अमित शाह बोले- कांग्रेस ने सीमाएं खुली छोड़ीं, घुसपैठ बढ़ी:असम से ₹6900 करोड़ की योजना लॉन्च की; कहा- 5 साल में राज्य को बाढ़मुक्त करेंगे
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस ने देश की सीमाएं खुली छोड़ दी थीं, जिसकी वजह से असम में घुसपैठ बढ़ी। भाजपा सरकार ने इस समस्या से सख्ती से निपटा है। शाह ने असम के कछार जिले में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में असम में कोई विकास कार्यक्रम शुरू नहीं हुआ। आज राज्य में हर दिन 14 किलोमीटर सड़क बन रही है, जो देश में सबसे ज्यादा है। शाह दो दिन के लिए असम दौरे पर हैं। उन्होंने कछार के नाथनपुर गांव से ₹6,900 करोड़ रुपए की ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ के दूसरे चरण की शुरुआत की। इसके तहत देशभर के 15 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करेगा। अमित शाह के भाषण की 5 बड़ी बातें... भारत-बांग्लादेश सीमा पर जाएंगे शाह शाह नाथनपुर स्थित भारत-बांग्लादेश सीमा चौकी का भी निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। वे शनिवार को गुवाहाटी के अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में CRPF के वार्षिक दिवस परेड में शामिल होंगे। यह आयोजन पहली बार पूर्वोत्तर में हो रहा है। इसके अलावा वे सोनापुर के कसुतोली में 10वीं असम पुलिस बटालियन के नए परिसर की आधारशिला रखेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह असम के दौरे से पहले बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी राज्य का दौरा किया था। प्रिंयका गांधी भी असम दौरे पर हैं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी दो दिन के असम दौरे पर है। प्रियंका शुक्रवार सुबह गुवाहाटी के पास सोनापुर पहुंचीं। यहां उन्होंने गायक जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। प्रियंका ने कहा कि असम के सीएम चुनाव से पहले डर गए हैं, इसलिए इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। उन्हें निजी आरोपों की बजाय राज्य के विकास पर बात करनी चाहिए। गौरव जी और उनके परिवार को जिस तरह निशाना बनाया जा रहा है, उससे साफ है कि यह गलत राजनीति है। पूरी खबर पढ़ें… असम में अप्रैल के पहले हफ्ते में वोटिंग संभव असम विधानसभा के चुनाव अप्रैल के पहले हफ्ते में हो सकते हैं। चुनाव आयोग इसका ऐलान अगले महीने 4 से 8 मार्च के बीच कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी 126 सीटों के लिए एक या अधिकतम दो फेज में वोटिंग होने की संभावना है। कांग्रेस सहित राज्य की छोटी-बड़ी राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव आयोग के साथ बैठक में इसकी मांग रखी है। पार्टियों ने चुनाव की तारीख बिहू त्योहार के आसपास रखने की अपील की है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग वोटिंग कर सके। पूरी खबर पढ़ें… ----------- असम की राजनीति से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भाजपा जॉइन करेंगे:22 फरवरी को सदस्यता, CM हिमंता ने मुलाकात की; बोरा ने एक दिन पहले कांग्रेस छोड़ी थी असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के भाजपा जॉइन करने की अटकलों पर आखिरकार मुहर लग गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बोरा के घर जाकर उनसे मुलाकात की। इसके बाद CM ने बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि वे 22 फरवरी को पार्टी की सदस्यता लेंगे। पूरी खबर पढ़ें… कांग्रेस सांसद गोगोई बोले- CM हिमंता असम के जिन्ना:नेताओं को 'हिंदू सर्टिफिकेट' देना बंद करें, जो भी भाजपा में गया, वह गैरजरूरी हुआ असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने असम सीएम हिमंता बिस्व सरमा और कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन करने जा रहे भूपेन कुमार बोरा पर कमेंट किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हिमंता ने बोरा को कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता बताया है। हिमंता ‘असम के जिन्ना’ हैं, उन्हें नेताओं को ‘हिंदू सर्टिफिकेट’ देना बंद करना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
सुप्रीम कोर्ट बोला-बंगाल सरकार और EC में भरोसे की कमी:कलकत्ता हाईकोर्ट को निर्देश- SIR प्रक्रिया के लिए न्यायिक अधिकारी तैनात करें
पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राज्य सरकार और चुनाव आयोग (EC) के बीच विवाद जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को इस प्रक्रिया में सहयोग के लिए न्यायिक अधिकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि सरकार और आयोग के बीच विश्वास की कमी के कारण SIR ड्राफ्ट रोल से जुड़े दावे और आपत्तियों का निपटारा और निगरानी सेवारत और पूर्व न्यायिक अधिकारी करेंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर पूर्व जजों की सेवाएं भी ली सकती हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों के आदेश अदालत के आदेश माने जाएंगे। कलेक्टर और एसपी को इन आदेशों का पालन कराना होगा। साथ ही चुनाव आयोग को 28 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने की परमिशन दी गई है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर बाद में सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करने की भी छूट दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार द्वारा पर्याप्त ग्रेड-ए अधिकारियों को SIR प्रक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं कराने पर गंभीर टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की मदद के लिए माइक्रो-ऑब्जर्वर और राज्य सरकार के अधिकारी तैनात रहेंगे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को मुख्य सचिव, डीजीपी और चुनाव आयोग के अधिकारियों समेत सभी संबंधित पक्षों की बैठक बुलाने का निर्देश दिया है, ताकि SIR प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके।
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