T20 World Cup 2026: कौन सी 4 टीमें बनाएंगी सेमीफाइनल में जगह, जानिए किन चार की होगी छुट्टी
T20 World Cup 2026: आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 के मुकाबले 21 फरवरी से शुरू होने जा रहे हैं. सुपर-8 के पहले मैच में पाकिस्तान की टक्कर न्यूजीलैंड से होने वाली है. तो वहीं 22 फरवरी को भारत और साउथ अफ्रीका के बीच मुकाबला होगा. सुपर-8 में भारत, साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज, श्रीलंका, पाकिस्तान, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने जगह बनाई है. अब इन आठ टीमों में से कौन सी 4 टीमों सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी. ये सवाल तमाम क्रिकेट फैंस के मन में बना हुआ है.
कौन सी 4 टीमें बनाएंगी सेमीफाइनल में जगह
इन सवाल का जवाब अब भारत के दिग्गज क्रिकेटर्स ने दिया है. भारतीय क्रिकेटर्स ने स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क से साथ बात करते हुए अपनी टॉप 4 टीमें यानी की चार सेमीफाइनलिस्ट टीमें चुन ली हैं. ज्यादातर पूर्व क्रिकेटर्स ने ग्रुप-1 से भारत और साउथ अफ्रीका को चुना है, तो वहीं ग्रुप-2 से इंग्लैंड, श्रीलंका, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड सभी को चुना गया है. तो आइए जानते हैं कि किस पूर्व क्रिकेटर ने कौन सी चार टीमों को अपनी सेमीफाइनलिस्ट टीम चुना है.
Predictions are in! ????
— Star Sports (@StarSportsIndia) February 20, 2026
Experts share their Top 4 predictions for the ICC Men’s T20 World Cup 2026. ????????
Who’s in your Final Four? ????
ICC Men's #T20WorldCup SUPER 8 ???? #INDvSA | SUN, 22 FEB, 6 PM pic.twitter.com/nIues1mHfz
पूर्व क्रिकेटर्स ने चुनी अपनी सेमीफाइनलिस्ट टीमें
- युजवेंद्र चहल - इंडिया, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड
- चेतेश्वर पुजारा - इंडिया, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका और न्यूजीलैंड
- मोहम्मद कैफ - इंडिया, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड
- वरुण एरोन - इंडिया, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और पाकिस्तान
- संजय बांगर - इंडिया, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका और पाकिस्तान
- सबा करीम - इंडिया, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और श्रीलंका
सूर्यकुमार यादव पर होगा दबाव
आपको बता दें कि भारतीय क्रिकेट टीम इस टूर्नामेंट में बतौर डिफेंडिंग चैंपियन उतर रही है. ऐसे में सूर्यकुमार यादव के ऊपर खिताब जीतने का दबाव होगा. रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब अपने नाम किया था. अब सूर्या कोच गौतम गंभीर के साथ मिलकर ट्रॉफी पर कब्जा करना चाहेंगे.
The eight teams have checked in for the #T20WorldCup Super 8 stage ✅
— ICC (@ICC) February 18, 2026
‘Created with Nano Banana on Google Gemini’ pic.twitter.com/RMKjzFBikP
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कौन है राउल जॉन? जिसने खुद को बताया AI Kid Of India
दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में 16 वर्षीय राउल जॉन अजू ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. ‘AI Kid of India’ के नाम से पहचाने जाने वाले राउल ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की. इस अवसर को उन्होंने अपने जीवन का खास पल बताया. राउल को समिट में इसलिए आमंत्रित किया गया क्योंकि वे कम उम्र में ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर चुके हैं और बड़ी संख्या में छात्रों को प्रशिक्षण दे चुके हैं.
खुद सीखा, हजारों को सिखाया
राउल का दावा है कि वे अब तक लगभग 1.5 लाख छात्रों और कई कंपनियों को AI की ट्रेनिंग दे चुके हैं. खास बात यह है कि उन्होंने अधिकतर तकनीकी ज्ञान खुद सीखा. यूट्यूब वीडियो, ऑनलाइन संसाधनों और माता-पिता के मार्गदर्शन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया. 12 साल की उम्र में उन्होंने अपना पहला रोबोट बनाया और आगे चलकर ‘AI Realm Technologies’ नाम से कंपनी की शुरुआत की.
वे IIT मद्रास, Google समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में AI पर सत्र ले चुके हैं. भारत के अलावा UAE, अमेरिका और ब्रिटेन में भी उन्होंने छात्रों और पेशेवरों को संबोधित किया है.
'MeBot' आवाज में पढ़ाने वाला रोबोट
राउल का बनाया ‘MeBot’ रोबोट उनकी ही आवाज में छात्रों को पढ़ाता है. यह Jetson Nano तकनीक पर आधारित है और जटिल AI अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाने के लिए डिजाइन किया गया है. राउल इसे मजाक में अपना ‘क्लोन’ कहते हैं, जो उनके आराम करने के दौरान भी बच्चों को पढ़ा सकता है. उनका लक्ष्य है कि तकनीक को छोटे बच्चों के लिए भी सुलभ और रोचक बनाया जाए.
AI की सरल परिभाषा
मुंबई के एक कार्यक्रम में राउल ने AI को बेहद आसान शब्दों में समझाया. उनके अनुसार, AI वही तकनीक है जो मोबाइल में ऑटो-करेक्ट या यूट्यूब पर सुझाव देती है. यह पैटर्न पहचानकर अगले कदम का अनुमान लगाती है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि AI इंसानों की तरह सोचती नहीं है; गलत डेटा मिलने पर वह गलत परिणाम दे सकती है, जिसे ‘हॉलुसीनेशन’ कहा जाता है. साथ ही बड़े AI मॉडल्स के ऊर्जा खपत पर भी उन्होंने चिंता जताई.
भविष्य और शिक्षा पर नजर
राउल का मानना है कि AI नौकरियां खत्म नहीं करेगी, बल्कि जो लोग AI का बेहतर उपयोग करेंगे वे आगे बढ़ेंगे. उनके अनुसार, भविष्य में रचनात्मकता, प्रबंधन कौशल और मानवीय समझ ज्यादा अहम होगी. वे शिक्षा प्रणाली में बदलाव की भी वकालत करते हैं, जहां रटने की बजाय जिज्ञासा और प्रयोग को बढ़ावा मिले. दिलचस्प यह है कि करोड़ों की कंपनी संभालने के बावजूद राउल अब भी नियमित स्कूल जाते हैं, ताकि सामान्य जीवन का संतुलन बनाए रख सकें.
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