Summer Gardening: गर्मी में खिल उठेगा आपका गार्डन! जान लें बीजों को बोने और देखभाल का तरीका
Summer Gardening: सर्दी खत्म होते ही बागवानी के शौकीनों के मन में रंग-बिरंगे फूलों से भरा गार्डन सजाने की इच्छा जागने लगती है। लेकिन अक्सर लोग यह समझ नहीं पाते कि गर्मियों के फूलों के बीज कब बोएं, ताकि सही समय पर पौधे मजबूत हों और भरपूर खिलें। सही टाइमिंग और सही देखभाल ही खूबसूरत गार्डन की असली कुंजी है।
सूरजमुखी की चमक हो, जीनिया की रंगत या कॉसमॉस की हल्की खुशबू हर फूल का अपना मौसम और तरीका होता है। अगर आप भी इस बार अपने घर की बालकनी या गार्डन को फूलों से महकाना चाहते हैं, तो जान लें बुवाई का सही समय और उगाने की आसान विधि।
गर्मियों के फूलों के बीज कब बोएं?
गर्मियों में खिलने वाले ज्यादातर फूलों की बुवाई फरवरी के अंत से मार्च और अप्रैल की शुरुआत तक करना सबसे बेहतर माना जाता है। उत्तर भारत में ठंड कम होते ही बीज बोना सही रहता है, जबकि दक्षिण भारत में जनवरी के अंत से ही बुवाई शुरू की जा सकती है। ध्यान रखें कि बीज बोते समय तापमान 18 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच हो, ताकि अंकुरण अच्छे से हो सके।
सूरजमुखी उगाने का तरीका
सूरजमुखी को धूप बहुत पसंद है। इसके बीज सीधे गमले या जमीन में 1-1.5 इंच गहराई पर बोएं। मिट्टी अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए। रोज हल्की सिंचाई करें, लेकिन पानी जमा न होने दें। 60-70 दिनों में पौधा खिलने लगता है।
जीनिया की बुवाई और देखभाल
जीनिया कम देखभाल में भी अच्छी तरह उगता है। बीज को मिट्टी की सतह से लगभग आधा इंच नीचे दबाएं। अंकुरण 5-7 दिनों में शुरू हो जाता है। पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे। यह फूल तेज धूप में बेहतर खिलता है।
कॉसमॉस और गेंदा कैसे उगाएं?
कॉसमॉस हल्की मिट्टी में जल्दी उगता है और ज्यादा खाद की जरूरत नहीं होती। वहीं गेंदा गर्मी में सबसे लोकप्रिय फूल है। बीज बोने के बाद 7-10 दिनों में अंकुर निकल आते हैं। नियमित पानी और धूप मिलने पर पौधे घने और फूलदार बनते हैं।
मिट्टी और खाद का ध्यान रखें
गमले की मिट्टी में 60% गार्डन सॉइल, 30% गोबर की खाद और 10% रेत मिलाना फायदेमंद रहता है। महीने में एक बार जैविक खाद देने से पौधों की ग्रोथ बेहतर होती है। कीटों से बचाव के लिए नीम के तेल का छिड़काव किया जा सकता है।
कुछ जरूरी टिप्स
- बीज बोने के बाद हल्की सिंचाई करें।
- पौधों को रोज कम से कम 5-6 घंटे धूप मिले।
- ज्यादा पानी देने से जड़ सड़ सकती है।
- सूखे फूलों को समय-समय पर हटाते रहें।
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जीरा अजवाइन पाउडर: पाचन से लेकर इम्यूनिटी तक होगी मजूबत, वजन घटाने में मिलेगी मदद; गजब के हैं 5 फायदे
Jeera Ajwain Powder: रसोई में रखे छोटे-छोटे मसाले सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाते, बल्कि सेहत का खजाना भी होते हैं। जीरा और अजवाइन ऐसी ही दो चीजें हैं, जिनका इस्तेमाल सदियों से घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है। अगर इन दोनों को मिलाकर पाउडर बना लिया जाए, तो यह शरीर के लिए और भी फायदेमंद साबित हो सकता है।
आजकल गैस, अपच और कमजोर पाचन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में दवाइयों के बजाय कई लोग प्राकृतिक उपायों की ओर रुख कर रहे हैं। जीरा-अजवाइन पाउडर एक आसान और असरदार घरेलू विकल्प माना जाता है, जिसे सही मात्रा में लेने से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।
जीरा-अजवाइन पाउडर के 5 बड़े फायदे
पाचन तंत्र को बनाता है मजबूत
जीरा और अजवाइन दोनों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में मदद करते हैं। इससे खाना जल्दी और बेहतर तरीके से पचता है। गैस, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याओं में यह पाउडर राहत दे सकता है। भोजन के बाद आधा चम्मच गुनगुने पानी के साथ लेना फायदेमंद माना जाता है।
गैस और ब्लोटिंग से राहत
अजवाइन में मौजूद थाइमोल तत्व पेट की ऐंठन और गैस की समस्या को कम करने में सहायक होता है। वहीं, जीरा पेट में जमा अतिरिक्त हवा को बाहर निकालने में मदद करता है। नियमित सेवन से पेट हल्का महसूस हो सकता है।
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वजन घटाने में मददगार
जीरा-अजवाइन पाउडर मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करता है। यह शरीर में फैट बर्निंग प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करने से वजन नियंत्रण में सहायता मिल सकती है।
इम्युनिटी को करता है मजबूत
इन दोनों मसालों में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। बदलते मौसम में सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं से बचाव के लिए यह घरेलू उपाय कारगर हो सकता है।
ब्लड शुगर को संतुलित रखने में सहायक
कुछ अध्ययनों के अनुसार जीरा ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। अजवाइन भी मेटाबॉलिक हेल्थ को सपोर्ट करती है। हालांकि डायबिटीज के मरीजों को इसे नियमित रूप से लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
कैसे बनाएं जीरा-अजवाइन पाउडर?
बराबर मात्रा में जीरा और अजवाइन को धीमी आंच पर हल्का भून लें। ठंडा होने के बाद इन्हें मिक्सी में पीसकर एयरटाइट डिब्बे में रख लें। रोजाना आधा चम्मच पर्याप्त माना जाता है।
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
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(लेखक:कीर्ति)
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