चीन पर डिजिटल स्ट्राइक करेगा अमेरिका! इन प्रोडक्ट्स को बैन करेगा ट्रंप प्रशासन, रिपोर्ट आई सामने
Chinese Data Center: अमेरिका चीन को बड़ा झटका देने की तैयारी कर रहा है. ट्रंप प्रशासन अमेरिका में चीन से आने वाले डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले नए उपकरणों के आयात पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है. बताया गया कि यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े अहम बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए उठाया जा रहा है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी दूरसंचार क्षेत्र की निगरानी करने वाला संघीय संचार आयोग (FCC) एक ऐसे प्रस्ताव पर काम कर रहा है, जिसके तहत चीन से आयात होने वाले नए ऑप्टिकल ट्रांससीवर पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है. ये उपकरण डेटा सेंटर के भीतर फाइबर-ऑप्टिक केबल के जरिए बेहद तेज गति से डेटा भेजने का काम करते हैं. अधिकारियों को उम्मीद है कि यह प्रस्ताव इसी साल जारी कर दिया जाएगा, जिसके बाद इसे लागू किया जा सकता है.
क्या है बैन का मकसद?
इस प्रस्ताव की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी. इसका मकसद यह है कि चीनी कंपनियां अमेरिकी डेटा सेंटर से डेटा चोरी न कर सकें, उनमें मैलवेयर न डाल सकें और उनकी सेवाओं में कोई बाधा न पहुंचा सकें. इन्हीं डेटा सेंटरों में एआई मॉडल को ट्रेन करने और चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाली चिप्स रखी जाती हैं. इस कदम की खबर पहले नहीं आई थी, लेकिन इसका उद्देश्य चीनी कंपनियों को अमेरिकी डेटा केंद्रों से डेटा चुराने, मैलवेयर स्थापित करने या सेवाओं को बाधित करने से रोकना है, जहां एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने और चलाने के लिए चिप्स रखे जाते हैं.
प्रस्ताव में हो सकता है बदलाव
रिपोर्ट में बताया गया कि हालांकि, एफसीसी (FCC) अभी इस प्रस्ताव में बदलाव कर सकता है या इसे कुछ समय के लिए टाल भी सकता है. लेकिन यह कदम दिखाता है कि ट्रंप प्रशासन अमेरिकी हाई-टेक उद्योगों में चीनी तकनीक की पहुंच को शुरू में ही रोकना चाहता है, ताकि वह अमेरिका की सप्लाई चेन का हिस्सा न बन सके.
क्या ट्रंप पर होने वाला था अटैक? अमेरिकी राष्ट्रपति के गोल्फ क्लब के पास बंदूक लिए कार में बैठा था शख्स
अमेरिकी पुलिस ने लॉस एंजिलिसिस के पास स्थित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेशनल गोल्फ क्लब के बाहर से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. शख्स के पास हथियार था. आरोपी की पहचान हो गई है. उसका नाम जीनिन जॉन टेले है, जो 38 साल का है. टेले अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य का रहने वाला है. खास बात है कि ये गिरफ्तारी ऐसे वक्त पर हुई है, जब डोनाल्ड ट्रंप कैलिफोर्निया का दौरा करने वाले थे.
गोल्फ क्लब कैंपस की फोटो-वीडियो बना रहा था आरोपी- काउंटी शेरिफ
काउंटी शेरिफ के अनुसार, रविवार को आरोपी को गोल्फ क्लब की पार्किंग के पास रोका गया था, जब उसके कार की तलाशी ली गई तो कार से पिस्टल, प्रतिबंधित आर्मर-पियर्सिंग गोलियां बरामद हुईं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी गोल्फ क्लब परिसर में घूम-घूमकर फोटो-वीडियो बना रहा था. उसकी हरकत संदिग्ध थी. वह सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रहा था.
अमेरिका की सीक्रेट सर्विस कर रही जांच
काउंटी शेरिफ के अनुसार, आरोपी को छिपाकर हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. मामले की जांच एफबीआई की जॉइंट टेररिज्म टास्क फोर्स और अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के साथ मिलकर की जा रही है. आरोपी हिरासत में है और उसकी जांच हो रही है. बता दें, ट्रंप इस सप्ताह कैलिफोर्निया जाने वाले हैं. वे यहां रिपब्लिकलन नेशनल कमेटी के फंडरेजिंग डिनर कार्यक्रम में शामिल होंगे. उनकी कैलिफोर्निया यात्रा से पहले हुई इस गिरफ्तारी को काफी ज्यादा अहम माना जा रहा है.
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