बिजली की औसत कीमत करीब ₹8 प्रति यूनिट है, जिससे प्रति किलोमीटर खर्च लगभग ₹1–2 तक आता है। मेंटेनेंस भी कम होता है क्योंकि इंजन ऑयल या क्लच जैसी चीजें नहीं होतीं।
  • सरकारी सब्सिडी और 5% GST के कारण EV खरीदना पहले से ज्यादा किफायती हुआ है। Tata Nexon EV और MG ZS EV जैसे मॉडल 300–400 किमी तक की रेंज देते हैं, जो शहर के लिए पर्याप्त है। हालांकि, 8–10 साल बाद बैटरी बदलवाना महंगा हो सकता है। चार्जिंग नेटवर्क अभी मुख्य रूप से शहरों तक सीमित है। ग्रामीण इलाकों में EV चलाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है और रीसेल वैल्यू भी हाइब्रिड से कम रहती है।

Hybrid Cars के फायदे और नुकसान
हाइब्रिड कारें पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर का संयोजन होती हैं। ये बेहतर माइलेज देती हैं और लंबी दूरी के लिए सुविधाजनक रहती हैं। Toyota Innova Hycross और Maruti Grand Vitara जैसे मॉडल लगभग 27–28 किमी/लीटर तक का माइलेज देते हैं। इनमें रेंज की चिंता नहीं रहती क्योंकि पेट्रोल पंप हर जगह उपलब्ध हैं। बैटरी छोटी होने से रिप्लेसमेंट लागत कम होती है और रीसेल वैल्यू बेहतर रहती है। हालांकि, ये EV से महंगी हो सकती हैं और पूरी तरह उत्सर्जन-मुक्त नहीं होतीं।

अगर आपकी ड्राइविंग ज्यादातर शहर में है और चार्जिंग सुविधा उपलब्ध है, तो इलेक्ट्रिक कार बेहतर और किफायती विकल्प है। वहीं, लंबी दूरी और अनियमित यात्रा के लिए हाइब्रिड कार अधिक व्यावहारिक साबित होती है।
(मंजू कुमारी)

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  Sports

Pakistan Hockey की बदहाली! सड़कों पर खिलाड़ी, अब क्रिकेट बोर्ड के चीफ Mohsin Naqvi करेंगे मदद

ऑस्ट्रेलिया में एफआईएच प्रो लीग के मुकाबलों के लिए गई टीम को जिन मुश्किलों का सामना करना पड़ा, उसकी खबर सार्वजनिक होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने देश के हॉकी महासंघ और खिलाड़ियों का समर्थन करने के लिए तुरंत कदम उठाया। पीएचएफ के कुप्रबंधन का खुलासा तब हुआ जब टीम के कप्तान अम्माद शकील बट ने ऑस्ट्रेलिया में टीम की दयनीय स्थिति का खुलासा किया। इस हंगामे के बीच, नक़वी ने कहा कि देश का क्रिकेट बोर्ड हॉकी टीम की मदद करेगा और देश की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है।
 

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नकवी ने कहा कि हम हॉकी खिलाड़ियों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे। हॉकी से जुड़े मामलों को सुचारू बनाने के लिए हम पूरा सहयोग देंगे। नक़वी ने आगे कहा कि आपको सिर्फ खेल पर ध्यान देना चाहिए। पाकिस्तान की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है। हम किसी भी परिस्थिति में देश की गरिमा को धूमिल नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें फेडरेशन का प्रमुख बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन वे आंतरिक संघर्ष को समाप्त करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मैं हॉकी फेडरेशन का अध्यक्ष नहीं बन रहा हूँ, लेकिन जब तक यह उथल-पुथल समाप्त नहीं हो जाती, हम खिलाड़ियों की सहायता करेंगे।

बट ने बताया कि आवास का किराया न चुका पाने के कारण टीम को सड़कों पर भटकना पड़ा। सिडनी में अपने मैच से पहले उन्हें अपने सामान के साथ 12 घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा, जिससे पीएचएफ के भीतर व्याप्त गहरे भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का पर्दाफाश हुआ। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि टीम को 2023 से दैनिक भत्ता नहीं मिला है, और उन्हें अपना खाना खुद बनाना और बाद में सफाई करना पड़ रहा है।
 

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बट ने यह भी स्वीकार किया कि टीम प्रबंधन ने उन पर दबाव डाला था कि वे झूठा दावा करें कि सब कुछ ठीक है, क्योंकि खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगने का खतरा मंडरा रहा था। सिडनी पहुंचने पर पाकिस्तानी हॉकी टीम को लगभग आधे दिन तक इंतजार करना पड़ा, और तब उन्हें पता चला कि भुगतान न होने के कारण उनके आवास की बुकिंग रद्द कर दी गई थी। टीम को अपने 13 दिनों के विदेशी दौरे में से 10 दिन Airbnb के माध्यम से किराए पर लिए गए एक आवास में रहना पड़ा, और बीच में ही उन्हें एक साधारण आवास में स्थानांतरित होना पड़ा। पाकिस्तान खेल बोर्ड ने खुलासा किया कि उसने ऑस्ट्रेलियाई दौरे के आवास खर्चों को पूरा करने के लिए 10 मिलियन रुपये से अधिक की राशि जारी की थी।
Fri, 20 Feb 2026 19:13:41 +0530

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